गंगा में नहाने गए दोस्तों पर टूटा कहर : दो युवक डूबे; एक का शव मिला, दूसरे की तलाश जारी
Wed, May 6, 2026
चंदन घाट पर हादसा, तीन दोस्तों को बचाया गया; सुरक्षा इंतजामों पर फिर उठे सवाल
उन्नाव। गंगाघाट इलाके में बुधवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब गंगा नदी में नहाने गए पांच दोस्तों में से दो अचानक तेज बहाव में फंसकर डूब गए। मौके पर मौजूद लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए तीन युवकों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन दो युवक गहरे पानी में समा गए। हादसे में डूबने वालों की पहचान अचलगंज थाना क्षेत्र के जालिमखेड़ा निवासी जीतू शर्मा (22) और आशीष गुप्ता (20) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सभी दोस्त एक साथ गंगा स्नान के लिए चंदन घाट पहुंचे थे। नहाते समय दोनों युवक अनजाने में गहराई वाले हिस्से में चले गए और तेज धारा के चलते संतुलन नहीं संभाल पाए। घटना की सूचना मिलते ही गंगाघाट पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से देर शाम तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। काफी प्रयास के बाद गोताखोरों ने जीतू शर्मा का शव बरामद कर लिया, जबकि आशीष गुप्ता की तलाश रात तक जारी रही। हादसे की खबर मिलते ही दोनों युवकों के परिवार के लोग भी घाट पर पहुंच गए। मौके पर चीख-पुकार और मातम का माहौल बन गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चंदन घाट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगे हैं और न ही खतरनाक गहराई वाले स्थानों की स्पष्ट पहचान है। इसी वजह से यहां पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं। जाजमऊ चौकी इंचार्ज विनोद सिंह के मुताबिक, दूसरे युवक की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि गंगा में नहाते समय सावधानी बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि भीड़भाड़ वाले घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार विभाग कितने गंभीर हैं।
खेत में सिंचाई करते समय किसान की मौत : परिवार पर टूटा संकट
Wed, May 6, 2026
अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम; पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
उन्नाव। सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के ईधनीमऊ गांव में बुधवार को एक दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया। खेत में सिंचाई कर रहे 30 वर्षीय किसान रामबाबू की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। घटना इतनी अचानक हुई कि परिजन और ग्रामीण कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उनकी जान चली गई।बताया जा रहा है कि रामबाबू अपनी मां रामकली के साथ खेत में घुइयां की फसल में पानी लगा रहे थे। काम के दौरान ही उन्हें चक्कर आया और वह अचानक जमीन पर गिर पड़े। मां ने शोर मचाया तो आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सफीपुर ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती तौर पर मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही असल वजह सामने आएगी। परिवार के लोगों के मुताबिक, रामबाबू पूरी तरह स्वस्थ थे और रोज की तरह खेत पर काम कर रहे थे। उनकी अचानक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वह घर के इकलौते कमाने वाले थे। करीब चार साल पहले उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद खेती-बाड़ी और परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। रामबाबू के पीछे उनकी पत्नी, 6 साल की बेटी और महज 7 महीने का बेटा है। घटना के बाद परिवार पर आर्थिक संकट भी गहराने लगा है। परिजनों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। थानाध्यक्ष एसएन त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे गांव में शोक का माहौल है और हर कोई इस अचानक हुई मौत से हैरान है।
जमीन विवाद : पंकज गुप्ता का साफ रुख, बोले—निष्पक्ष जांच हो, सही को मिले हक
Wed, May 6, 2026
विधायक बोले, अपने भी गलत हों तो कार्रवाई हो — ब्रजेश रावत को बताया बड़े भाई जैसा, बोले—शायद गलतफहमी
उन्नाव। हाईवे किनारे कीमती जमीन को लेकर सामने आए विवाद में सदर विधायक पंकज गुप्ता ने स्पष्ट और सख्त रुख अपनाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले से उनका कोई सीधा संबंध नहीं है और प्रशासन को केवल साक्ष्यों के आधार पर ही निर्णय लेना चाहिए। यह विवाद नवीन मंडी के पास करीब 6 बीघा जमीन को लेकर है, जहां कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। मामले में विधायक की बहन का नाम सामने आने के बाद पंकज गुप्ता खुद सामने आए और पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए पारदर्शी कार्रवाई की मांग की।
“सच सामने आए, यही प्राथमिकता”
पंकज गुप्ता ने बताया कि उन्हें इस प्रकरण की जानकारी बाद में मिली, जिसके बाद उन्होंने तुरंत जिला प्रशासन से संपर्क कर निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यदि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और स्टे आदेश प्रभावी है, तो प्रशासन को उसी के अनुरूप कार्रवाई करनी चाहिए। उनका साफ कहना है कि “दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए” और जो भी पक्ष सही हो, उसे उसका अधिकार मिलना चाहिए।
अपने लोगों पर भी कार्रवाई की बात
विधायक का रुख इस मामले में इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने साफ कहा कि यदि जांच में उनके परिवार का कोई सदस्य भी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार का दबाव या पक्षपात न किया जाए।
ब्रजेश रावत को बताया बड़े भाई जैसा
पंकज गुप्ता ने कहा कि दूसरे पक्ष के विधायक ब्रजेश रावत उनके लिए बड़े भाई जैसे हैं और दोनों एक ही पार्टी परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि “संभव है कि इस पूरे मामले में कोई गलतफहमी हो गई हो, जिसे निष्पक्ष जांच के जरिए दूर किया जाना चाहिए।” उनके इस बयान को विवाद को शांत करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
“नाम घसीटकर छवि खराब करने की कोशिश”
विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर उनका नाम इस विवाद में जोड़कर उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के नाम उछालना गलत है और इससे राजनीतिक माहौल प्रभावित होता है।
अधिकारी का बयान: दोनों गाटे अलग-अलग गांव के, मामला कोर्ट में विचाराधीन
उप जिलाधिकारी सदर क्षितिज द्विवेदी ने बताया कि सोशल मीडिया व विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म पर सदर विधायक की बहन दीप्ति गुप्ता और मोहान विधायक ब्रजेश कुमार रावत के बीच भूमि विवाद की खबरें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि मौके पर राजस्व टीम और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया, जिसमें दोनों पक्ष मौजूद रहे। उपलब्ध कराए गए अभिलेखों के परीक्षण में पाया गया कि दीप्ति गुप्ता के नाम ग्राम उन्नाव क्षेत्र में गाटा संख्या 2324 (रकबा 0.1260 हेक्टेयर) दर्ज है, जबकि ब्रजेश रावत पक्ष के नाम ग्राम वाजिदपुर राजेपुर क्षेत्र में गाटा संख्या 763 व 764 (प्रत्येक 0.2020 हेक्टेयर) दर्ज हैं।एसडीएम के अनुसार, दोनों गाटे अलग-अलग गांव के हैं, जो एक-दूसरे की सीमा पर स्थित हैं, जबकि विवादित स्थल को दोनों पक्ष अपनी-अपनी भूमि बता रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में दीवानी वाद संख्या 200219/2019 सिविल जज (जू.डि.) दक्षिणी उन्नाव के न्यायालय में विचाराधीन है, जिसकी अगली सुनवाई 20 मई 2026 को निर्धारित है। प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों को कोतवाली पुलिस की मौजूदगी में मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने और यथास्थिति कायम रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस पर दोनों पक्षों ने सहमति जताई है।