राजनाथ, गडकरी और सीएम योगी ने किया लोकार्पण, उन्नाव के झाऊखेड़ा से मिला विकास को रफ्तार
उन्नाव। लखनऊ और कानपुर के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का सोमवार को लोकार्पण कर दिया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उन्नाव के पड़री खुर्द ग्राम पंचायत के मजरे झाऊखेड़ा में फीता काटकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्रदेश को समर्पित किया। अब मंगलवार सुबह से इस एक्सप्रेसवे पर आम लोगों के वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। दोपहर करीब 3:40 बजे हेलीकॉप्टर से कार्यक्रम स्थल पहुंचे केंद्रीय और प्रदेश सरकार के शीर्ष नेताओं का जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वागत किया। लोकार्पण के बाद सभी अतिथियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की और फिर अपने काफिले के साथ इसी एक्सप्रेसवे से लखनऊ के लिए रवाना हो गए। बाद में लखनऊ के सरोजिनी नगर स्थित सैनिक स्कूल के पास भी औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से विशेष तकनीकी प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसमें एक्सप्रेसवे के निर्माण में अपनाई गई आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक, 3डी इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल, सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की विस्तार योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना में अत्याधुनिक निर्माण तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों बेहतर हुई हैं।
कल से शुरू होगा सफर, टोल भी देना होगा
मंगलवार 14 जुलाई की सुबह से एक्सप्रेसवे पूरी तरह आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही टोल वसूली भी शुरू हो जाएगी। यह कंट्रोल्ड एक्सेस हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे है, इसलिए यहां केवल कार, जीप, बस, ट्रक और अन्य मोटर वाहन ही चल सकेंगे। बाइक, स्कूटर, ऑटो, ई-रिक्शा, साइकिल, ट्रैक्टर और अन्य धीमी गति वाले वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
अब डेढ़-दो घंटे नहीं, सिर्फ 35 से 45 मिनट का सफर
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से सबसे बड़ा फायदा समय की बचत के रूप में मिलेगा। अभी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर ट्रैफिक और जाम के कारण लखनऊ से कानपुर पहुंचने में डेढ़ से दो घंटे तक लग जाते थे। अब यही दूरी महज 35 से 45 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे न सिर्फ ईंधन की बचत होगी बल्कि उन्नाव और आसपास के इलाकों में लगने वाले लंबे जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
उन्नाव को भी मिलेगा सीधा फायदा
एक्सप्रेसवे पर गंगाघाट, करेर पतारी, कोरारी और अमरसस के पास आधुनिक इंटरचेंज बनाए गए हैं। इनके जरिए उन्नाव, रायबरेली, लखनऊ और कानपुर के बीच आवागमन पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा। उद्योग, व्यापार और निवेश के लिहाज से भी इस एक्सप्रेसवे को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
सुरक्षा पर रहेगा खास फोकस
एनएचएआई ने साफ किया है कि एक्सप्रेसवे पर तय गति सीमा और सभी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। केवल निर्धारित वाहनों को ही प्रवेश मिलेगा, ताकि हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सुरक्षित और निर्बाध यातायात सुनिश्चित किया जा सके।
एक मंच पर दिखे जिले के जनप्रतिनिधि
कार्यक्रम में सांसद डॉ. साक्षी महाराज, कानपुर सांसद रमेश अवस्थी, जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती शकुन सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी, सदर विधायक पंकज गुप्ता, पुरवा विधायक अनिल सिंह, बांगरमऊ विधायक श्रीकांत कटियार, भगवंतनगर विधायक आशुतोष शुक्ला, सफीपुर विधायक बंबा लाल दिवाकर, मोहान विधायक ब्रजेश रावत, विधायक मानवेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक पूनम शंखवार तथा विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अरुण पाठक और अशोक अग्रवाल ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रशासनिक अमला भी रहा मुस्तैद
समारोह में प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी घनश्याम मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह सहित एनएचएआई, जिला प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं से लेकर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन तक सभी व्यवस्थाओं की अधिकारियों ने लगातार निगरानी की। लोकार्पण के दौरान केंद्रीय एवं प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से भी परियोजना के संचालन और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।