उन्नाव में छिपे उल्फा-आई फंडिंग नेटवर्क के दो आरोपी गिरफ्तार : बुधवारी मोहल्ले में किराए के मकान में रह रहे थे
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Fri, May 29, 2026
सहारनपुर और कानपुर के रहने वाले हैं दोनों आरोपी, असम पुलिस साथ ले गई
उन्नाव। असम में सक्रिय प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा-आई) के लिए कथित तौर पर फंडिंग करने वाले दो आरोपियों को असम पुलिस ने उन्नाव से गिरफ्तार किया है। दोनों पिछले कई महीनों से शहर के सदर कोतवाली क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहे थे और सामान्य कारोबारी की तरह जिंदगी गुजार रहे थे। गिरफ्तारी के बाद स्थानीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। असम पुलिस की टीम ने उन्नाव पुलिस और स्वाट टीम की मदद से बुधवार को सदर क्षेत्र के बुधवारी मोहल्ले में दबिश देकर सहारनपुर निवासी नूर मोहम्मद और कानपुर निवासी मोहम्मद सुभान अहमद को पकड़ा। दोनों पर आरोप है कि वे उल्फा-आई के लिए आर्थिक मदद जुटाने के नेटवर्क से जुड़े हुए थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, दोनों आरोपियों के खिलाफ असम के तिनसुकिया जिले में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत पहले से मुकदमा दर्ज था। इसी मामले में उनकी तलाश की जा रही थी। असम पुलिस को लंबे समय से दोनों की लोकेशन नहीं मिल रही थी, लेकिन सर्विलांस के जरिए उनकी गतिविधियों का पता लगाते हुए टीम उन्नाव तक पहुंची।
सर्विलांस से खुली लोकेशन, उन्नाव पुलिस से मांगी गई मदद
मामले की जांच तिनसुकिया क्राइम ब्रांच में तैनात डीएसपी (एस एंड आई) रितूपर्णो गोगोई कर रहे थे। जांच के दौरान तकनीकी निगरानी और मोबाइल लोकेशन के जरिए दोनों आरोपियों की मौजूदगी उन्नाव में ट्रेस की गई। इसके बाद असम पुलिस ने उन्नाव के एसपी जय प्रकाश सिंह से संपर्क किया और स्थानीय पुलिस सहयोग मांगा। सूत्रों के अनुसार, उन्नाव पुलिस की सर्विलांस सेल ने भी आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। लोकेशन पूरी तरह कन्फर्म होने के बाद असम पुलिस, स्वाट टीम और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
किराए के मकान में रह रहे थे आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी सदर क्षेत्र के बुधवारी मोहल्ले में शहादत उर्फ सादात अहमद के मकान में किराए पर रह रहे थे। आसपास रहने वाले लोगों को भी उनके खिलाफ चल रही जांच की जानकारी नहीं थी। मोहल्ले के लोगों के मुताबिक, दोनों सामान्य तरीके से रह रहे थे और किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि खुलकर सामने नहीं आई थी। मकान मालिक सादात अहमद ने बताया कि नूर मोहम्मद वर्ष 2021 से उनके यहां रह रहा था। शुरुआत में उसकी पत्नी और बच्चे भी साथ रहते थे, लेकिन कुछ महीने पहले उसने परिवार को कहीं और भेज दिया था और अकेले रहने लगा था। उन्होंने बताया कि नूर मोहम्मद खुद को पेट फूड कारोबारी बताता था। उसका व्यवहार सामान्य था और कभी किसी को उस पर शक नहीं हुआ। मकान मालिक के मुताबिक, कुछ समय पहले भी पुलिस उसे एक बार पूछताछ या गिरफ्तारी के लिए ले गई थी, लेकिन बाद में वह जमानत पर वापस आ गया था। सादात अहमद ने कहा कि उस समय उन्होंने स्थानीय लोगों और पुलिस से सलाह ली थी। उन्हें बताया गया था कि यदि किरायेदार के दस्तावेज सही हैं तो उसे वहीं रहने देना बेहतर होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर एजेंसियां उसे आसानी से ट्रेस कर सकें।
कोर्ट से मिला ट्रांजिट रिमांड
गिरफ्तारी के बाद असम पुलिस ने दोनों आरोपियों को उन्नाव की सीजेएम कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड की मांग की गई, जिसे सुनवाई के बाद सीजेएम भाव्या तिवारी ने मंजूर कर लिया। इसके बाद असम पुलिस दोनों आरोपियों को अपने साथ लेकर रवाना हो गई। सदर कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ असम में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है और असम पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लेकर गई है।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, नेटवर्क की पड़ताल जारी
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों के संपर्क किन लोगों से थे और क्या उत्तर प्रदेश में रहकर वे किसी बड़े नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फंडिंग का पैसा कहां से आता था और किन माध्यमों से आगे पहुंचाया जाता था। सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंकिंग लेनदेन और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और खुलासे हो सकते हैं। वहीं मकान मालिक ने प्रशासन से अपील की है कि आरोपियों के कमरे में रखा सामान पुलिस अपनी निगरानी में लेकर मकान खाली कराए। उनका कहना है कि उन्हें मीडिया से ही जानकारी मिली कि उनके यहां रहने वाले लोग किसी उग्रवादी संगठन के लिए फंडिंग के आरोप में पकड़े गए हैं। फिलहाल इस गिरफ्तारी के बाद उन्नाव समेत आसपास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और असम पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगी हुई है।
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Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news
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