: बंधन लाइफ ने लॉन्च किया आई-रिटायर; अब रिटायरमेंट के सपने होंगे सच!
Tue, Sep 9, 2025
बंधन लाइफ ने लॉन्च किया आई-रिटायर; अब रिटायरमेंट के सपने होंगे सच!
उत्तर प्रदेश लखनऊ : बंधन ग्रुप की जीवन बीमा कंपनी,
बंधन लाइफ इंश्योरेंस ने आज बंधन लाइफ आई-रिटायर के लॉन्च की घोषणा की।
यह एक रिटायरमेंट प्लान है। आई-रिटायर के साथ, बंधन लाइफ जीवन भर के लिए गारंटीड आय का वादा लेकर आया है और यह सुनिश्चित करता है कि रिटायरमेंट का मतलब समझौता करना नहीं, बल्कि वर्षों की कड़ी मेहनत से बनाए गए जीवन का आनंद लेना है। यह प्लान स्थिर आय की सुविधा प्रदान करता है जिसका लाभ एन्युटीधारक को जीवन भर मिलता रहता है।
आई-रिटायर के लॉन्च के अवसर पर, बंधन लाइफ के एमडी और सीईओ, सतीश्वर बी. ने कहा
"बंधन लाइफ में, हम मानते हैं कि रिटायरमेंट नई संभावनाओं का समय होता है, न कि आर्थिक चिंताओं का। आई-रिटायर के साथ, हम अपने ग्राहकों को स्थिर आय की सुविधा और अपनी इच्छानुसार जीवन जीने का आत्मविश्वास प्रदान कर रहे हैं। इसका उद्देश्य आज का जश्न मनाते हुए अपने लिए और अपने प्रियजनों के लिए भविष्य को सुरक्षित करना है।"ग्राहक दो आसान एन्युटी विकल्पों में से एक चुन सकते हैं। लाइफ एन्युटी विकल्प के तहत, ग्राहक को तब तक स्थिर आय प्राप्त होती है, जब तक एन्युटीधारक (पॉलिसीधारक) जीवित हैं। रिटर्न ऑफ परचेज प्राइस के साथ लाइफ एन्युटी विकल्प के साथ, एन्युइटीधारक को जीवन भर आय प्राप्त होती है और एन्युइटीधारक की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की स्थिति में, निवेश की गई मूल राशि उनके नॉमिनी को वापस कर दी जाती है।इसमें सिंगल लाइफ एन्युटी या जॉइंट लाइफ एन्युटी में से चुनने की भी सुविधा है। जॉइंट लाइफ एन्युटी चुनने पर, मुख्य एन्युइटीधारक के न रहने पर भी जीवनसाथी या दूसरे एन्युइटेंट को आय मिलती रहेगी, जिससे यह आश्वासन मिलता है कि परिवार की जरूरतें हमेशा पूरी होंगी।फाइनेंशियल सुरक्षा के अलावा, आई-रिटायर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए भी सहायता प्रदान करता है। सिंगल लाइफ के तहत, लाइफ एन्युइटी विद रिटर्न ऑफ परचेज प्राइस विकल्प के अंतर्गत, यदि एन्युटीधारक को किसी कवर की गई गंभीर बीमारी या लाइलाज बीमारी का पता चलता है, तो एन्युटीधारक के पास जरूरत पड़ने पर धनराशि प्राप्त करने का विकल्प होता है, जब उन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता होती है। यह सिर्फ एक रिटायरमेंट प्लान नहीं, बल्कि जीवन की अनिश्चितताओं के समय देखभाल का एक वादा भी है।बंधन लाइफ आई-रिटायर 45 से 80 वर्ष की आयु के व्यक्तियों के लिए उपलब्ध है, जो इसे ग्राहकों की एक विस्तृत रेंज के लिए उपयुक्त बनाता है। चाहे लक्ष्य अपना भविष्य सुरक्षित करना हो या परिवार के लिए संपत्ति बनाना हो, आई-रिटायर सुनिश्चित करता है कि रिटायरमेंट सम्मान, स्वतंत्रतापूर्ण और आनंद से भरा हो।
इस लॉन्च के साथ, बंधन लाइफ परिवारों की स्थिति को मजबूत करने, महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा देने और सपनों को पूरा करने के अपने मिशन को जारी रखे हुए है, क्योंकि उसका मानना है कि जीवन का मतलब है, जीवन के हर चरण को पूरी तरह से जीना।
: उन्नाव में बढ़ते प्रदूषण पर एनजीटी सदस्य ने जताई चिंता
Sat, Sep 6, 2025
गंगा-सई की हालत सुधारने पर जोर, डीजे संचालन पर होगी सख्ती
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सदस्य एवं न्यायाधीश डॉ. अफरोज अहमद की अगुवाई में शनिवार को आयोजित जिला पर्यावरण समिति की बैठक में जिले की बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले की लाइफलाइन कही जाने वाली नदियों में लगातार गिर रहे अशोधित सीवेज के खतरनाक स्तर और शहरी क्षेत्रों में बेकाबू हो रहे ध्वनि प्रदूषण पर तत्काल अंकुश लगाने के सख्त निर्देश जारी किए गए। जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने एनजीटी सदस्य के सामने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में चल रहे प्रयासों और आने वाली बाधाओं से अवगत कराया।
सीवेज प्रदूषण पर चिंता
एनजीटी सदस्य डॉ. अहमद ने नदियों में सीधे गिरने वाले घरेलू व औद्योगिक सीवेज के उपचार को अनिवार्य बताया। उन्होंने खतरनाक रसायन क्रोमियम से होने वाले प्रदूषण और जल प्रदूषण पर विशेष तौर पर रोक लगाने का आदेश दिया। उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भूजल भी दूषित हो जाएगा। नगर पालिका और उद्योग विभाग को इस दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा गया। बैठक में साफ हुआ कि बिना शोधन संयंत्र लगाए कोई उद्योग नहीं चलेगा।
ध्वनि प्रदूषण पर कार्रवाई
शहरी इलाकों में डीजे और साउंड सिस्टम से हो रहे ध्वनि प्रदूषण पर नाराजगी जताते हुए न्यायाधीश ने राजस्व एवं पुलिस विभाग को इनके संचालकों के खिलाफ सख्ती से नियम लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों और रात्रि आयोजनों में ध्वनि सीमा का पालन हर हाल में होना चाहिए। नियम तोड़ने वालों पर चालान और उपकरण जब्ती की कार्रवाई हो। बैठक में यह भी कहा गया कि आम नागरिकों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो।
वैज्ञानिक कचरा निस्तारण पर जोर
बैठक में कूड़े के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और पर्यावरण सुधार के लिए सामूहिक प्रयासों की अपील की गई। कहा गया कि ठोस कचरे के लिए नगर पालिका को प्रभावी प्लान बनाना चाहिए। गांवों में भी कचरा निस्तारण के लिए पंचायतों को जिम्मेदार बनाया जाए। प्लास्टिक कचरे को अलग करने और पुनर्चक्रण की व्यवस्था सुनिश्चित हो। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए नियमित अभियान चलाने की भी सिफारिश की गई।
जिले की स्थिति पर चर्चा
बैठक में जिले की भौगोलिक स्थिति और पर्यावरणीय दबाव पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बताया गया कि 4558 वर्ग किमी क्षेत्रफल वाले जिले की आबादी 31 लाख से अधिक है। यहाँ गंगा नदी 128 किमी और सई नदी लगभग 198 किमी का सफर तय करती है, लेकिन चिंता का विषय यह है कि 2023 के अनुसार मात्र 6% भूभाग ही वनाच्छादित है।
बैठक में मौजूद लोग
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी गौरांग राठी के अलावा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अभिताभ यादव, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे विदेश, वन अधिकारी आरूषी मिश्रा, परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शशि विंदकर उपस्थित रहे।
: औद्योगिक दुर्गंध से उन्नाव की फजीहत, एनजीटी के सदस्य आज करेंगे निरीक्षण
Sat, Sep 6, 2025
डीएम के निर्देश के बावजूद एक माह में जांच रिपोर्ट दर्ज नहीं
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। शहर की पहचान अब औद्योगिक क्षेत्रों से उठती दुर्गंध बन चुकी है। कानपुर रोड स्थित बंथर और लखनऊ रोड स्थित दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाली बदबू से शहर में प्रवेश करते ही लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है। हालात यह हैं कि स्लॉटर हाउस, टेनरियां, ग्लू व पोल्ट्री फूड बनाने वाले कारखाने खुलेआम संचालित हो रहे हैं, जबकि प्रदूषण नियंत्रण विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। पिछले महीने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद साक्षी महाराज समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया था। डीएम गौरांग राठी ने चार अगस्त को दोनों औद्योगिक क्षेत्रों की जांच के लिए पांच-पांच अधिकारियों की टीमें गठित कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। मगर एक माह बीतने के बाद भी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ सकी है।
सांसद ने उठाया मुद्दा, जांच में आ रही देरी
पिछले महीने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद साक्षी महाराज समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस गंभीर मुद्दे को उठाया था। इसके बाद डीएम गौरांग राठी ने 4 अगस्त को दोनों औद्योगिक क्षेत्रों की जांच के लिए पांच-पांच अधिकारियों की टीमें गठित कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ सकी है।
आज पहुंचेंगे NGT सदस्य, समीक्षा होगी बैठक
इस बीच शनिवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के सदस्य डॉ. अफरोज अहमद जिले का दौरा करेंगे। वह दोपहर 12 बजे निरीक्षण भवन पहुंचेंगे और विकास भवन सभागार में जिला पर्यावरण समिति की बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों की समीक्षा करेंगे। इस बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों की दुर्गंध, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की स्थिति और कॉमन इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) के अपग्रेडेशन की प्रगति पर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है।
"छवि खराब कर रही है बदबू" - सांसद
सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि शहर में प्रवेश करते ही आने वाली बदबू जिले की छवि खराब कर रही है। प्रदूषण विभाग को अवैध और मानक पूरे न करने वाले कारखानों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अगली बैठक में इसकी समीक्षा होगी।
"अगले सप्ताह तक मिलेगी रिपोर्ट" - प्रदूषण बोर्ड
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शशि बिंदकर का कहना है कि जांच टीमों में से कुछ अधिकारियों ने रिपोर्ट तैयार कर ली है और कुछ बना रहे हैं। अगले सप्ताह तक पूरी रिपोर्ट मिल जाएगी। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एनजीटी के हस्तक्षेप से उम्मीद जताई जा रही है कि लंबे समय से टल रही कार्रवाई अब तेजी से आगे बढ़ेगी और जिले को बदबू से निजात मिलेगी।