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डीएम से कार्रवाई की मांग : कहीं बूचड़खानों की दुर्गंध तो कहीं खनन से छलनी हो रही जमीन

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Tue, Jul 21, 2026
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किसान यूनियन ने प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की, आंदोलन की चेतावनी

उन्नाव। जिले में कहीं बूचड़खानों से उठती दुर्गंध लोगों की नाक में दम कर रही है तो कहीं खनन के नाम पर जमीन का सीना छलनी किए जाने के आरोप लग रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जिन जगहों पर नियम-कायदे लागू होने चाहिए, वहीं नियमों की निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों की शिकायतें अगर लगातार सामने आ रही हैं तो सवाल यह भी है कि जिम्मेदार विभागों की नजर आखिर इन गतिविधियों पर कब पड़ेगी। बूचड़खानों से निकलने वाले प्रदूषण और अवैध खनन के मुद्दे पर अब भारतीय किसान यूनियन (सावित्री) ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बूचड़खानों की जांच कराने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर संचालित की जा रही कुछ इकाइयों से आसपास के इलाकों में प्रदूषण और दुर्गंध की समस्या बढ़ रही है। किसान संगठन ने कहा कि बूचड़खानों के आसपास रहने वाले लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुर्गंध के साथ ही प्रदूषण से स्वास्थ्य पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है। संगठन ने प्रशासन से ऐसे बूचड़खानों की जांच कराने, नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करने और आबादी के बीच संचालित इकाइयों को निर्धारित मानकों के अनुसार स्थानांतरित कराने की मांग की है। इसके साथ ही गंगा में प्रदूषित पानी जाने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी की गई है।

चार तालाबों और ऐतिहासिक टीले पर खनन का आरोप

किसान संगठन ने पुरवा तहसील के ऊंचगांव सानी गांव में अवैध खनन का मामला भी उठाया है। संगठन के मुताबिक गांव में खसरा संख्या 822, 911, 1053, 1094 और 804 की जमीन पर कथित तौर पर बिना अनुमति खनन कराया गया। आरोप है कि खनन के चलते चार तालाबों और एक ऐतिहासिक टीले को भी नुकसान पहुंचाया गया। संगठन ने इस मामले में ग्राम प्रधान और स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया गया है कि मिलीभगत के चलते सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा और अवैध खनन का खेल चलता रहा। किसान यूनियन ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन

भारतीय किसान यूनियन (सावित्री) ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शिकायतों की जांच कर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन करेगा। पदाधिकारियों ने कहा कि बूचड़खानों से जुड़े प्रदूषण और अवैध खनन जैसे मामलों को लेकर संगठन पीछे नहीं हटेगा। जरूरत पड़ने पर धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा। अब प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर सभी की नजर है।

प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया

मामले में प्रशासन की ओर से शिकायतों की जांच कराने का आश्वासन दिया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि बूचड़खानों से जुड़े प्रदूषण और अवैध खनन के आरोपों की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि नियमों का उल्लंघन या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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