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: यदि जिलाधिकारी ने मामले को ना लिया होता संज्ञान में तो मिट्टी के ढेर में दब गया था 25 लाख का खड़ंजा!

THE LUCKNOW TIMES

Wed, Jan 8, 2025
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यदि जिलाधिकारी ने मामले को ना लिया होता संज्ञान में तो मिट्टी के ढेर में दब गया था 25 लाख का खड़ंजा!

 
  • आखिरकार जिला पंचायत के इंजीनियर तथा जेई ने क्यों नहीं परखी लगभग 25 लाख रुपए से बने खड़ंजे की गुणवत्ता
 
  • खंड विकास अधिकारी के स्थलीय तथा भौतिक सत्यापन पर स्पष्ट हुआ की संतोषजनक नहीं पाई गई सामग्री, ईंट से ईंट टकराने पर चूर हो गई ईंट
 
  • कमीशन खोरी के चक्कर में इंजीनियर तथा जेई ने नहीं लगाई थी सही रिपोर्ट– सूत्र
 
  • धृतराष्ट्र की तरह बने बैठे हैं जिला पंचायत के इंजीनियर तथा जेई
 
  • मामला जिलाधिकारी तक पहुंचने पर 1100 मी बने खड़ंजे में से कुछ ही मीटर का उखाड़ कर दोबारा बनाया जा रहा खड़ंजा
 

मामला उजागर करने वाले को दी जा रही धमकी

 

अब देखना यह है कि क्या सुरेंद्र कॉन्ट्रैक्शन तथा जेई एवं इंजीनियर पर गिरेगी जिलाधिकारी की गाज?

  ✒️ रवि कश्यप की खास रिपोर्ट   उत्तर प्रदेश फतेहपुर : जनपद का विकास कार्य चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट। खागा तहसील के ग्राम पंचायत इरादतपुर चतुर्भुजपुर के मजराभानपुर में जिला पंचायत से पांचवा राज्य वित्त/ 15वां केंद्रीय वित्त योजना अंतर्गत 2024-25 में कराया गया खड़ंजा निर्माण जिसकी लंबाई 1100 मीटर की थी जिसमें घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद जनपद के जिलाधिकारी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। जिसकी जांच हथगांव खंड विकास अधिकारी व अवर अभियंता को जांच करने के लिए मौके पर भेजा गया था जिस पर दोनों सक्षम अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर खड़ंजे में लगी ईंट का भौतिक एवं स्थलीय सत्यापन किया जहां उन्होंने अपने निष्पक्ष जांच की रिपोर्ट जिला अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की है। इस रिपोर्ट में उन्होंने दर्शाया कि सत्यापन के दौरान पाया गया की खड़ंजे में जिन एसओबी ईंट का प्रयोग किया गया है उसकी गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है एवं ईट को उखाड़कर एक दूसरे से टकराने पर पूर्ण रूप से ईंट टूट जा रही है मतलब घटिया ईंट का प्रयोग किया गया है। वहीं इस मामले में जिलाधिकारी अब क्या करते हैं यह तो उनकी कार्यवाही ही बताएगी। सवाल यह उठता है कि जिला पंचायत द्वारा ग्राम पंचायत इरादतपुर चतुर्भुजपुर के मजराभानपुर में 1100 मी निर्माण खड़ंजे की कीमत लगभग 25 लाख रुपए का ठेका सुरेंद्र कॉन्ट्रैक्शन को दिया गया था, जिसमें ठेकेदार द्वारा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया ग्राम पंचायत का खड़ंजा। जिला पंचायत के संबंध सक्षम अधिकारियों ने मूंद ली अपनी आंखें। वही उत्तर प्रदेश की सरकार विकास कार्य को लेकर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है परंतु यदि हकीकत देखा जाए तो विकास कार्य के लिए आई धनराशि का जनपद में बंदर बांट हो रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला पंचायत के जेई ज्योत्सना तथा इंजीनियर दिनेश सिंह द्वारा ठेकेदारों से कमीशन के तौर पर मोटी रकम लेकर ठेकेदार को अभय दान दिए हुए हैं। सूत्र तो यह भी बताते हैं कि जेई द्वारा उसी खड़ंजे में खड़े होकर फोटो खिंचाकर शासन को भेजकर ठेकेदार का 50% भुगतान पहले ही करा दिया गया है क्योंकि भुगतान होने के बाद इन लोगों को अपना कमीशन जो लेना होता है। वहीं मामले की जानकारी जिलाधिकारी तक पहुंचने के बाद जिलाधिकारी के कार्यवाही से बचने के लिए जिला पंचायत के इंजीनियर दिनेश सिंह तथा जेई ज्योत्सना द्वारा ठेकेदार से 1100 मीटर लगे खड़ंजे में से कुछ ही मीटर का खड़ंजा उखड़ाकर दूसरी ईट लगवाकर अपने पीठ थपथपाने का काम कर रहे हैं। वहीं यदि नियमावली की बात करें तो ऐसे भ्रष्ट ठेकेदार के कांट्रेक्शन का लाइसेंस रद्द कर जमानत जब्त होनी चाहिए तथा विकास कार्य के द्वारा हुए भुगतान के पैसों की रिकवरी कर जुर्माना लगना चाहिए।

जनता की आवाज

बात यदि जिला पंचायत के जेई ज्योत्सना तथा इंजीनियर दिनेश सिंह के रिपोर्ट की करें तो घटिया सामग्री से बने खड़ंजे में इन लोगों के आंखें बंद करने का कारण मात्र कमीशन खोरी होता है क्योंकि यदि जिलाधिकारी द्वारा खंड विकास अधिकारी तथा अवर अभियंता से निष्पक्ष जांच कराई गई तो फिर मामले की सत्यता निकलकर आई कि वाकई में 1100 मी बने खड़ंजे में घटिया सामग्री का प्रयोग हुआ है। जिस समय घटिया सामग्री से खड़ंजे का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ था और जिला पंचायत की जेई तथा इंजीनियर के द्वारा क्यों नहीं गुणवत्ता की जांच की गई। जनपद के जिलाधिकारी को इन दोनों भ्रष्ट जेई तथा इंजीनियर के कार्यों की जांच भी करानी चाहिए तभी तो इन दोनों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने का मामला उजागर होगा तथा आने वाले समय में ऐसे कार्य में लिप्त होने से यह अपनी दूरी बनाएंगे।  

बनाया जा रहा दबाव

  भ्रष्टाचार के मामले को प्रमुखता से प्रकाशित करने वाले के ऊपर अपने ट्रूकॉलर नंबर पर आरएसएस फतेहपुर शो करने वाले व्यक्ति द्वारा फोन पर धमकी दी गई कि इस मामले को उजागर करने वाले कौन होते हो मामला अब जिला अधिकारी के समक्ष खबर की शिकायत पर पहुंच गया है यदि इस मामले में कोई नुकसान हुआ तो तुम्हारी जांच कराकर तुम्हें देख लेने की बात कही।

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