जमीन विवाद : पंकज गुप्ता का साफ रुख, बोले—निष्पक्ष जांच हो, सही को मिले हक
Wed, May 6, 2026
विधायक बोले, अपने भी गलत हों तो कार्रवाई हो — ब्रजेश रावत को बताया बड़े भाई जैसा, बोले—शायद गलतफहमी
उन्नाव। हाईवे किनारे कीमती जमीन को लेकर सामने आए विवाद में सदर विधायक पंकज गुप्ता ने स्पष्ट और सख्त रुख अपनाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले से उनका कोई सीधा संबंध नहीं है और प्रशासन को केवल साक्ष्यों के आधार पर ही निर्णय लेना चाहिए। यह विवाद नवीन मंडी के पास करीब 6 बीघा जमीन को लेकर है, जहां कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। मामले में विधायक की बहन का नाम सामने आने के बाद पंकज गुप्ता खुद सामने आए और पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए पारदर्शी कार्रवाई की मांग की।
“सच सामने आए, यही प्राथमिकता”
पंकज गुप्ता ने बताया कि उन्हें इस प्रकरण की जानकारी बाद में मिली, जिसके बाद उन्होंने तुरंत जिला प्रशासन से संपर्क कर निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यदि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और स्टे आदेश प्रभावी है, तो प्रशासन को उसी के अनुरूप कार्रवाई करनी चाहिए। उनका साफ कहना है कि “दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए” और जो भी पक्ष सही हो, उसे उसका अधिकार मिलना चाहिए।
अपने लोगों पर भी कार्रवाई की बात
विधायक का रुख इस मामले में इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने साफ कहा कि यदि जांच में उनके परिवार का कोई सदस्य भी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार का दबाव या पक्षपात न किया जाए।
ब्रजेश रावत को बताया बड़े भाई जैसा
पंकज गुप्ता ने कहा कि दूसरे पक्ष के विधायक ब्रजेश रावत उनके लिए बड़े भाई जैसे हैं और दोनों एक ही पार्टी परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि “संभव है कि इस पूरे मामले में कोई गलतफहमी हो गई हो, जिसे निष्पक्ष जांच के जरिए दूर किया जाना चाहिए।” उनके इस बयान को विवाद को शांत करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
“नाम घसीटकर छवि खराब करने की कोशिश”
विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर उनका नाम इस विवाद में जोड़कर उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के नाम उछालना गलत है और इससे राजनीतिक माहौल प्रभावित होता है।
अधिकारी का बयान: दोनों गाटे अलग-अलग गांव के, मामला कोर्ट में विचाराधीन
उप जिलाधिकारी सदर क्षितिज द्विवेदी ने बताया कि सोशल मीडिया व विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म पर सदर विधायक की बहन दीप्ति गुप्ता और मोहान विधायक ब्रजेश कुमार रावत के बीच भूमि विवाद की खबरें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि मौके पर राजस्व टीम और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया, जिसमें दोनों पक्ष मौजूद रहे। उपलब्ध कराए गए अभिलेखों के परीक्षण में पाया गया कि दीप्ति गुप्ता के नाम ग्राम उन्नाव क्षेत्र में गाटा संख्या 2324 (रकबा 0.1260 हेक्टेयर) दर्ज है, जबकि ब्रजेश रावत पक्ष के नाम ग्राम वाजिदपुर राजेपुर क्षेत्र में गाटा संख्या 763 व 764 (प्रत्येक 0.2020 हेक्टेयर) दर्ज हैं।एसडीएम के अनुसार, दोनों गाटे अलग-अलग गांव के हैं, जो एक-दूसरे की सीमा पर स्थित हैं, जबकि विवादित स्थल को दोनों पक्ष अपनी-अपनी भूमि बता रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में दीवानी वाद संख्या 200219/2019 सिविल जज (जू.डि.) दक्षिणी उन्नाव के न्यायालय में विचाराधीन है, जिसकी अगली सुनवाई 20 मई 2026 को निर्धारित है। प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों को कोतवाली पुलिस की मौजूदगी में मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने और यथास्थिति कायम रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस पर दोनों पक्षों ने सहमति जताई है।
परिवार में मचा कोहराम : ट्रेन की चपेट में आकर युवक की मौत
Tue, May 5, 2026
शाम करीब साढ़े सात बजे हुआ हादसा, पुलिस कर रही वजह की पड़ताल
उन्नाव। बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 35 वर्षीय युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के मुताबिक, बिखरीपुर रुल गांव निवासी राहुल (35), पुत्र भजनु, सोमवार शाम करीब 7:30 बजे किसी काम से बाहर निकले थे। इसी दौरान वह रेलवे ट्रैक के पास पहुंचे, जहां अचानक जम्मू तवी ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए और परिजनों को जानकारी दी। कुछ ही देर में परिवार के लोग भी वहां पहुंच गए। अपने बेटे की हालत देखकर परिजन बेसुध हो गए और माहौल गमगीन हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती तौर पर मामला हादसा लग रहा है, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि राहुल अपने परिवार में दूसरे नंबर पर थे। उनके परिवार में पांच बहनें और तीन भाई हैं। उनकी अचानक मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक ट्रेन की चपेट में किन परिस्थितियों में आया—क्या यह महज हादसा था या इसके पीछे कोई और वजह है। जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।
तिरपाल फैक्ट्री में भीषण आग : लाखों का नुकसान, समय रहते टला बड़ा हादसा
Tue, May 5, 2026
शॉर्ट सर्किट की आशंका, दमकल की कई गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू
उन्नाव। मगरवारा औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक तिरपाल बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया और आसपास का इलाका घने धुएं से भर गया। मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी जान बचाकर बाहर की ओर भागे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि अभी नहीं की गई है। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री रखी होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग सक्रिय हो गया। कई फायर ब्रिगेड गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनूप सिंह खुद मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी करते हुए टीम का नेतृत्व किया। दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब कई घंटों की लगातार कोशिश के बाद आग को पूरी तरह बुझाया जा सका। तब तक फैक्ट्री में रखा तिरपाल और अन्य सामान जलकर राख हो चुका था। शुरुआती अनुमान के अनुसार इस आगजनी में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। सभी कर्मचारी समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दमकल टीम थोड़ी देर से पहुंचती, तो आग आसपास की अन्य फैक्ट्रियों तक फैल सकती थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती थी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।