: उन्नाव में जश्न ए सरकार साबिर पाक का 757वां उर्स धूमधाम से संपन्न
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Mon, Sep 8, 2025
शिया, सुन्नी और हिंदू समाज ने मिलकर बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। दादा मियां की दरगाह के सामने शबाब हुसैन साबरी के घर पर बने कार्यालय में जश्न ए सरकार साबिर पाक के उर्स के मौके पर कुल शरीफ़ और नात ख्वानी का आयोजन हुआ। इस मौके पर शिया, सुन्नी और हिंदू समाज के लोगों ने मिलकर हिस्सा लिया। हजारों की भीड़ ने इस जश्न को खास बना दिया। पूरे इलाके में चिरागां और सजावट का आलम रहा। उर्स को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने दरगाह पहुंचकर मन्नतें मांगीं और अमन-चैन की दुआ की। दरगाह परिसर में रोशनी से माहौल जगमगा उठा। उन्नाव में इस उर्स को लेकर एक मेले जैसा दृश्य देखने को मिला।
नातख्वानी और कुल शरीफ़ का पुरनूर मंजर
महफ़िल की शुरुआत नातख्वानी और मिलादुन्नबी से हुई। समा और कुल शरीफ़ के बाद लंगर व तबर्रुख का आयोजन किया गया। दोपहर 2 बजे से शुरू होकर यह कार्यक्रम रात 2 बजे तक चला। दरगाह परिसर से लेकर आस-पास तक लोगों की भीड़ जमी रही। महफ़िल में हर तरफ आध्यात्मिक सुकून का माहौल बना रहा। लंगर में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने बड़े ही सलीके से हिस्सा लिया। पूरी रात दरगाह परिसर में इबादत और जिक्र का सिलसिला चलता रहा।

पत्रकार और सज्जादों का हुआ सम्मान
जश्न में शामिल हुए पत्रकार साथियों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। इसी तरह सज्जादों को भी सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम शबाब हुसैन साबरी के ऑफिस में संपन्न हुआ। सम्मान पाकर पत्रकारों और सज्जादों ने आयोजकों का आभार जताया। इस अवसर पर सभी ने समाज में भाईचारे और मोहब्बत का संदेश दिया। मंच से बार-बार आपसी सौहार्द और इंसानियत को सबसे बड़ी नेमत बताया गया। इससे कार्यक्रम का संदेश और गहरा असर छोड़ गया।
कार्यक्रम की निज़ामत
जश्न की निज़ामत मौलाना तज़मीन हुसैन जाफरी ने की। इस मौके पर माहौल पुरनूर और आध्यात्मिक रहा। उन्होंने अपने बयान में उर्स की ऐतिहासिक अहमियत पर भी प्रकाश डाला। महफ़िल में उपस्थित लोगों ने ध्यानपूर्वक उनके विचार सुने। जश्न की पूरी फिज़ा मोहब्बत और इबादत से सराबोर रही। मौलाना ने बताया कि ऐसे आयोजन समाज में मेल-जोल और एकता को और मजबूत करते हैं। उनकी बातों पर श्रोताओं ने बार-बार तालियों से सहमति जताई।
प्रमुख लोग रहे मौजूद
जश्न में शामिल हुए सैय्यद ज़ैदुर्रहमान सफ़वी, सैय्यद सिराज हुसैन जैदी, मोहम्मद रईस ताज, मोहम्मद अहमद, सफी सैय्यद अली रज़ा, हज़रत ज़मीर आलम, सैफ़ ज़ैदी, आमिर उन्नावी और तज़मीन जाफरी। इनके अलावा बड़ी संख्या में उन्नाव और आसपास के लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर आपसी भाईचारे का परिचय दिया। श्रद्धालुओं ने दुआ मांगी और अमन-चैन की दुआएं कीं। इस मौके पर दरगाह के बाहर भी मेल-जुलाव का दृश्य देखने को मिला। उर्स में मौजूद लोगों ने इसे यादगार और ऐतिहासिक बताया। कार्यक्रम के बाद देर रात तक श्रद्धालु एक-दूसरे को मुबारकबाद देते दिखे।
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