कला को मिलेगा नया कैनवास : ग्रीष्मकालीन पेंटिंग कार्यशाला का शुभारंभ
Sat, Jun 6, 2026
बच्चों और युवाओं को मिलेगा कला निखारने का मौका
उन्नाव। चित्रकला और रचनात्मक कला के क्षेत्र में रुचि रखने वाले बच्चों, युवाओं और कला प्रेमियों के लिए शहर में शनिवार को 20 दिवसीय ग्रीष्मकालीन पेंटिंग कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। राज्य ललित कला अकादमी, लखनऊ और इंडियन इवेंट सॉल्यूशन्स के संयुक्त तत्वावधान में कॉलेज रोड स्थित सी-टेक बिल्डिंग में आयोजित इस कार्यशाला का उद्घाटन अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर किया। कार्यक्रम में अभ्युदय सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. प्रभात सिन्हा, कार्यशाला संयोजक डॉ. मनीष सिंह सेंगर, पुलिस परिवार परामर्श केंद्र प्रभारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव, प्रशिक्षिका इंदु कनौजिया, समाजसेवी मनोज अवस्थी, समन्वयक राहुल कश्यप, राम सुमेर कनौजिया, संगीत शिक्षक विशाल यादव, नृत्य निर्देशक कामना तोलानी और महेंद्र सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर डॉ. मनीष सिंह सेंगर ने कहा कि प्रदेश सरकार के संरक्षण में राज्य ललित कला अकादमी द्वारा सभी जिलों में कला प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से इस प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में दो आयु वर्ग बनाए गए हैं। पहला समूह 10 से 17 वर्ष तक के बच्चों का है, जबकि दूसरा समूह 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रतिभागियों के लिए रखा गया है। इससे विभिन्न आयु वर्ग के लोग अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार चित्रकला की बारीकियां सीख सकेंगे। प्रशिक्षिका इंदु कनौजिया ने बताया कि प्रतिभागियों को केवल कागज पर ही नहीं, बल्कि कैनवास, मिट्टी के बर्तन, कपड़ों और अन्य अनुपयोगी वस्तुओं पर भी रंगों के माध्यम से कलात्मक अभिव्यक्ति सिखाई जाएगी। कार्यशाला के दौरान रंगों के संयोजन, डिजाइन निर्माण, रचनात्मक सोच और आधुनिक चित्रकला तकनीकों की भी जानकारी दी जाएगी। पहले ही दिन प्रतिभागियों में उत्साह देखने को मिला। बच्चों और युवाओं ने चित्रकला की मूलभूत तकनीकों को समझने में विशेष रुचि दिखाई। प्रशिक्षकों ने उन्हें रंगों के चयन, उनके संतुलित उपयोग और विभिन्न सतहों पर कलात्मक प्रस्तुति के तरीकों से परिचित कराया। आयोजकों का कहना है कि यह कार्यशाला केवल चित्र बनाना सिखाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रतिभागियों की रचनात्मक क्षमता को विकसित करने और कला के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं से भी परिचित कराएगी। कार्यशाला के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला को निखारने और नई पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।
देशभर के प्रतिनिधियों को दामाखेड़ा बुलावा : राष्ट्रीय कार्यशाला में जुटेंगे कबीर पंथी
Sat, Jun 6, 2026
दामाखेड़ा में 7 से 11 जून तक आयोजन, यूपी के प्रतिनिधि 11 जून को होंगे शामिल
उन्नाव। कबीर पंथ के प्रमुख तीर्थस्थल कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा (छत्तीसगढ़) में 7 से 11 जून तक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। सदगुरु कबीर धर्मदास साहेब वंशावली मिशन (एसकेडीवी मिशन) के तत्वावधान में होने वाले इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधियों के लिए 11 जून की तिथि निर्धारित की गई है। शहर के सदगुरु कबीर मंदिर ज्ञान वाटिका आश्रम में आयोजित बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य प्रतिनिधि महंत राजकुमार दास साहेब ने कार्यशाला की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिशन का मुख्य उद्देश्य "जीव दया और आत्म पूजा" के संदेश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए कार्यशाला आयोजित की जा रही है। महंत राजकुमार दास ने कहा कि बसंत पंचमी 2026 को पंथ श्री हुजूर उदितमुनि नाम साहेब का कबीर पंथ के 16वें संवाहक के रूप में चादर तिलक हुआ था। उन्होंने बताया कि गद्दीनशीं होने से पहले ही पंथ श्री कबीर नवोदय पदयात्रा के माध्यम से देशभर में भ्रमण कर कबीर पंथियों और आमजन से संवाद करते रहे हैं। यह यात्रा वर्तमान में भी जारी है और जल्द ही उत्तर प्रदेश में भी शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंथ श्री का संकल्प देश के प्रत्येक कबीर पंथी तक पहुंचकर उनका मार्गदर्शन करने का है। बैठक में कार्यशाला में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया। बैठक में राज्य उपप्रतिनिधि राजेश (नोएडा), जिला प्रतिनिधि महंत चक्रमणि दास साहेब, युवा प्रतिनिधि अरुण कुमार, जिला परोपकारी महंत सुभाष चंद्र दास साहेब, समाजसेवी डॉ. मनीष सिंह सेंगर, राहुल कश्यप सहित कई साधु-संत एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
16 वर्षीय किशोरी ने फांसी लगाकर दी जान : पुलिस जांच में जुटी
Sat, Jun 6, 2026
अचलगंज क्षेत्र के लोहचा मोड़ गांव की घटना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
उन्नाव। अचलगंज थाना क्षेत्र के लोहचा मोड़ गांव में शनिवार को एक किशोरी ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर जान दे दी। घर के कमरे में उसका शव फंदे से लटका मिलने पर परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गांव निवासी गंगा राम की 16 वर्षीय पुत्री खुशी घर के अंदर फंदे से लटकी मिली। परिजनों की नजर पड़ते ही उन्होंने उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। बताया जा रहा है कि खुशी तीन बहनों में सबसे बड़ी थी और पढ़ाई कर रही थी। उसकी अचानक मौत से परिवार के लोग बदहवास हैं। परिजन फिलहाल घटना के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके हैं। सूचना मिलने पर अचलगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन किशोरी ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसका पता लगाया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।