बेघर महिला ने डीएम से लगाई गुहार : पट्टा और आवास की मांग
Wed, Jun 24, 2026
रेलवे की जमीन से हटाई गई झोपड़ी, दो साल से दर-दर भटक रहा परिवार
उन्नाव। सिर छिपाने की जगह की तलाश में एक महिला ने गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। सदर तहसील क्षेत्र के मगरवारा की रहने वाली सबीना बानो ने अपने परिवार के लिए सरकारी जमीन का पट्टा और आवास उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि बीते दो वर्षों से उनका परिवार स्थायी ठिकाने के बिना गुजर-बसर कर रहा है। गुरुवार सुबह करीब साढ़े दस बजे शबीना बानो डीएम कार्यालय पहुंचीं और प्रार्थना पत्र देकर अपनी समस्या रखी। उन्होंने बताया कि करीब 15 साल तक उनका परिवार रेलवे लाइन किनारे बनी एक झोपड़ी में रहता था। इसी दौरान रेलवे विभाग की ओर से जमीन पर बाउंड्री वॉल का निर्माण शुरू कराया गया, जिसमें उनकी झोपड़ी को हटा दिया गया। इसके बाद से परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया। शबीना के मुताबिक, परिवार की आर्थिक हालत पहले से ही कमजोर है। पति-पत्नी दोनों दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह घर चला रहे हैं। उनके साथ एक छोटा बेटा भी है, जिसकी उम्र करीब आठ साल है। रोज कमाने और खाने के बीच सबसे बड़ी चिंता अब सिर पर छत की है। पीड़िता का आरोप है कि उसने कई बार ग्राम सचिव और संबंधित विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर मदद मांगी, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। स्थायी व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी। इसी वजह से वह लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। महिला ने प्रशासन से मांग की है कि उसकी आर्थिक और पारिवारिक स्थिति को देखते हुए उसे 100 गज जमीन का सरकारी पट्टा दिया जाए और प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराया जाए, ताकि उसका परिवार सुरक्षित और स्थायी रूप से रह सके। फिलहाल प्रशासन ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर मामले की जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि बेघर परिवार को राहत कब तक मिलती है।
रिश्ते की रंजिश में युवक से मारपीट : लूट और धमकी का आरोप
Wed, Jun 24, 2026
पीड़ित पिता ने एसपी से लगाई गुहार, बोले- पुलिस ने कार्रवाई के बजाय समझौते का बनाया दबाव
उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र में शादी के प्रस्ताव को ठुकराने के बाद रंजिशन युवक के साथ बेरहमी से मारपीट और लूटपाट का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सलेमपुर मजरा करोवन निवासी भोला का आरोप है कि कुछ दिन पहले आदर्श नगर निवासी रोमी ने अपने परिवार की एक लड़की का रिश्ता उनके बेटे विजय सोनकर के लिए भेजा था। परिवार ने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। आरोप है कि इसी बात को लेकर रोमी मन में रंजिश रखने लगा। पीड़ित के मुताबिक 20 जून की दोपहर विजय गांधी नगर इलाके में मोबाइल ठीक कराने गया था। इसी दौरान रास्ते में रोमी ने उसे रोक लिया और शादी का प्रस्ताव ठुकराने को लेकर नाराजगी जताई। बात बढ़ने पर उसने अपने साथी राहुल, मुरारी, अमन और तीन अन्य लोगों को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि सभी ने मिलकर विजय को घेर लिया और लाठी-डंडों, बेल्ट व लात-घूंसों से जमकर पीटा। मारपीट के दौरान उसकी जेब में रखे पांच हजार रुपये छीन लिए गए और मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया। परिवार का कहना है कि हमलावर यहीं नहीं रुके। विजय को जबरन एक मकान के भीतर ले जाया गया, जहां उसके साथ दोबारा मारपीट की गई। आरोप है कि कट्टे की बट और डंडों से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। सिर और शरीर के कई हिस्सों में चोटें आने के बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर आरोपियों ने पूरे परिवार को जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इतना ही नहीं, पीड़ित परिवार का कहना है कि स्थानीय पुलिस ने उनकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं की, बल्कि उनके दूसरे बेटे को चौकी में बैठाकर समझौते का दबाव बनाया। अब पीड़ित पिता भोला ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घायल बेटे का मेडिकल परीक्षण कराने और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस का कलेक्ट्रेट मार्च : एफआईआर दर्ज करने की उठाई मांग
Wed, Jun 24, 2026
कांग्रेस नेता बोले, आस्था से जुड़े मामलों में जवाबदेही जरूरी
उन्नाव। राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे सवालों पर अब सियासत तेज होती दिख रही है। बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार को घेरते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पहले बैठक कर पूरे मामले पर चर्चा की, फिर शांतिपूर्ण मार्च निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मंदिर में चढ़ावे के रूप में मिली नकदी और सोने-चांदी के आभूषणों के रखरखाव और रिकॉर्ड को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने आरोप लगाया कि कई तथ्यों और शिकायतों के सामने आने के बावजूद अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार की नीयत और प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष हनुमंत सिंह ने कहा कि कई श्रद्धालुओं और दानदाताओं ने खुलकर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि मंदिर में दिए गए कीमती जेवरात के बदले न तो उन्हें कोई रसीद दी गई और न ही बाद में उन दान की वस्तुओं की स्थिति के बारे में कोई जानकारी दी गई। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बैठक के दौरान अलीगंज में हुए सड़क हादसे का मुद्दा भी उठा। इस हादसे में छात्रों की मौत पर कांग्रेस नेताओं ने गहरा दुख जताया। सभी कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं का जत्था शांत मार्च के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर जल्द कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस ने साफ कहा कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आगे आंदोलन और तेज किया जाएगा।