चार महीने में ही जवाब देने लगी 4.3 करोड़ की लोकनगर रोड : पूरननगर के पास पुलिया के आगे गहरा गड्ढा
Sun, Mar 8, 2026
पीडब्ल्यूडी ने जल निगम की पाइपलाइन लीकेज को बताया वजह
उन्नाव। शहर से हरदोई की ओर जाने वाला अहम लोकनगर मार्ग निर्माण के महज चार महीने बाद ही बदहाल होने लगा है। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई यह सड़क कई जगह से धंसने लगी है, जबकि एक स्थान पर गहरा गड्ढा भी हो गया है। ऐसे में इस रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए खासकर रात के समय सफर जोखिम भरा बन गया है। पूरननगर के पास एसवीएम विद्यालय के आगे बनी पुलिया के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया है और वहीं गड्ढा भी बन गया है। हादसे की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोगों ने वहां बड़े पत्थर रख दिए हैं ताकि वाहन चालक सतर्क हो जाएं। हालांकि अंधेरे में यही पत्थर भी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।यह मार्ग छोटा चौराहा से मुड़कर लोकनगर होते हुए कब्बाखेड़ा तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा है। पहले इसे पुराने स्टेट हाईवे के रूप में जाना जाता था। हरदोई पुल बनने से पहले शहर में प्रवेश किए बिना लोग इसी रास्ते से सीधे कब्बाखेड़ा निकल जाते थे और वहां से हरदोई मार्ग पकड़ लेते थे। समय के साथ आबादी बढ़ने और शहर का विस्तार होने के कारण इस मार्ग से भारी वाहनों का आवागमन कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था। बाद में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इस सड़क के चौड़ीकरण और नवनिर्माण की योजना बनाई गई। पिछले साल लोकनगर मार्ग को 3.5 मीटर से बढ़ाकर सात मीटर चौड़ा करने और पूरी सड़क को नए सिरे से बनाने के लिए करीब 4.3 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नवंबर में यह मार्ग लोगों के लिए खोल दिया गया था, लेकिन चार महीने के भीतर ही सड़क की हालत बिगड़ने लगी है। यह सड़क शहर के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। चौड़ीकरण के बाद भारी वाहनों समेत अन्य वाहन अब शहर के अंदर जाने के बजाय इसी मार्ग से बाहर निकल जाते हैं। हरदोई जाने वाले वाहन तो इस रास्ते से गुजरते ही हैं, इसके अलावा चकलवंशी, माखी, सफीपुर, फतेहपुर चौरासी और बांगरमऊ जाने वाले लोग भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रतिदिन करीब पांच हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन इस सड़क से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क का धंसना और गड्ढा बनना बड़े हादसे की आशंका को बढ़ा रहा है।पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि सड़क धंसने की वजह जल निगम की पाइपलाइन में लीकेज है। निर्माण खंड के एक्सईएन सुबोध कुमार के मुताबिक पूरननगर के पास पुलिया के अप्रोच मार्ग से जल निगम की पाइपलाइन गुजर रही है। पाइपलाइन में काफी समय से लीकेज है, जिससे नीचे की मिट्टी कमजोर हो गई और सड़क धंस गई। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल निगम शहरी के अधिकारियों को सूचना दी गई है और पाइपलाइन की मरम्मत कराने के लिए कहा गया है। शनिवार को भी मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए थे। जल्द ही स्थिति की जानकारी लेकर पाइपलाइन ठीक कराई जाएगी, ताकि सड़क की मरम्मत भी कराई जा सके। फिलहाल सड़क की हालत को देखते हुए वाहन चालकों को काफी सतर्कता बरतनी पड़ रही है। स्थानीय लोग जल्द मरम्मत कराए जाने की मांग कर रहे हैं, ताकि आने वाले दिनों में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
शहर जाम के जाल में फंसा : पांच मिनट का रास्ता तय करने में लग रहे 20 मिनट
Sun, Mar 8, 2026
अतिक्रमण, गलत पार्किंग और ई-रिक्शा-ऑटो की अव्यवस्था से बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था
उन्नाव। शहर में बढ़ती भीड़ और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। हालात यह हैं कि जिन सड़कों को 30 फीट चौड़ा बनाया गया था, वहां अतिक्रमण और सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण केवल करीब 15 फीट जगह ही बच पाती है। इसके चलते शहर के प्रमुख बाजार और चौराहों पर दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है। सब्जीमंडी से गांधीनगर तिराहा तक की दूरी सामान्य दिनों में पांच मिनट में तय हो सकती है, लेकिन मौजूदा हालात में लोगों को 15 से 20 मिनट तक लग जाते हैं। फुटपाथों पर दुकानों का फैलाव और सड़क पर खड़े वाहन यातायात को धीमा कर देते हैं। नतीजतन, सुबह से लेकर देर शाम तक कई जगह वाहन रेंगते हुए नजर आते हैं।
इन मार्गों पर सबसे ज्यादा जाम
शहर के कई प्रमुख रास्तों पर स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। इनमें सबसे ज्यादा बड़ा चौराहा से स्टेट बैंक मुख्य शाखा तक, छोटा चौराहा से डीएसएन कॉलेज मोड़, जिला अस्पताल से बैंक ऑफ इंडिया, हरदोई पुल से हनुमान मंदिर, कचहरी से एसपी कार्यालय तिराहा तक इन मार्गों पर अक्सर जाम लग जाता है। बाजार के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है।
फुटपाथों पर कब्जे से बढ़ी परेशानी
यातायात की समस्या का बड़ा कारण फुटपाथों पर बढ़ता अतिक्रमण भी है। कई दुकानदार अपना सामान सड़क तक फैलाकर रखते हैं, जिससे पैदल चलने वालों को भी सड़क पर उतरना पड़ता है। इससे वाहन चालकों को भी दिक्कत होती है और जाम की स्थिति बन जाती है। त्योहारी सीजन में यह समस्या और बढ़ जाती है। होली और अन्य त्योहारों के समय अस्थायी दुकानों के कारण सड़क की चौड़ाई और कम हो जाती है। शनिवार को भी शहर के मुख्य मार्गों पर कई बार जाम लगा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वेंडिंग जोन की योजना अधूरी
नगर पालिका ने फुटपाथों को खाली कराने और ठेला-पटरी दुकानदारों को व्यवस्थित करने के लिए शहर में 10 नो-वेंडिंग जोन और आठ वेंडिंग जोन चिह्नित किए थे। योजना का मकसद यह था कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में फुटपाथ खाली कराकर दुकानदारों को निर्धारित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए।लेकिन कई साल गुजर जाने के बाद भी यह योजना पूरी तरह लागू नहीं हो सकी। अभी तक केवल कचहरी पुल के नीचे एक ही वेंडिंग जोन बनाया जा सका है। जिला अस्पताल, आवास विकास कॉलोनी और स्टेशन रोड जैसे स्थानों पर वेंडिंग जोन की योजना अभी भी फाइलों में ही अटकी हुई है।
ई-रिक्शा और ऑटो भी बन रहे कारण
शहर में तेजी से बढ़ रहे ई-रिक्शा और ऑटो भी यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। नगर पालिका ने इन वाहनों के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए रूट तय करने की योजना बनाई थी। इसके तहत करीब 2100 ई-रिक्शा और ऑटो के लिए अलग-अलग रंग के स्टिकर जारी किए गए थे और पड़ाव के आधार पर संचालन का प्रस्ताव था। हालांकि, चालकों ने कमाई में अंतर का हवाला देते हुए इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई। इसके बाद यह योजना भी लागू नहीं हो सकी और तीन साल बाद भी शहर में ई-रिक्शा और ऑटो बिना तय रूट के ही चलते दिखाई देते हैं।
गांधीनगर तिराहा चौड़ीकरण से उम्मीद
शहर में जाम से राहत दिलाने के लिए फिलहाल गांधीनगर तिराहा के चौड़ीकरण का काम शुरू किया गया है। यह काम उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण की ओर से कराया जा रहा है। परियोजना पर करीब 1.77 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।तिराहे के बीच बने फव्वारे को हटाकर वहां गोल चबूतरा बनाया गया है। साथ ही बिजली के पोल भी दूसरी जगह शिफ्ट किए जा रहे हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि सड़क चौड़ी होने के बाद यहां जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी
नगर पालिका और यातायात पुलिस का कहना है कि अतिक्रमण हटाने और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एसके गौतम के अनुसार दुकानदारों को फुटपाथ पर सामान न रखने की चेतावनी दी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिक्रमण हटाया भी जाता है। उन्होंने बताया कि होली के कारण कुछ स्थानों पर अस्थायी दुकानें लग गई थीं। अतिक्रमण करने वालों को नोटिस दिया जा रहा है और जल्द ही अभियान चलाकर फुटपाथ खाली कराए जाएंगे। वहीं यातायात प्रभारी सुनील सिंह ने बताया कि सड़क पर गलत तरीके से खड़े वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में सदर बाजार क्षेत्र में अवैध पार्किंग के मामले में 50 से अधिक वाहनों का चालान किया गया है।
लोगों की मांग
शहर के लोगों का कहना है कि जाम की समस्या से राहत के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं बल्कि ठोस और स्थायी व्यवस्था की जरूरत है। यदि वेंडिंग जोन, पार्किंग और ई-रिक्शा रूट की योजनाओं को सही तरीके से लागू किया जाए तो शहर की यातायात व्यवस्था काफी हद तक सुधर सकती है।
डेरे पर हमला : मारपीट में छह माह के मासूम की मौत का आरोप
Sun, Mar 8, 2026
नशे में धुत युवकों ने परिवार को पीटा, महिलाओं को भी नहीं बख्शा
उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र में नवीन मंडी के पास डेरा डालकर रह रहे एक परिवार पर दो युवकों द्वारा कथित तौर पर किए गए हमले के बाद छह माह के मासूम की मौत का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि नशे में धुत हमलावरों ने डेरे में घुसकर जमकर मारपीट की और इस दौरान महिलाओं को भी नहीं छोड़ा। मारपीट के बीच एक महिला के पेट में लात लगने से गोद में मौजूद छह माह के बच्चे की मौत हो गई। घटना की जानकारी पर पुलिस ने दोनों आरोपितों पर मुकदमा दर्ज कर एक को हिरासत में ले लिया और बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कई महीनों से डेरे में रह रहा था परिवार
पीड़ित परिवार मूल रूप से झांसी जिले के गुरसरांय क्षेत्र के डुंडी गांव का रहने वाला है। राघवेंद्र अपने परिवार के साथ लखनऊ-कानपुर हाईवे किनारे मोहल्ला पहली खेड़ा स्थित नवीन मंडी के पास कई महीनों से डेरा डालकर रह रहा था। परिवार टेडीबियर और अन्य छोटे खिलौने बेचकर अपना गुजारा करता है। राघवेंद्र के अनुसार शुक्रवार रात करीब आठ बजे परिवार खाना खाकर सोने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान पहली खेड़ा का रहने वाला लड्डू और उसका साथी किला मोहल्ला निवासी सलमान वहां पहुंच गए। आरोप है कि दोनों युवक नशे की हालत में थे और आते ही उन्होंने डेरे का तिरपाल फाड़ दिया।
विरोध करने पर डेरे में घुसकर की पिटाई
पीड़ित का कहना है कि जब परिवार ने इसका विरोध किया तो दोनों युवक गाली-गलौज करते हुए डेरे में घुस आए और लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने महिलाओं को भी बेरहमी से पीटा। इस मारपीट में राघवेंद्र, उसके पिता, मां, साली समेत परिवार के कई लोगों को चोटें आईं। परिवार का दावा है कि इसी दौरान एक महिला के पेट में जोरदार लात लग गई, जिससे उसकी गोद में मौजूद छह माह का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने दर्ज की मारपीट की रिपोर्ट
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सदर कोतवाली प्रभारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। बच्चे की मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की धाराएं बढ़ाने समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में चर्चा का विषय बनी घटना
नवीन मंडी के पास रहने वाले लोगों के बीच इस घटना को लेकर काफी चर्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात हुई इस मारपीट से इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। वहीं पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।