नीट परीक्षा कड़ी निगरानी में संपन्न : पेपर लीक की पुरानी टीस के बीच छात्रों ने आजमाई किस्मत
Sun, Jun 21, 2026
डीएम-एसएसपी ने केंद्रों का किया निरीक्षण, अभ्यर्थियों ने जताई पारदर्शी परीक्षा की उम्मीद
उन्नाव। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट रविवार को जिले में कड़ी सुरक्षा और सख्त निगरानी के बीच संपन्न हुई। प्रशासन ने परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। परीक्षा से पहले जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। जिले में नीट परीक्षा के लिए चार केंद्र बनाए गए थे, जहां कुल 1241 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित हुई। केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे। नीट परीक्षा को लेकर छात्रों में उत्साह के साथ-साथ पिछली पेपर लीक की घटनाओं की चिंता भी साफ दिखाई दी। सफीपुर से परीक्षा देने पहुंची छात्रा अनामिका ने बताया कि पिछली बार पेपर लीक होने से मानसिक दबाव बढ़ गया था। उन्होंने कहा कि दोबारा परीक्षा की आशंका के कारण इस बार तैयारी पर भी असर पड़ा। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न होगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के मन में हमेशा यह डर बना रहता है कि कहीं फिर से पेपर लीक जैसी स्थिति सामने न आ जाए। सरकार से ऐसी घटनाओं पर स्थायी रोक लगाने की मांग भी उन्होंने उठाई। वहीं सिविल लाइन से परीक्षा देने पहुंचे छात्र तन्मय यादव ने कहा कि पहली बार उन्होंने बेहतर तैयारी की थी, लेकिन पेपर लीक के बाद उनका मनोबल प्रभावित हुआ। दोबारा खुद को तैयार करना आसान नहीं था, फिर भी उन्होंने पूरी मेहनत की। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने बताया कि परीक्षा को पूरी सतर्कता और सुरक्षा के बीच कराया गया। वहीं एसएसपी जय प्रकाश सिंह ने कहा कि सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश प्रक्रिया को लेकर शासन की गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराया गया, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
ट्रेन की चपेट में आकर मजदूर की मौत : परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
Sun, Jun 21, 2026
रेलवे ट्रैक पार करते समय हुआ हादसा, पत्नी समेत पांच बच्चों का सहारा था मृतक
उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र के शांति नगर मोहल्ले में शनिवार रात दर्दनाक हादसे में एक मजदूर की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, वहीं सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।शांति नगर निवासी 45 वर्षीय मनोज पाल पुत्र पुतान पाल मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे और एक फैक्ट्री में काम करते थे। शनिवार रात वह किसी काम से रेलवे लाइन के पास गए थे। इसी दौरान रेलवे ट्रैक पार करते समय वह ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना पाकर परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए। मनोज की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।परिजनों के अनुसार, मनोज ही घर की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके परिवार में पत्नी, चार बेटियां और एक बेटा है। उनकी अचानक मौत से परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर परिजन देर रात तक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करते रहे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कर हादसे की परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा रहा है।
मौत को छूकर लौट आई महिला : ऊपर से गुजर गईं 21 बोगियां, बची जान
Sun, Jun 21, 2026
उन्नाव जंक्शन पर चलती ट्रेन में चढ़ते वक्त फिसला पैर, ट्रैक के बीच लेटने से टला बड़ा हादसा
उन्नाव। कुछ पल के लिए ऐसा लगा मानो मौत सामने खड़ी हो, लेकिन किस्मत ने साथ दिया और महिला मौत को मात देकर सुरक्षित बाहर निकल आई। उन्नाव जंक्शन पर शनिवार देर रात आम्रपाली एक्सप्रेस में चढ़ते समय पैर फिसलने से महिला ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच ट्रैक पर जा गिरी। इसके बाद ट्रेन की पूरी 21 बोगियां उसके ऊपर से गुजर गईं, लेकिन हैरत की बात यह रही कि महिला को सिर्फ मामूली चोट आई। घटना प्लेटफॉर्म नंबर-2 की है। मध्य प्रदेश के कोरबा जिले के आम्रपाली गांव निवासी 48 वर्षीय रामशिला अपने पति गंगाराम, बेटे सागर और भाई जय के साथ पिछले कई महीनों से उन्नाव के अचलगंज क्षेत्र में एक ईंट भट्ठे पर काम कर रही थीं। शनिवार रात पूरा परिवार अपने गांव लौटने के लिए उन्नाव स्टेशन पहुंचा था। परिजनों के अनुसार, आम्रपाली एक्सप्रेस का टिकट लेने के बाद सभी लोग ट्रेन में सवार होने लगे। बेटा सागर और पिता गंगाराम सामान लेकर पहले चढ़ गए। इसी दौरान सबसे पीछे चढ़ रही रामशिला का पैर अचानक फिसल गया और वह सीधे ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच पटरियों पर जा गिरीं। महिला के गिरते ही परिवार के लोग चीख पड़े, लेकिन तब तक ट्रेन रफ्तार पकड़ चुकी थी। सागर ने बताया कि उसकी मां पटरियों के बीच सिकुड़कर लेट गई थीं। इसी वजह से ट्रेन की सभी 21 बोगियां उनके ऊपर से गुजरने के बावजूद उन्हें गंभीर चोट नहीं आई। ट्रेन गुजरने के बाद मौके पर मौजूद आरपीएफ और जीआरपी जवानों ने तत्काल महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि महिला पूरी तरह सुरक्षित है। उसके कान में हल्की खरोंच आई थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।हादसे के बाद रामशिला काफी सहमी हुई दिखीं। अस्पताल में भी वह पति का हाथ थामे रहीं। परिवार के लोग इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं। आरपीएफ इंस्पेक्टर हरीश कुमार मीणा ने बताया कि यात्रियों को चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास नहीं करना चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है।