बंद कमरे में उठीं आग की लपटें : महिला की गई जान
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Thu, Jun 25, 2026
कमरे में अकेली थी महिला, पुलिस आत्महत्या और हादसे दोनों एंगल पर जांच में जुटी
उन्नाव। मौरावां कस्बे में गुरुवार देर रात एक घर में लगी आग ने एक महिला की जान ले ली। पुरानी बाजार इलाके में संदिग्ध हालात में उठीं आग की लपटों के बीच घर में अकेली मौजूद 45 वर्षीय उर्मिला बाहर नहीं निकल सकीं और जिंदा जल गईं। शुरुआती जांच में पारिवारिक कलह का मामला सामने आया है। पुलिस आत्महत्या और हादसे दोनों पहलुओं को खंगाल रही है।मौरावां के पुरानी बाजार निवासी जगदीश साहू और उनकी पत्नी उर्मिला के बीच पिछले कई महीनों से रिश्तों में तनाव चल रहा था। इसी वजह से पति अपने बच्चों के साथ बगल के मकान में रहने लगा था। बताया जा रहा है कि गुरुवार रात भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद जगदीश अपनी तीन बेटियों को लेकर दूसरे घर चला गया। उर्मिला घर में अकेली रह गई थीं।रात करीब एक बजे अचानक घर के भीतर से आग की तेज लपटें उठने लगीं। बगल के मकान में सो रहे जगदीश ने शोर मचाया और आसपास के लोगों को बुलाया। साथ ही दमकल और पुलिस को सूचना दी गई। मोहल्ले के लोगों ने सबमर्सिबल चलाकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेज थी कि कोई अंदर नहीं जा सका। करीब 25 मिनट बाद पुरवा अग्निशमन केंद्र की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के लिए फायरकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कमरे की खिड़की तोड़कर भीतर पानी डाला गया। लगभग एक घंटे की कोशिश के बाद जब आग शांत हुई तो अंदर उर्मिला का जला हुआ शव मिला। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पोस्टमार्टम में शरीर के साथ हड्डियां तक जल जाने की पुष्टि हुई है। घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया। जगदीश ने पुलिस को बताया कि उसके दो बेटे ऋषि और अंशू मुंबई में नौकरी करते हैं, जबकि तीन बेटियां सुदीक्षा, नंदनी और सुरभि उसके साथ रहती हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि करीब 20 दिन पहले पति-पत्नी के विवाद के बाद उर्मिला अपने भाई लालता प्रसाद के साथ मायके चली गई थीं। पति के बुलाने पर वह 22 जून को वापस लौटी थीं। लेकिन लौटने के बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ। मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी अरविंद चौरासोया ने बताया कि प्राथमिक जांच में महिला द्वारा खुद आग लगाने की आशंका सामने आई है, लेकिन अभी हर पहलू पर जांच जारी है। वहीं मौरावां थानाध्यक्ष कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि अब तक मायके पक्ष या परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आग खुद लगाई गई या किसी और वजह से यह हादसा हुआ। फिलहाल सच की परतें जांच के बाद ही साफ हो पाएंगी।
Tags :
Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन