सड़क बनी आफत : जलभराव में बैठकर सभासद का धरना
Sat, Jul 11, 2026
विधायक ने तीन दिन में काम शुरू कराने का दिलाया भरोसा, पालिका बोली, सड़क पीडब्ल्यूडी के अधीन
उन्नाव। लोक नगर से कब्बाखेड़ा जाने वाले मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर शनिवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। वार्ड के सभासद
ओमेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ पंकज
लोधी के नेतृत्व में स्थानीय लोग जलभराव से लबालब सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क निर्माण और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग उठाई। प्रदर्शन के कारण करीब दो घंटे तक मार्ग पर लंबा जाम लगा रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने बताया कि चौधरी खजान सिंह महाविद्यालय के पास करीब 200 मीटर सड़क सबसे अधिक खराब है। बारिश के दौरान यह हिस्सा पूरी तरह पानी से भर जाता है। गहरे गड्ढे पानी में छिप जाने से आए दिन बाइक सवार गिरकर घायल हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि लगभग रोज एक-दो ई-रिक्शा भी असंतुलित होकर पलट जाते हैं। इसी रास्ते से प्रतिदिन दो से तीन हजार लोगों का आवागमन होता है। स्कूली बच्चे, छात्र-छात्राएं, महिलाएं, बुजुर्ग और आसपास के गांवों के लोग इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। सभासद ने आरोप लगाया कि सड़क और जलभराव की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। समस्या का समाधान न होने पर लोगों को सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।
धरना और जाम की सूचना पर पहुंचे विधायक
प्रदर्शन की सूचना मिलने सदर विधायक पंकज गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर तीन दिन के भीतर सड़क निर्माण का कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिलाकर लोगों के गुस्से को शांत करवाया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त कर जाम खोल दिया। हालांकि लोगों ने चेतावनी दी कि तय समय में काम शुरू नहीं होने पर आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा।
पालिकाध्यक्ष बोलीं, सड़क पीडब्ल्यूडी की, पालिका की नहीं
पालिकाध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने कहा कि जिस सड़क को लेकर प्रदर्शन हुआ, वह नगर पालिका की नहीं बल्कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन है। इस संबंध में पांच दिन पहले पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजा जा चुका है और तत्कालीन जिलाधिकारी गौरांग राठी को भी अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि यह मार्ग रायबरेली-बिलग्राम हाईवे के नाम से जाना जाता है और लंबे समय से पीडब्ल्यूडी की जिम्मेदारी में है। हाल ही में विभाग ने सड़क का निर्माण कराया, लेकिन करीब 200 मीटर हिस्सा अधूरा छोड़ दिया। ऐसे में इस सड़क की जिम्मेदारी नगर पालिका पर डालना उचित नहीं है।
एडीएम बोले, सोमवार या मंगलवार से शुरू होगा काम
एडीएम एवं निकाय प्रभारी अमिताभ यादव ने बताया कि विधायक के माध्यम से धरना-प्रदर्शन की जानकारी मिली थी, जिसके बाद मामले का संज्ञान लिया गया। उन्होंने कहा कि सोमवार या मंगलवार से सड़क निर्माण का कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। यदि किसी कारण से निर्माण कार्य तत्काल शुरू नहीं हो पाता है तो सबसे पहले गड्ढों को भरवाकर मार्ग को आवागमन के लिए सुरक्षित बनाया जाएगा, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
डंपर से टकराने के बाद पीछे हटी रोडवेज बस : तीन लोगों की दर्दनाक मौत
Sat, Jul 11, 2026
नुकसान देखने के लिए बस से नीचे उतरे थे यात्री, परिचालक समेत चार लोग चपेट में आए
उन्नाव। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर दही थाना क्षेत्र स्थित रोडवेज वर्कशॉप के पास शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की जान चली गई। डंपर से टकराने के बाद बस से नीचे उतरकर क्षतिग्रस्त हिस्से का जायजा ले रहे यात्रियों को यह अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पल बाद वही बस उनकी मौत का कारण बन जाएगी। चालक ने बस को पीछे हटाना शुरू किया और पीछे खड़े लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस का परिचालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार रोडवेज बस हाईवे पर आगे चल रहे एक डंपर से टकरा गई थी। टक्कर के बाद बस रुक गई और कुछ यात्री व परिचालक नीचे उतरकर आगे हुए नुकसान को देखने लगे। इसी दौरान चालक ने बिना पीछे की स्थिति देखे बस पीछे कर दी, जिससे चार लोग उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही दही थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को बाहर निकलवाया, लेकिन तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायल परिचालक को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। हादसे के कारण कुछ देर तक हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने बाद में सामान्य कराया। मृतकों की पहचान राजेंद्र (50) पुत्र स्वामी प्रसाद, निवासी मदनपुर, थाना कप्तानगंज, जिला बस्ती तथा रामनरेश (40) पुत्र रामदास, निवासी तुलसी तारा, थाना पूरा कलंदर, जनपद अयोध्या के रूप में हुई है। तीसरे मृतक की पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि रामनरेश अपनी पत्नी के साथ कानपुर में अपने ससुर के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। सफर के दौरान हुए इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह बस चालक की लापरवाही सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
आरोप सही : जहरीले अपशिष्ट से 12 लाख की मछलियां मरीं, एफआईआर के आदेश
Sat, Jul 11, 2026
लैब जांच में तालाब का पानी दूषित मिला, विभागीय जांच में शिकायत सही पाई गई
उन्नाव। आसीवन क्षेत्र के एक बड़े मत्स्य पालन तालाब में जहरीला अपशिष्ट डाले जाने का मामला जांच में सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विभागीय जांच और लैब रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही उससे मछली पालक को हुए नुकसान की भरपाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। घटना में करीब 12 लाख रुपये की मछलियों के मरने का अनुमान लगाया गया है। आसीवन थाना क्षेत्र के गांव आसीवन तरफ पश्चिम स्थित करीब सात बीघे का तालाब प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत विकसित किया गया है। स्थानीय लोगों के बीच यह तालाब "गढ़ा" के नाम से जाना जाता है। यहां चरी योजना के तहत नर और मादा मछलियों का संरक्षण कर पूरे वर्ष प्रजनन कराया जाता है। यही तालाब अब जहरीले अपशिष्ट की वजह से भारी नुकसान का शिकार हो गया। मत्स्य पालक सैफुर्रहमान सफवी ने तीन जुलाई को जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को शिकायत देकर बताया था कि तालाब से सटे प्लॉट के मालिक मुजफ्फरपुर सर्रा निवासी दिलीप सिंह अपने प्लॉट में बाहर से जहरीला औद्योगिक अपशिष्ट मंगवाकर डंप करा रहे थे। विरोध करने के बावजूद काम नहीं रोका गया और वही अपशिष्ट तालाब तक पहुंच गया। इसके बाद तालाब का पानी दूषित हो गया, जिससे 80 से 90 क्विंटल मछलियां मर गईं। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने तालाब के पानी का नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। रिपोर्ट में पानी में दूषित अपशिष्ट मिलने की पुष्टि हुई। इसके साथ ही मत्स्य पालन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज किए। विभागीय जांच में भी शिकायत सही पाई गई। शुक्रवार को मत्स्य पालक विकास अभिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बालकिशोर दुबे ने आसीवन थाना प्रभारी को पत्र भेजकर आरोपी दिलीप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और मछली पालक को हुए आर्थिक नुकसान की क्षतिपूर्ति कराने की संस्तुति की। वहीं मत्स्य पालन अधिकारी ने डीपीआरओ और एसडीएम हसनगंज को भी पत्र भेजकर नियमानुसार कार्रवाई करने की सिफारिश की है। जांच में मामला सही पाए जाने के बाद अब पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी के खिलाफ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और आर्थिक क्षति पहुंचाने से जुड़े प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई हो सकती है।