: यूपी के मऊ में कुलपति और उनकी पत्नी की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, ट्रक और कार टकराने से हुआ हादसा!
THE LUCKNOW TIMES
Sat, Aug 23, 2025
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यूपी के मऊ में कुलपति और उनकी पत्नी की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, ट्रक और कार टकराने से हुआ हादसा!
उत्तर प्रदेश मऊ : दरअसल मऊ के दोहरीघाट थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात महाराष्ट्र के नागपुर के एक विश्वविद्यालय के कुलपति और उनकी पत्नी की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई, कुसुम बाजार के पास हाईवे पर ट्रक से वाइस चांसलर की कार की टक्कर हो गई इस हादसे में दोनों की मौत हो गई. वहीं, ड्राइवर को हल्की चोटें आई है, मौके पर स्थानीय लोगों ने घायलों को कार से बाहर निकाला, लेकिन तब तक दंपत्ति की मौत हो चुकी थी. पुलिस ने दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है, हादसा मऊ जिले से देवरिया जाते समय गोरखपुर हाईवे पर हुआ, बताया जा रहा है कि रास्ते में ड्राइवर को नींद आने पर वीसी ने खुद कार की स्टेयरिंग संभाली थी, इस दौरान वह हादसे का शिकार हो गए मिली जानकारी के अनुसार, मृतक त्रिपाठी पूर्व में वाराणसी संपूर्णानंद विश्वविद्यालय के कुलपति रहे थे. वर्तमान में वह महाराष्ट्र के नागपुर में कविकुल गुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय में कुलपति के पद पर कार्यरत थे, वह देवरिया जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं. वहीं घायल ड्राइवर ने बताया है कि कार चलाते समय उसे नींद आ रही थी. इसके बाद उसने गाड़ी अपने मालिक को दे दी और पीछे सो गया. तेज रफ्तार से गाड़ी चल रही थी और खड़े ट्रक से कार टकरा गई और हादसा हो गया. वहीं, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है पुलिस अधीक्षक इलामारन जी ने दोनों की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि दोनों शवों का यही पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, परिजनों को सूचना दे दी है. घायल चालक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है डॉ. हरेराम त्रिपाठी सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, बनारस के भी कुलपति रहे हैं. वर्तमान में वे कविकुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय, रामटेक, नागपुर, महाराष्ट्र के कुलपति थे. प्रो. हरेराम त्रिपाठी का जन्म उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद के अन्तर्गत तहसील कसया विकासखण्ड फाजिलनगर, पोस्ट-शंकरपटखौली, ग्राम चकिया में 01अगस्त 1966 को हुआ था. बघौचघाट, देवरिया पाठशाला से 11वीं परीक्षा उत्तीर्ण कर काशी में अध्ययन करने के लिए चले गए थे. प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी से न्यायशास्त्र का अध्ययन करके शास्त्री एवं आचार्य परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर शोध कार्य किया. जिस विश्वविद्यालय से पढ़ाई की वहीं के कुलपति भी बने: सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का कुलपति बन चुके हरेराम त्रिपाठी संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा नाम थे. दिलचस्प तथ्य ये हैं कि वे जहां के छात्र रहे वहीं के कुलपति भी बने. कुलपति बनने से पहले वे श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में सर्व दर्शन विभाग में वरिष्ठ आचार्य (प्रो.) की हैसियत से थे, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय हरे राम त्रिपाठी 12 जून, 2021 से 04 जून, 2023 तक कुलपति रहे!Tags :
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