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दो साल में बदली तस्वीर, 298 शवों का निःशुल्क दफन

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कब्रिस्तान में सुधार की मिसाल : दो साल में बदली तस्वीर, 298 शवों का निःशुल्क दफन

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Thu, Apr 30, 2026
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अब हर दफन का रिकॉर्ड, लोगों को मिल रही आसानी

लखनऊ/हरिद्वार। ज्वालापुर के सुभाष नगर स्थित वक्फ कब्रिस्तान अब सिर्फ दफन स्थल नहीं, बल्कि बेहतर प्रबंधन और मानवीय पहल की एक मजबूत मिसाल बनकर सामने आया है। पिछले दो वर्षों में यहां ऐसी व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं, जिनसे आम लोगों को सीधी राहत मिली है और कब्रिस्तान की पूरी तस्वीर बदल गई है। साल 2023 में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने कब्रिस्तान के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए एक प्रबंधन समिति का गठन किया था। इसकी जिम्मेदारी अहसान अंसारी को सौंपी गई। इसके बाद समिति ने सबसे पहले बुनियादी जरूरतों पर काम शुरू किया और धीरे-धीरे व्यवस्थाओं को मजबूत किया।

जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत

समिति की सबसे अहम पहल जरूरतमंद और लावारिस शवों का सम्मानजनक दफन है। पुलिस के माध्यम से आने वाले ऐसे शवों को निःशुल्क दफनाया जा रहा है। अब तक कुल 298 शवों को बिना किसी शुल्क के दफन किया जा चुका है, जिनमें 12 लावारिस शव भी शामिल हैं। इससे उन परिवारों को राहत मिल रही है, जो आर्थिक तंगी के कारण अंतिम संस्कार नहीं कर पाते।

सुरक्षा और व्यवस्था दोनों मजबूत

कब्रिस्तान परिसर के भीतर और मुख्य गेट के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे निगरानी बेहतर हुई है और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण लगा है। साथ ही साफ-सफाई, रास्तों और अन्य सुविधाओं को भी बेहतर किया गया है।

हर दफन का रिकॉर्ड, पारदर्शिता पर जोर

प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए एक पंजीकरण प्रणाली लागू की गई है, जिसमें दफन किए गए हर शव का पूरा विवरण दर्ज किया जाता है। जरूरत पड़ने पर यह जानकारी आसानी से उपलब्ध हो जाती है, जिससे लोगों को भटकना नहीं पड़ता।

मॉडल कब्रिस्तान बनाने की दिशा में काम

समिति इस कब्रिस्तान को एक मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है, ताकि अन्य स्थानों पर भी इस तरह की व्यवस्थाएं लागू की जा सकें।

कब्रिस्तान सेवा नहीं, जिम्मेदारी: शादाब शम्स

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा कि कब्रिस्तान केवल दफन की जगह नहीं, बल्कि संवेदनशील जिम्मेदारी से जुड़ा स्थान है। “हमारी प्राथमिकता है कि हर व्यक्ति को सम्मानजनक अंतिम विदाई मिले, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो। ज्वालापुर में जो काम हुआ है, वह अन्य जगहों के लिए भी एक मॉडल बनेगा। आगे भी पारदर्शिता, सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं पर लगातार काम किया जाएगा।”

Tags :

Haridwar, The Lucknow Times, The Lucknow Times News, uttrakhand news, Uttar Pradesh

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