आरोपों के बीच सेंगर की बेटियों की आवाज : बोलीं – सच अदालत में तय होगा
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Wed, Dec 31, 2025
सोशल मीडिया पर छोटी बेटी की भावुक चिट्ठी, बड़ी बेटी ने आरोपों को बताया गलत
उन्नाव। पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की बेटियों ने अपने पिता को लेकर उठ रहे सवालों और आरोपों के बीच सामने आकर जो बात रखी है, उसे एक बेटी का दर्द और परिवार की पीड़ा के तौर पर देखा जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में सजा निलंबन के मामले पर आए ताजा घटनाक्रम के बाद सेंगर की दोनों बेटियों ने साफ कहा है कि वे न्यायालय का सम्मान करती हैं, लेकिन अपने पिता को लेकर लगाए गए आरोपों से सहमत नहीं हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सेंगर की छोटी बेटी इशिता की ओर से साझा की गई भावुक चिट्ठी ने लोगों का ध्यान खींचा। चिट्ठी में उसने एक बेटी के तौर पर अपने पिता के लिए भावनाएं व्यक्त कीं और कहा कि वर्षों से उनका परिवार इस पूरे मामले की वजह से मानसिक और सामाजिक दबाव झेल रहा है। उसने लिखा कि एक बेटी के लिए पिता सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि पूरा सहारा और सुरक्षा होते हैं। ऐसे में बार-बार पिता को अपराधी कहे जाने से परिवार को गहरा आघात पहुंचता है।
वहीं, बड़ी बेटी एश्वर्या ने भी अपनी बात रखते हुए दुष्कर्म के आरोपों को गलत बताया। उसने कहा कि उसके पिता के खिलाफ लगाए गए आरोपों में कई तथ्य ऐसे हैं, जिन पर सवाल उठते हैं। उसने मोबाइल लोकेशन समेत अन्य पहलुओं का जिक्र करते हुए कहा कि तथ्यों के आधार पर पूरे मामले को देखा जाना चाहिए, न कि भावनाओं के आधार पर। बड़ी बेटी का कहना है कि अदालत में जो भी फैसला होगा, वह सभी को स्वीकार्य होना चाहिए, लेकिन तब तक किसी को दोषी ठहराना सही नहीं है। सेंगर की बेटियों ने यह भी कहा कि वे किसी के दर्द को नकार नहीं रहीं, लेकिन एकतरफा कहानी सुनाकर उनके पिता और परिवार को लगातार निशाने पर लिया जा रहा है। उनका कहना है कि इस पूरे प्रकरण में परिवार के अन्य सदस्य, खासकर बेटियां, बिना किसी गलती के सजा भुगत रही हैं। समाज में पहचान, रिश्ते और सामान्य जीवन जीना तक मुश्किल हो गया है। बेटियों का कहना है कि जब हाईकोर्ट ने सजा निलंबित किया था, तब भी उन्होंने कोई जश्न नहीं मनाया, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताया। अब सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश के अमल पर रोक लगाई है, तो वे उसे भी अदालत का फैसला मानती हैं। उनका साफ कहना है कि अंतिम निर्णय आने तक सभी को संयम रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में अदालत में सभी पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी। पहले सेंगर पक्ष के वकील, फिर सीबीआई और अन्य पक्ष अपनी बात रखेंगे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला देगा, वह कानून के दायरे में होगा। सेंगर की बेटियों ने भरोसा जताया कि अंत में सच सामने आएगा। बेटियों की अपील है कि इस मामले को केवल राजनीतिक या भावनात्मक नजरिए से न देखा जाए। एक पिता के साथ साथ एक परिवार भी कटघरे में खड़ा है, जिसकी आवाज अक्सर अनसुनी रह जाती है। उनका कहना है कि वे भी इंसाफ चाहती हैं और उन्हें उम्मीद है कि न्यायालय का अंतिम फैसला सभी सच्चाइयों को सामने लाएगा।
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