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: जिला अस्पताल गेट पर कार हादसा, टक्कर के बाद लगी आग

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Fri, Sep 12, 2025
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लेखपाल दीपेंद्र तिवारी घायल, भर्ती

 

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र के जिला महिला अस्पताल गेट पर गुरुवार रात बड़ा हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सीधे अस्पताल गेट से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कुछ ही देर में उसमें आग भड़क गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि चालक उसे संभाल नहीं पाया। टक्कर होते ही जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास खड़े लोग दहशत में आ गए। हादसे की आवाज सुनकर अस्पताल परिसर में मौजूद मरीज और उनके परिजन बाहर निकल आए।

अफरा-तफरी का माहौल

अचानक हुई इस घटना से अस्पताल परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मरीज, तीमारदार और आसपास के लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार सीधी गेट से टकराई और टक्कर के कुछ ही पल बाद उसमें धुआं उठने लगा। लोगों में डर और घबराहट का आलम ऐसा था कि कई लोग सुरक्षित जगह ढूंढने लगे। बच्चों और महिलाओं को परिवार के लोग तुरंत अस्पताल भवन के अंदर ले गए। घटनास्थल पर कुछ देर तक चीख-पुकार और शोरगुल मचा रहा।

दमकल विभाग की कार्रवाई

स्थानीय लोगों ने फायर स्टेशन को तुरंत सूचना दी और आग बुझाने का प्रयास भी किया। थोड़ी देर में दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकलकर्मियों ने पानी की बौछारों से कार को ठंडा किया और आसपास खड़े लोगों को पीछे हटाया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ देर तक आसपास का माहौल धुएं से भर गया। समय रहते आग काबू में आ जाने से बड़ा हादसा टल गया।

लेखपाल घायल, अस्पताल में भर्ती

कार चला रहे युवक की पहचान दीपेंद्र तिवारी के रूप में हुई। वह उन्नाव सदर तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात हैं। हादसे में वह घायल हो गए। मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकाला और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति स्थिर बताई है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि लोगों ने तुरंत साहस दिखाकर दीपेंद्र को बाहर न निकाला होता तो हादसा और गंभीर हो सकता था। फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार देखरेख कर रही है। परिवारजन को भी सूचना दे दी गई है।

जाम और परेशानियां

घटना के बाद अस्पताल गेट पर लंबे समय तक जाम जैसी स्थिति बनी रही। पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ हटाकर क्षतिग्रस्त कार को सड़क से हटवाया। इस दौरान अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी हुई। एंबुलेंस और अन्य वाहनों को गेट पर रोककर पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की। ट्रैफिक पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया ताकि जाम कम किया जा सके। करीब आधे घंटे बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।

प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे

सूचना पाकर प्रशासनिक अधिकारी भी तुरंत जिला अस्पताल गेट पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। अधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन से बातचीत की और सुरक्षा इंतजामों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने उनसे अपनी समस्याएं भी साझा कीं।

स्थानीयों की मांग

आसपास के लोगों का कहना है कि अस्पताल गेट के पास तेज रफ्तार वाहन अक्सर निकलते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने प्रशासन से यहां स्पीड ब्रेकर लगाने और ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि कई बार इस इलाके में हादसे होते-होते बचे हैं। अस्पताल में रोज सैकड़ों मरीज आते हैं, ऐसे में यहां सुरक्षा इंतजाम पुख्ता होना जरूरी है। यदि प्रशासन जल्द कदम नहीं उठाता तो भविष्य में और बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

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