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: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का कार्य बहिष्कार की चेतावनीः सरकार से तत्काल समाधान की मांग

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का कार्य बहिष्कार की चेतावनीः सरकार से तत्काल समाधान की मांग

  फतेहपुर; उत्तर प्रदेश में कार्यरत 3 लाख से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने अपने शोषण और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाते हुए 20 जून, 2025 को जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ, उ.प्र. (सम्बाद हिन्द मजदूर सभा) द्वारा दिए गए इस ज्ञापन में विभाग की कार्यशैली के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है और चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे पोषण ट्रैकर, फेस रिकॉग्निशन सिस्टम, प्रधानमंत्री वंदना योजना और सामुदायिक सेवाओं सहित सभी सेवाओं का बहिष्कार करने को मजबूर होंगी।  

ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्न समस्याओं को उजागर किया गया है:

मोबाइल रिचार्ज और स्मार्टफोन का खर्चः कार्यकर्ताओं को पोषण ट्रैकर और फेस रिकॉग्निशन जैसे कार्य करने के लिए सरकारी मोबाइल को अपने अल्प मानदेय से रिचार्ज कराना पड़ रहा है। 2018 में दिए गए मोबाइल एक्सपायर हो चुके हैं, जिसके कारण उन्हें अपने जेब से स्मार्टफोन खरीदकर काम करना पड़ रहा है।   ग्रेच्युटी और न्यूनतम मजदूरीः हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद भी सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी नहीं दी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा आंगनवाड़ी को सरकार का अभिन्न अंग बताने के बावजूद उन्हें न्यूनतम मजदूरी (मिनिमम वेजेज) के दायरे में नहीं लाया गया है, जबकि न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटर कर दी गई है।   संघ से वार्ता बंदः विभाग द्वारा समस्याओं के निदान हेतु संघ से वार्ता करना पिछले 5 साल से पूरी तरह बंद है, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है।   संघ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 20 जून 2025 को ज्ञापन देने के बाद भी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की उपरोक्त समस्याओं का निदान नहीं हुआ, तो वे पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार करेंगी और इस स्थिति के लिए विभागीय उच्चाधिकारी पूर्णतः उत्तरदायी होंगे। यह ज्ञापन प्रमुख सचिव, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार उत्तर प्रदेश और निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार को भी भेजा गया है।

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