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: पेट फाड़ 2 साल की मासूम का निकाला कलेजा, दोनों हाथ काट कर चढ़ा दी थी बलि, फतेहपुर का रोंगटे खड़ा कर देने वाला मामला!

THE LUCKNOW TIMES

Sat, Jan 18, 2025
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पेट फाड़ 2 साल की मासूम का निकाला कलेजा, दोनों हाथ काट कर चढ़ा दी थी बलि, फतेहपुर का रोंगटे खड़ा कर देने वाला मामला!

 

फतेहपुर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को उम्रकैद सुनाई

 
  • 2019 में होली पर्व पर बच्ची की चढ़ाई गई थी बलि
  • बलि चढ़ाने वाले दोनों आरोपी 2019 से जेल में बंद है
उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में करीब 5 साल पहले 2 वर्षीय मासूम बच्ची को होली पर्व के दौरान गांव में फॉग देखने जाते समय रास्ते से अगवा कर लिया गया था। इसके बाद देवी-देवताओं को खुश करने के लिए तंत्र-मंत्र करते हुए तांत्रिक और उसके चेले ने मासूम की बलि चढ़ा दी थी। इस मामले में शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट प्रथम के जज ने आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 28-28 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।  

नाले में मिली थी लाश

  एडीजीसी कल्पना पांडेय ने बताया कि 21 मार्च 2019 को बिंदकी कोतवाली के नंदापुर गांव के रहने वाले राम खेलावन की 2 वर्षीय मासूम पोती कंचन घर के अन्य छोटे बच्चों के साथ गांव में फॉग देखने गई थी। काफी देर तक वापस घर न लौटने पर मासूम की तलाश शुरू की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला था। दूसरे दिन एक नाले में मासूम का शव मिला पड़ा मिला था। बच्ची के दोनों हाथ कटे थे। वहीं, शव का पेट फाड़कर कलेजा भी निकाला गया था।  

आरोपियों ने अपहरण के बाद हत्या करना किया स्वीकार

  शव की दशा देखकर पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले में अपहरण के साथ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी थी। विवेचना के दौरान गवाहों से पता चला था कि गांव का ही रहने वाला तांत्रिक हेमराज और उसका चेला ननकू देवी-देवताओं को खुश करने के लिए बच्चों की बलि चढ़ाता है। इस पर पुलिस ने उक्त आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की। इस दौरान आरोपियों ने बताया था कि रास्ते से बच्ची को अपहरण करने के बाद गड़ासे से उसके दोनों हाथ काटे और फिर कलेजा निकाल कर बलि चढ़ा दी थी। इसके बाद लाश को नाले में फेंक दिया था।   आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त गड़ासा को बरामद कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था। रिपोर्ट में इस धारदार हथियार में इंसानी खून लगे होने की पुष्टि हुई थी, जिससे यह साबित हो गया था कि मासूम बच्ची की हत्या की गई है। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया था।  

सत्र न्यायाधीश ने दोषियों को सुनाई सजा

  शुक्रवार को मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट प्रथम के जज डॉ. मोहम्मद इलियास ने मासूम की बलि देने आरोपी तांत्रिक और उसके चेले को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास के साथ 28-28 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। बता दें कि घटना के दूसरे ही दिन से दोनों आरोपी जिला जेल में बंद हैं।

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