जमीन गिरवी रखकर 9 लाख का लोन लिया : फर्जीवाड़ा कर दूसरों को बेच दी
Sat, Nov 22, 2025
बैंक प्रबंधक की तहरीर पर भू-स्वामी समेत 10 लोगों पर केस, पुलिस ने जांच शुरू की
उन्नाव। फैक्ट्री लगाने के लिए एक युवक ने जमीन बैंक में बंधक रखकर 9 लाख का लोन लिया और फर्जीवाड़ा कर उसे कुछ लोगों को बेच दिया। बैंक प्रबंधक की तहरीर पर भू-स्वामी समेत 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जान शुरू की है। सदर क्षेत्र के दुपरापुर निवासी अजयदीप श्रीवास्तव ने प्लास्टिक फैक्ट्री लगाने के लिए दीप प्लास्टिक इंडस्ट्री के प्रोपराइटर के रूप में लघु उद्योग विकास योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन किया था। उन्होंने सिंगरोसी स्थित अपनी भूमि को बंधक रखते हुए शपथ पत्र दिया था। यह अनुबंध किया था कि ऋण अवधि तक वह न ही जमीन को बेचेंगे और न ही कहीं गिरवी रखेंगे। दस्तावेज सत्यापन के बाद सदर क्षेत्र के अकरमपुर स्थित आर्यावर्त बैंक ने 25 मार्च 2015 को 9 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया। अनिल कुमार सोनी और अकील अहमद गारंटर बने थे।
नौ लाख का ऋण लेने के बाद बिना भुगतान किए अजयदीप ने कूचरचित दस्तावेजों के जरिए परिचित नीरज कुमार कुशवाहा, अब्दुल रसूल, इसराइल, शमशुल हक, मिस्वाक हुसैन, वसीम अहमद, दिनेश कुमार, विमला पत्नी नन्दकिशोर को जमीन बेंच दी। इतना ही नहीं स्थानीय लेखपाल और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से खरीदारों ने निर्धारित रकबे से अधिक भूमि का नामांतरण भी करा लिया।
जब बैंक कर्मियों को इसकी भनक लगी तो वह ऋण वसूली के लिए अजदीप के पास पहुंचे। इस पर उसने सभी से अभद्रता की और जान की धमकी देकर भगा दिया। बैंक प्रबंधक मनीष भदौरिया ने एसपी से मिलकर कार्रवाई की मांग की है। सदर कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर दस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
राष्ट्रीय गौसंरक्षक दल की सराहनीय पहल : निराश्रित गौवंशों को रेडियम पट्टी पहनाकर मिला सुरक्षा कवच
Sat, Nov 22, 2025
बरेली (उत्तर प्रदेश):
सड़क दुर्घटनाओं में गौवंशों और मनुष्यों दोनों के लिए बढ़ते खतरों को देखते हुए, उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में राष्ट्रीय गौसंरक्षक दल ने एक अत्यंत संवेदनशील और व्यावहारिक कदम उठाया है। फरीदपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पचौमी में दल के समर्पित कार्यकर्ताओं ने सड़कों और खेतों में विचरण करने वाले निराश्रित गौवंशों के गले में रेडियम पट्टी पहनाकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का अभिनव अभियान चलाया।
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दुर्घटनाओं का बढ़ता सिलसिला
हाल के दिनों में, सड़कों पर घूम रहे निराश्रित पशुधन, विशेष रूप से गौवंश, न केवल स्वयं अप्रिय दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, बल्कि रात के अंधेरे में सड़क पर अचानक आ जाने से कई गंभीर मानव दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहे हैं। यह समस्या ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों की सड़कों पर सर्दियों के कोहरे और कम रोशनी में और भी विकराल हो जाती है।
राष्ट्रीय गौसंरक्षक दल के कार्यकर्ताओं ने इस गंभीर चुनौती को समझा और शुक्रवार प्रातः पचौमी से फतेहगंजपूर्वी के बीच बड़े पैमाने पर यह अभियान चलाया। कार्यकर्ताओं ने गौवंशों के गले में भगवा रंग की चमकदार रेडियम पट्टी पहनाई। यह पट्टी रात के समय वाहनों की हेडलाइट की रोशनी पड़ने पर तेजी से चमकती है, जिससे वाहन चालकों को अंधेरे में भी दूर से गौवंश की उपस्थिति का स्पष्ट संकेत मिल जाता है।
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गौ और मानव सुरक्षा ही सर्वोपरि धर्म
इस मानवीय पहल पर टिप्पणी करते हुए, सोनू ठाकुर, जो गौरक्षा मंडल प्रभारी बरेली भी हैं, ने इस कार्य की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा, "गौवंशों समेत मानव सुरक्षा हमारा कर्तव्य और सर्वोपरि धर्म है। ये निराश्रित पशुधन हमारे समाज का हिस्सा हैं और इनकी रक्षा हमारी जिम्मेदारी है। हमारा मानना है कि गौवंशों को पहनाई गई यह रेडियम पट्टी, जो रात्रि में एक सुरक्षा संकेत का काम करेगी, गौवंश और मानव दोनों की जान बचाने में अत्यंत सहयोगी साबित होगी।"
दल के कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य गौवंशों की दृश्यता (visibility) को बढ़ाकर, सड़कों को सभी के लिए – मानव और पशु – अधिक सुरक्षित बनाना है।
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अभियान में सक्रिय सहभागिता
इस महत्वपूर्ण और सराहनीय कार्य को सफल बनाने में दल के कई प्रमुख कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें कुलदीप (प्रदेश प्रचार मंत्री), सोनू ठाकुर, सनिल प्रताप सिंह (जिला अध्यक्ष), सचिन सिंह (जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ), तथा सचिन कुमार, कल्लू, जितेंद्र, अर्जुन प्रमोद पंडित, डॉ0 हीरा लाल आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।
राष्ट्रीय गौसंरक्षक दल की यह पहल अन्य क्षेत्रों और संगठनों के लिए एक प्रेरणास्रोत है कि कैसे छोटे, व्यावहारिक कदमों से समाज की एक बड़ी समस्या का समाधान किया जा सकता है और निराश्रित पशुओं के जीवन को सुरक्षित किया जा सकता है।
उन्नाव में बड़ा हादसा टला : चलती कार में अचानक लगी आग
Fri, Nov 21, 2025
अग्निशमन यंत्र नहीं, दुकानों और घरों से लाया गया पानी बना सहारा
उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार की शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पीडी नगर स्थित भव्य शिखा के पास एक कार अचानक धधक उठी। सड़क पर अचानक उठी लपटों ने राहगीरों को भी चौंका दिया, लेकिन गनीमत रही कि चालक ने फुर्ती दिखाते हुए समय रहते बाहर छलांग लगा दी।मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक कार संख्या यूपी 78 सीपी 1657 उन्नाव शहर से पीडी नगर की तरफ बढ़ रही थी। भव्य शिखा के पास इंजन से धीरे-धीरे धुआं उठना शुरू हुआ। चालक गाड़ी रोक पाता, इससे पहले बोनट के नीचे आग भड़क गई और देखते ही देखते पूरी नाक वाली हिस्से में लपटें फैल गईं। खतरा बढ़ता देख चालक तुरंत कार से कूद गया और किनारे आ गया। आग लगते ही आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। इलाके में अग्निशमन यंत्र न होने के कारण लोग घरों और दुकानों से बाल्टियों में पानी लाकर आग बुझाने में जुट गए। करीब दस मिनट की कोशिशों के बाद आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन तब तक कार का अगला हिस्सा पूरी तरह जल चुका था। घटना के चलते कुछ देर के लिए सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी थम गई। सूचना पर पुलिस टीम पहुंची और स्थिति को संभाला। जली हुई कार को किनारे हटवाकर रास्ता साफ कराया गया। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट या इंजन की किसी तकनीकी समस्या से भड़की होगी। पुलिस ने कार मालिक से बातचीत शुरू की है और आग के असली कारण का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच कर रही है। खुशकिस्मती रही कि हादसे में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन अचानक लगी आग ने लोगों को कुछ देर के लिए डरा जरूर दिया।