: सीएम के सख्त निर्देशों के बावजूद उन्नाव नवीन मंडी में अतिक्रमण जस का तस
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Mon, Oct 6, 2025
किसानों को नहीं मिल रही जगह, कब्जाधारियों की जेबें भर रहीं
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बावजूद उन्नाव प्रशासन अतिक्रमण हटाने में नाकाम साबित हो रहा है। इब्राहीम बाग स्थित नवीन मंडी परिसर में महीनों से ठेकेदारों और स्थानीय दबंगों का कब्जा बना हुआ है। किसानों के लिए बने टीनशेड अब गोदाम, ढाबों और दुकानों में बदल चुके हैं। गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री ने सभी मंडी परिसरों को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में बीते जून महीने में सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज और मंडी समिति के सचिव सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से नवीन मंडी का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने अवैध कब्जाधारियों को 24 घंटे के भीतर चबूतरों को खाली करने की चेतावनी दी थी। लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी अवैध कब्जे जस के तस हैं। मंडी समिति के चबूतरों पर व्यापारियों द्वारा किए गए कब्जे से किसानों को भारी परेशानी हो रही है। जहां किसानों को अपनी उपज बेचने और बोरी रखने की जगह मिलनी चाहिए, वहां बड़े व्यापारी अस्थायी दुकानों और ठेलों के माध्यम से कब्जा जमाए बैठे हैं।इससे छोटे व्यापारी और दूर-दराज से आए किसान मंडी के भीतर प्रवेश तक नहीं कर पा रहे हैं। मजबूरन उन्हें सड़कों पर बैठकर अपनी फसल बेचनी पड़ रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है और मंडी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि मंडी के टीनशेड और प्लेटफॉर्म किसानों की सुविधा के लिए बनाए गए थे, मगर अब इन पर स्थाई कब्जा हो चुका है। जगह-जगह गोदाम और अस्थायी दुकानें बन चुकी हैं, जबकि मंडी समिति और जिला प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। कब्जाधारी हर महीने वसूली के नाम पर रकम वसूलते हैं और प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। इधर, जिला प्रशासन के अधिकारी अब दावा कर रहे हैं कि अवैध कब्जाधारियों की सूची तैयार की जा रही है। वहीं मंडी समिति प्रशासन का कहना है कि नीचे के हिस्से से कब्जे हटाए गए हैं, लेकिन चबूतरों पर कार्रवाई पुलिस बल की कमी से रुकी है। उनका कहना है कि त्योहारों के बाद कार्रवाई की जाएगी। जाहिर है, कार्रवाई की बात हर बार “त्योहारों के बाद” तक टल जाती है, जबकि किसान आज भी मंडी के बाहर बैठकर अपनी फसल बेचने को मजबूर हैं। सवाल यह है कि जब मुख्यमंत्री खुद सख्त निर्देश दे चुके हैं, तो फिर उन्नाव में आदेशों पर अमल कौन रोके हुए है? लोगों का कहना है कि जब मुख्यमंत्री स्वयं अतिक्रमण के खिलाफ सख्त हैं, तो उन्नाव प्रशासन की यह निष्क्रियता सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है। किसानों ने मांग की है कि मुख्यमंत्री के आदेशों की अनदेखी करने वाले जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई हो और नवीन मंडी परिसर को जल्द से जल्द अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
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