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मुहर्रम में खिदमत और इंसानियत की मिसाल : जीएनआरएफ ने राहगीरों को पिलाया शर्बत

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Wed, Jun 24, 2026
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इमाम हुसैन की याद में दस दिनों तक शहरभर में सेवा शिविर

सामाजिक कार्यों में भी लगातार सक्रिय है जीएनआरएफ संस्था

उन्नाव। मुहर्रम के दिनों में लोग ग़मी के अलावा सब्र, मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम देते हुए राह चलते लोगों को ठंडा और मीठा शर्बत पिलाते हैं। कर्बला के शहीदों की याद में प्यासे को पानी या शर्बत पिलाना भी सवाब और नेक काम माना जाता है। यही वजह है कि मुहर्रम में जगह-जगह सबील लगाकर लोगों की सेवा की जाती है। इसी कड़ी में बुधवार को जीएनआरएफ (गरीब नवाज रिलीफ फाउंडेशन) की ओर से शहर की जामा मस्जिद के मुख्य द्वार पर राहगीरों, नमाजियों और आम लोगों के लिए शर्बत वितरण शिविर लगाया गया। गर्मी और उमस के बीच लगाए गए इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने शर्बत पीकर राहत महसूस की। संस्था के कार्यकर्ताओं ने इसे इमाम ए हुसैन की याद में खिदमत और इंसानियत का एक छोटा प्रयास बताया। सुबह से शुरू हुआ यह कार्यक्रम शाम तक चलता रहा। मस्जिद आने-जाने वाले लोगों के साथ बाजार से गुजरने वाले राहगीरों, रिक्शा चालकों, मजदूरों और दुकानदारों को भी शर्बत बांटा गया। आयोजन के दौरान वहां मौजूद लोगों ने संस्था के इस कदम की सराहना की और इसे समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश बताया।
जीएनआरएफ के पदाधिकारियों ने बताया कि मुहर्रम की पहली तारीख से लेकर दसवीं तारीख तक संस्था शहर के अलग-अलग हिस्सों में शर्बत वितरण के स्टाल लगाती है। हर दिन अलग-अलग स्थानों पर लोगों की सेवा की जाएगी ताकि मुहर्रम के पैगाम को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके।
जीएनआरएफ के अध्यक्ष मौलाना असलम मदनी ने कहा कि मुहर्रम सिर्फ गम मनाने का महीना नहीं, बल्कि सब्र, कुर्बानी और इंसाफ की सीख लेने का वक्त है। उन्होंने कहा कि करबला की जंग हमें यह सिखाती है कि इंसान को हर हाल में सच और हक के साथ खड़ा रहना चाहिए। इमाम ए हुसैन की कुर्बानी पूरी इंसानियत के लिए मिसाल है। उनकी याद में खिदमत करना हमारे लिए फख्र की बात है। उन्होंने आगे कहा कि गरीब नवाज रिलीफ फाउंडेशन सिर्फ धार्मिक मौकों पर ही नहीं, बल्कि पूरे साल सामाजिक सेवा के कई काम करता है। संस्था गरीबों की मदद, जरूरतमंद परिवारों को राशन वितरण, ठंड में कंबल बांटना, गर्मियों में प्याऊ और शर्बत स्टाल लगाना, बीमारों की सहायता, रक्तदान शिविर, शिक्षा सहायता और आपदा के समय राहत कार्य जैसे कई कार्यक्रम लगातार करती रही है। इस अवसर पर लखनऊ मंडल अध्यक्ष सैय्यद वसीक अत्तारी ने कहा कि हमारी कोशिश रहती है कि समाज के हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचे। सेवा ही हमारा मकसद है और यही हमारे संगठन की पहचान भी है। संस्था के सदस्यों ने बताया कि जीएनआरएफ का उद्देश्य सिर्फ राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज में भाईचारा, एकता और इंसानियत को मजबूत करना भी है। इसी सोच के साथ संस्था धार्मिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर काम कर रही है। मुहर्रम के इन दिनों में जीएनआरएफ की ओर से शहर के अलग-अलग इलाकों में सेवा शिविर जारी रहेंगे। संस्था ने लोगों से अपील की है कि वे मुहर्रम के पैगाम को समझें और इंसाफ, सब्र और इंसानियत की राह पर चलें। बुधवार का यह आयोजन इसी संदेश के साथ संपन्न हुआ कि इंसान की सबसे बड़ी पहचान उसकी खिदमत और उसके अच्छे कर्म होते हैं।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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