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: खनन प्रवर्तन टीम की जासूसी में तीन युवक गिरफ्तार, व्हाट्सएप ग्रुप से देते थे लोकेशन

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Sun, Nov 2, 2025
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रेकी कर भेजते थे टीम की तस्वीरें और वॉइस मैसेज

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

उन्नाव। जिले में अवैध खनन और ओवरलोडिंग का जाल कितना फैला है, इसका खुलासा दही थाना क्षेत्र में हुए ताज़ा मामले से हुआ है। खनन प्रवर्तन टीम की हर गतिविधि पर नजर रखने और उनकी लोकेशन अवैध खनन में लिप्त लोगों तक पहुंचाने वाले तीन युवकों को पुलिस ने दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें से एक में ऐसा व्हाट्सएप ग्रुप मिला जिसने खनन माफियाओं का पूरा लोकेशन नेटवर्क उजागर कर दिया। खनन निरीक्षक प्रांजुल सिंह ने बताया कि शनिवार तड़के करीब तीन से चार बजे के बीच वह टीम के साथ खनन प्रवर्तन से जुड़ा अभियान चला रहे थे। उसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि एक संदिग्ध एसयूवी कार (नंबर UP-32 NU-9068) लगातार उनका पीछा कर रही है। कुछ देर तक स्थिति भांपने के बाद जब उन्होंने कार को रोकने की कोशिश की, तो वह तेज रफ्तार से दही क्षेत्र की ओर भाग निकली। प्रांजुल सिंह ने तुरंत इस बात की जानकारी दही थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर दी और संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू कर दी। इसके बाद जो खुलासा हुआ, उसने पूरे खनन विभाग और प्रवर्तन टीम को हिलाकर रख दिया। बता दें कि कुछ युवक खान अधिकारी और प्रवर्तन टीम की रेकी कर उनकी लोकेशन खनन माफिया तक पहुंचा रहे हैं। मिली सूचना पर दही पुलिस ने नाकाबंदी की और रोडवेज वर्कशॉप के पास एक संदिग्ध कार को रोक लिया। कार में सवार तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम रवींद्र सिंह निवासी जवाहर नगर घाटमपुर कानपुर, दानिश निवासी आधी कोटाल घाटमपुर कानपुर और अंकुश यादव निवासी ओम नगर थाना फजलगंज कानपुर बताया। तलाशी में चार मोबाइल फोन बरामद हुए। एक फोन में व्हाट्सएप ग्रुप मिला, जिसमें 37 सदस्य जुड़े थे। इस ग्रुप में प्रवर्तन टीम के आने-जाने की लोकेशन, फोटोज़ और वॉइस मैसेज शेयर किए जा रहे थे। पुलिस जांच में पता चला कि यह जानकारी आगे उन वाहन स्वामियों तक पहुंचाई जाती थी जो मिट्टी, गिट्टी, मौरंग और डस्ट जैसी सामग्री का अवैध परिवहन करते थे। लोकेशन मिलते ही ये लोग अपनी गाड़ियों को छिपा देते या रास्ता बदल लेते थे, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा था। और इस ग्रुप के जरिए न केवल सरकारी काम में बाधा डाली जा रही थी बल्कि खान अधिकारी प्रांजुल सिंह और उनकी टीम की जान को भी खतरा पैदा किया गया था। बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इसी साल जनवरी माह में भी खनन अधिकारी ने कलक्ट्रेट के पास उनकी रेकी कर रहे युवक को पकड़ा था। जांच में सामने आया था कि रेकी करने वाला युवक खनन निरीक्षक और प्रवर्तन टीम की हर गतिविधि पर नजर रखता था और उनकी लोकेशन लगातार ट्रांसपोर्टरों तक पहुंचाता था। अब दही थाना क्षेत्र में सामने आया यह नया मामला उस पुराने नेटवर्क के तारों को और गहराई से जोड़ता दिखाई दे रहा है। दही थाने के प्रभारी निरीक्षक अवनीश सिंह ने बताया कि खान अधिकारी की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग  शामिल है।

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