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: यूपी में 1 लाख 37 हजार शिक्षामित्रों के लिए खुशखबरी, अब गृह जनपद में मिलेगी तैनाती, योगी सरकार की अनुमति के बाद घर वापसी का रास्ता हुआ साफ!

THE LUCKNOW TIMES

Tue, Jun 17, 2025
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यूपी में 1 लाख 37 हजार शिक्षामित्रों के लिए खुशखबरी, अब गृह जनपद में मिलेगी तैनाती, योगी सरकार की अनुमति के बाद घर वापसी का रास्ता हुआ साफ!

    उत्तर प्रदेश लखनऊ : दरअसल यूपी के बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में तैनात 137000 से अधिक शिक्षामित्रों को जल्द ही उनके गृह जनपद भेज दिया जाएगा, इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से अनुमति दे दी गई है, साथ ही प्रक्रिया तत्काल शुरू करने का निर्देश भी विभाग को शासन की तरफ से मिला है, विभाग शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया की तरह ही शिक्षामित्रों को भी उनके गृह जनपद या आसपास के स्कूलों में भेजेगा!   आपको बता दें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शिक्षक पद पर रद्द हुआ था समायोजन: पूर्व की सपा सरकार में प्रदेश में करीब 137000 शिक्षामित्रों को शिक्षक के पद पर नियुक्त किया था, शिक्षक बनने पर उनको दूरदराज के ब्लॉकों में पोस्टिंग दी गई थी, उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उनका बतौर शिक्षक किया गया समायोजन रद्द कर दिया गया था. फिर वही शिक्षक उन्हीं विद्यालयों में शिक्षामित्र बन गए थे. सुप्रीम कोर्ट से समायोजन रद्द होने के बाद इन शिक्षकों को मौजूदा योगी सरकार ने ₹10000 मानदेय देने का निर्णय लिया था, तब से यह शिक्षक बीते 5 सालों से सरकार से मांग कर रहे थे कि इतने कम मानदेय पर वह गैर जनपदों में नहीं पढ़ा सकते हैं. उन्हें अगर शिक्षामित्र ही रखना है तो सरकार उन्हें उनके गृह जनपद में वापस भेज दे, वहीं इस साल जनवरी में सरकार ने इन शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय में वापसी का आदेश जारी किया था. यह भी कहा गया था कि अगर मूल विद्यालय में पद खाली न हो तो नजदीक के विद्यालय में समायोजित किया जाएगा. शासनादेश के बावजूद अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, महानिदेशक बेसिक शिक्षा कंचन वर्मा ने 6 जून को शासन को पत्र लिखकर समायोजन की अनुमति मांगी थी. इस पर शासन ने उन्हें फिर से अनुमति दे दी है   इस संदर्भ में महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने बताया कि शिक्षकों के समायोजन और ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश में जहां भी शिक्षकों की कमी होगी, वहां का डाटा इकट्ठा किया जाएगा. उसके आधार पर इन सभी शिक्षामित्रों को उनके जिलों में समायोजित करने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा. जो भी पद जिस जिले में खाली होगा, वहां पर उस जिले के रहने वाले शिक्षा मित्र को समायोजित किया जाएगा. बताया कि इसके लिए विभाग ऑनलाइन प्रक्रिया पर विचार कर रहा है. कोशिश है कि सभी जिलों के विद्यालयों में शिक्षामित्र के खाली पदों को दिखाकर उसके अनुसार शिक्षामित्र से ऑनलाइन आवेदन लेकर समायोजन किया जाए. बीते 17 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं शिक्षामित्र: राजधानी लखनऊ के आई के गार्डन में बीते 17 दिनों से शिक्षामित्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं. प्रदेश के सभी 75 जिलों से शिक्षामित्र अपनी स्थाई नौकरी समेत समायोजन की मांग को लेकर प्रदर्शन पर बैठे हैं. यह शिक्षामित्र उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की तरह यूपी में भी टेट और सीटेट पास को स्थाई करने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि टीईटी करने वाले शिक्षामित्रों को योग्यता पूरी करने के बाद नौकरी का समान अवसर मिले. साथ ही शिक्षामित्रों को 12 महीने का उचित मानदेय मिलना चाहिए. साथ ही इन्हें चिकित्सा और 14 दिन का सीएल अवकाश आदि भी सरकार को देना चाहिए. साथ ही महिला शिक्षामित्र के अंतर्जनपदीय तबादले के लिए शेड्यूल जारी किया जाए. प्रदर्शन कर रहे हैं शिक्षामित्रों का कहना है कि जब उन्हें शिक्षक बनाया गया था तब उनका विद्यालय उनके गृह जनपद से 300 किलोमीटर दूर आवंटित हुआ था, अब जब वह कोर्ट के आदेश के बाद दोबारा शिक्षामित्र हो गए हैं तो ₹10000 में घर चलाने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है!

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