मतदाता पुनरीक्षण में फॉर्म तो पहुंच रहे : लेकिन भरने में परेशान लोग
Thu, Nov 20, 2025
मतदाता सूची के भाग संख्या और क्रमांक भरने में सबसे ज्यादा दिक्कत
उन्नाव। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में बीएलओ लगातार घर घर पहुंचकर फॉर्म बांट रहे हैं, लेकिन इन्हें भरना लोगों के लिए सबसे कठिन काम बनता जा रहा है। कई परिवार मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी समझ नहीं पा रहे, जिसके कारण प्रपत्र अधूरे ही पड़े हैं और लोग बीएलओ के मार्गदर्शन का इंतजार कर रहे हैं। प्रपत्र में वर्तमान जानकारी के साथ परिवार का ब्योरा, पुराने वोटर लिस्ट का भाग संख्या और क्रमांक भी भरना है। यही कॉलम सबसे ज्यादा उलझन पैदा कर रहे हैं। कई लोगों को यह नहीं पता कि यह विवरण कहां से मिलेंगे और किस तरह भरना है। जिले के 23.15 लाख मतदाताओं के सापेक्ष बीएलओ अब तक 17 लाख से ज्यादा फॉर्म पहुंचा चुके हैं। फॉर्म बांटने की रफ्तार तेज है, लेकिन उन्हें भरवाने की प्रक्रिया में स्पष्टता नहीं है। कई घरों में लोगों ने बताया कि बीएलओ ने फॉर्म तो थमा दिया, लेकिन जानकारी देने में ढंग से सहायता नहीं की। मोहल्ला किला निवासी काशिफ अली ने बताया कि उनके पास मौजूद पुराने रिकॉर्ड में पिता का नाम नहीं है जबकि दादा का नाम दर्ज है। उन्होंने कहा कि फॉर्म में सूची की जानकारी चाहिए। यह कैसे ठीक होगा, यह बीएलओ बताएंगे तो ही फॉर्म भर पाऊंगा।
इस बीच कई वार्ड सभासद, क्षेत्रीय नेता और समाजसेवी लोग भी आगे आकर मदद कर रहे हैं। मोहल्लों में बैठकर वे लोगों को फॉर्म समझा रहे हैं, पुराने विवरण खोजने में मदद कर रहे हैं और उन कॉलमों की जानकारी दे रहे हैं जो मतदाताओं को समझ नहीं आ रही थी। इससे कई परिवारों को राहत मिली है और फॉर्म भरने की प्रक्रिया थोड़ी आसान हुई है।
सहायक निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि 70 प्रतिशत से ज्यादा प्रपत्र वितरित हो चुके हैं और तीन चार दिनों में वितरण पूरा कर लिया जाएगा। उनका कहना है कि फॉर्म वापस लेते समय बीएलओ अधूरी जानकारी वहीं समझाकर पूरा कराएंगे। किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। जैसे जैसे अभियान आगे बढ़ रहा है, प्रशासन और समाज के लोगों की संयुक्त कोशिशों से उम्मीद है कि फॉर्म भरने की दिक्कतें धीरे धीरे कम होंगी।
धवन रोड पर अवैध कब्जा और वसूली का खेल : सुरक्षा और ट्रैफिक दोनों खतरे में
Wed, Nov 19, 2025
उन्नाव। बड़ा चौराहा से धवन रोड की तरफ जाने वाला रास्ता हर दिन लोगों की परीक्षा लेता है। सुबह हो या शाम, यहां जाम ऐसी स्थिति में पहुंच चुका है कि बाइक, कार तो दूर, एंबुलेंस तक फंस जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मरीजों को दूसरी तरफ ले जाने में कीमती समय बर्बाद हो जाता है और राह नहीं खुल पाती। इस भीड़भाड़ की असली वजह सड़क पर फैलता अवैध कब्जा है। पक्के दुकानदार अपनी दुकान के सामने ठेले और बेंच लगवाकर आधी सड़क घेर लेते हैं। दूकानदार अपनी दूकानों के सामने लगवाने के एवज मे इन जगहों के लिए प्रतिदिन 300 से 500 रुपये तक की वसूली करते है। ठेला लगाने वालों से यह रकम खुलेआम ली जाती है और पूरे रास्ते पर एक अनौपचारिक बाजार जैसा दृश्य बन जाता है। भीड़ बढ़ने के साथ हालात बदतर होते जा रहे हैं। महिलाओं से छेड़खानी की घटनाएं हों, या जेबकतरों द्वारा पर्स और जेब काटने की वारदातें, हर कुछ दिनों में ऐसे मामले सामने आ जाते हैं। तंग रास्ते और अंदर तक बनी भीड़ ऐसे लोगों को मौके देकर आसानी से निकल भागने में मदद कर देती है। इसके अलावा अवैध कब्जे की वजह से नगरपालिका कर्मचारी भी नाले की सफाई ठीक से नहीं कर पाते। लोगों का कहना है कि सड़क से कब्जा हटेगा तो ही ट्रैफिक सुधरेगा और एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवाओं का रास्ता खुलेगा। स्थानीय निवासियों की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार कागजी चेतावनियों के बजाय जमीन पर कार्रवाई दिखाई दे।
एसपी ने बदले थानेदार : चंद्रकांत मिश्र को मिली शहर कोतवाली की जिम्मेदारी
Wed, Nov 19, 2025
ज्ञानेंद्र सिंह को दही थाने की कमान, औरास में नई तैनाती
उन्नाव। पुलिस महकमे में देर रात को बड़ी प्रशासनिक हलचल देखी गई। एसपी जयप्रकाश सिंह ने कई महत्वपूर्ण पदों पर फेरबदल करते हुए साफ किया कि जिले में शिकायतों की अनदेखी और बढ़ते मामलों पर अब और ढिलाई नहीं चलेगी। तीन थानों के प्रभारी बदले गए और एक अहम शाखा की कमान भी नए हाथों में दी गई। यह बदलाव जिले की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और पुलिस कामकाज में तेजी लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। शहर कोतवाली में सबसे अहम बदलाव हुआ है। कोतवाल संजीव कुशवाहा को आईजीआरएस पोर्टल की शिकायतों का समय पर निस्तारण न करने के आरोप में कोतवाली से हटाकर औरास थाने भेजा गया। हाल के हफ्तों में शहर क्षेत्र में विभिन्न शिकायतों के लंबित रहने से लोगों की नाराजगी बढ़ रही थी। इसकी गंभीरता देखते हुए एसपी ने तुरंत कार्रवाई की और कोतवाली की बागडोर नए हाथों में सौंपने का फैसला किया।
अब शहर कोतवाली की जिम्मेदारी डीसीआरबी प्रभारी रहे चंद्रकांत मिश्र संभालेंगे। उन्हें तकनीकी समझ और तेज कामकाज के लिए जाना जाता है। पुलिस मुख्यालय में उनकी पकड़ मजबूत रही है और वे मौके पर तुरंत पहुंचकर कार्रवाई करने के लिए पहचाने जाते हैं। उम्मीद है कि उनके आने से कोतवाली क्षेत्र में शिकायत निस्तारण की रफ्तार बढ़ेगी और अपराध पर बेहतर नियंत्रण होगा। औरास थाने में तैनात ज्ञानेंद्र सिंह को भी बदला गया है। उन्हें नई जिम्मेदारी दही थाने में दी गई है। दही क्षेत्र में हाल ही में तनाव से जुड़े कुछ मामले सामने आए थे। इसे देखते हुए वहां अनुभवी अधिकारी की जरूरत महसूस की गई। ज्ञानेंद्र सिंह ग्रामीण और शहरी दोनों तरह के माहौल में काम कर चुके हैं, इसलिए उनकी तैनाती को रणनीतिक कदम माना जा रहा है। इन बदलावों पर एसपी जयप्रकाश सिंह ने कहा कि फेरबदल नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसका सीधा मकसद पुलिसिंग को तेज और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने यह भी दोहराया कि किसी भी थाने में शिकायतों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चंद्रकांत मिश्र को शहर कोतवाली सौंपकर यह संदेश भी दिया गया है कि अच्छे काम की सराहना होगी और लापरवाही पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।