यक्ष ऐप की मदद से पुलिस ने दिखाया कमाल : 21 साल से फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर नरेश गिरफ्तार,
आलम वारसी
Mon, Mar 30, 2026
मुरादाबाद पुलिस ने 21 साल से फरार हिस्ट्रीशीटर नरेश को गिरफ्तार किया है, जो संभल में 'सुल्तान' नाम से मुस्लिम पहचान बनाकर रह रहा था। पुलिस ने 'यक्ष ऐप' की मदद से उसे पकड़ा है। नरेश के खिलाफ 9 मामले दर्ज थे और वह फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी सिस्टम को चकमा दे रहा था। पुलिस ने उसके पास से फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
मुरादाबाद पुलिस ने 'यक्ष ऐप' (Yaksh App) की मदद से एक बड़े अपराधी को दबोचने में सफलता पाई है। पाकबड़ा के गांव हासमपुर गोपाल का हिस्ट्रीशीटर नरेश, जो पिछले दो दशकों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था, अब सलाखों के पीछे है। हैरानी की बात यह है कि नरेश पिछले 21 सालों से संभल में 'सुल्तान' बनकर रह रहा था और उसने पूरी तरह मुस्लिम जीवनशैली अपना ली थी।
पुलिस के मुताबिक नरेश एक शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ मुरादाबाद के पाकबड़ा, मैनाठेर, ठाकुरद्वारा और अमरोहा के डिडौली थाने में लूट और डकैती जैसे गंभीर धाराओं में 9 मुकदमे दर्ज हैं। पूर्व में भी अपराधी कई साल जेल काट चुका है। पाकबड़ा पुलिस ने जाली दस्तावेज रखने और पहचान छिपाने का नया केस दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।तलाशी के दौरान नरेश के पास से फर्जी पहचान पत्रों का पूरा सेट मिला है। पुलिस ने उसके पास से दो फर्जी आधार कार्ड और तीन वोटर आईडी के साथ ही एक पैन कार्ड और एक ई-श्रम कार्ड बरामद किया है। इसके अलावा प्रथमा बैंक का स्मार्ट कार्ड और एक लेटर हेड बरामद किया गया है। ये सभी दस्तावेज फर्जी नाम और पते पर बनवाए गए थे, जिनके सहारे वह वर्षों से सरकारी सिस्टम को चकमा दे रहा था।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पहले खुद को सुल्तान पुत्र जमालुद्दीन निवासी संभल बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो उसने अपना असली नाम नरेश स्वीकार कर लिया। उसने कुबूल किया कि लूट और डकैती के 9 मुकदमों और पुलिस की लगातार दबिश से बचने के लिए उसने अपना घर-परिवार छोड़ दिया था और संभल में किराए के मकान में रहकर मजदूरी करने लगा था।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि नरेश 21 साल पहले अपने गांव से फरार हो गया था। पुलिस ने हाल ही में उसका पुराना फोटो 'यक्ष ऐप' पर अपलोड किया था। उधर, संभल की नखासा पुलिस ने भी संदिग्ध सुल्तान का फोटो इसी ऐप पर डाला। ऐप के फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) ने दोनों फोटो का मिलान कर दिया, जिससे साफ हो गया कि संभल का 'सुल्तान' ही असल में पाकबड़ा का हिस्ट्रीशीटर 'नरेश' है।
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मुरादाबाद।।यक्ष ऐप की मदद से पुलिस ने दिखाया कमाल
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