क्रिसमस और नववर्ष पर आबकारी दुकानों के समय में छूट : देर रात तक खुले रहेंगे ठेके
Wed, Dec 24, 2025
प्रशासन की सख्ती भी जारी, नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई
उन्नाव। क्रिसमस और नववर्ष के त्योहारों को देखते हुए जिला प्रशासन ने आबकारी दुकानों के संचालन समय में विशेष छूट दी है। शासन के निर्देशों के क्रम में जिला आबकारी अधिकारी अनुराग मिश्र ने बताया कि जिले में निर्धारित तिथियों पर शराब की फुटकर दुकानों को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय तक खोले जाने की अनुमति प्रदान की गई है, ताकि त्योहारों के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो और भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। जिला आबकारी अधिकारी के अनुसार क्रिसमस के अवसर पर 24 दिसंबर 2025 और 25 दिसंबर 2025 को, वहीं नववर्ष के स्वागत को लेकर 30 दिसंबर 2025 और 31 दिसंबर 2025 को जिले की सभी वैध आबकारी फुटकर दुकानें प्रातः 10 बजे से रात्रि 11 बजे तक खुली रहेंगी। आम दिनों में निर्धारित समय से यह एक घंटे अधिक की अनुमति मानी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था पूरी तरह अस्थायी है और केवल इन्हीं चार विशेष तिथियों के लिए लागू होगी। सभी लाइसेंसधारकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय का सख्ती से पालन करें और नियमों का उल्लंघन न करें। समय सीमा के बाद किसी भी स्थिति में बिक्री की अनुमति नहीं होगी।प्रशासन का मानना है कि त्योहारों के दौरान बाजारों और दुकानों पर भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में समय बढ़ाए जाने से उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी और एक साथ अधिक भीड़ जुटने की स्थिति से भी बचा जा सकेगा। साथ ही अवैध बिक्री और कालाबाजारी पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी। जिला आबकारी विभाग की ओर से यह भी कहा गया है कि सभी दुकानों पर निगरानी रखी जाएगी। किसी भी प्रकार की अवैध बिक्री, ओवररेटिंग या निर्धारित समय के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आबकारी विभाग की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत दुकानों से ही खरीदारी करें और नियमों का पालन करें। त्योहारों की खुशियों के बीच कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
शहर को मिलेगा सुकून का ठिकाना : उपवन योजना से बनेगा पार्क
Wed, Dec 24, 2025
जमीन चिन्हांकन की प्रक्रिया शुरू, नगर पालिका को मिले निर्देश
उन्नाव। शहर के लिए एक अच्छी खबर है। अब कंक्रीट और भीड़ के बीच शहरवासियों को सुकून देने वाला एक बड़ा हरित पार्क मिलने की तैयारी शुरू हो गई है। शहरी इलाके में हरियाली बढ़ाने के मकसद से प्रदेश सरकार की उपवन योजना के तहत यह पार्क विकसित किया जाएगा, जिस पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। खास बात यह है कि इसमें से लगभग 50 लाख रुपये केवल पौधरोपण पर लगाए जाएंगे। दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने नगर पालिका परिषद क्षेत्रों में हरियाली को बढ़ावा देने, पार्कों और खुले स्थानों को विकसित करने के लिए उपवन योजना शुरू की है। इसी योजना के तहत उन्नाव शहर को भी एक बड़े और व्यवस्थित पार्क की सौगात मिलने जा रही है। यह पहल न सिर्फ शहर की खूबसूरती बढ़ाएगी, बल्कि लोगों को स्वच्छ हवा और खुले वातावरण का लाभ भी देगी। शहर में पार्क बनाए जाने की मांग एमएलसी अरुण पाठक ने नगर विकास मंत्री एके शर्मा के सामने रखी थी। उन्होंने पत्र के माध्यम से उन्नाव में हरियाली और सार्वजनिक पार्क की जरूरत को बताया था। इस मांग को गंभीरता से लेते हुए नगर विकास मंत्री ने पार्क निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी। इसके बाद योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो गई है।पार्क के निर्माण के लिए करीब दो हजार वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता होगी। इस संबंध में नगर विकास विभाग के विशेष सचिव कल्याण बनर्जी ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर जमीन के चयन और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। पत्र मिलने के बाद जिलाधिकारी ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को जमीन चिह्नित करने और आगे की कार्रवाई शुरू करने के आदेश दे दिए हैं। प्रस्तावित पार्क को न्यूनतम दो हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विकसित किया जाएगा। योजना के अनुसार, पार्क के लगभग 75 प्रतिशत हिस्से में पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। इसमें छायादार, सजावटी और पर्यावरण के लिए उपयोगी पौधों को शामिल किया जाएगा, ताकि पार्क न सिर्फ देखने में सुंदर लगे, बल्कि शहर के पर्यावरण को भी बेहतर बना सके।
इधर, नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि इस योजना में शहरवासियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित किया जाएगा और इच्छुक नागरिक खुद भी पौधे लगा सकेंगे। इससे लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और पार्क को लेकर अपनापन भी बनेगा। पार्क के विकसित होने के बाद शहर के लोगों को सुबह-शाम टहलने, बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के बैठने के लिए एक बेहतर और सुरक्षित स्थान मिल सकेगा। बढ़ते शहरीकरण के बीच यह पार्क उन्नाव के लिए एक हरित फेफड़े की तरह काम करेगा। कुल मिलाकर, उपवन योजना के तहत बनने वाला यह पार्क शहर की पहचान और जीवनशैली दोनों में सकारात्मक बदलाव लाने की उम्मीद जगाता है।
डीएम गौरांग राठी : आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ इमारत नहीं, बच्चों का भविष्य हैं
Tue, Dec 23, 2025
आंगनबाड़ी भवन, पोषण वाटिका और रेनवाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की गहन समीक्षा
उन्नाव। जिले में बच्चों और माताओं के पोषण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत गठित जिला पोषण समिति की बैठक डीएम गौरांग राठी की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी तमाम योजनाओं और कार्यों की बारीकी से समीक्षा की गई। बैठक में साफ संकेत दिया गया कि अब कागजी प्रगति नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाला काम ही स्वीकार्य होगा। बैठक के दौरान डीएम ने जिले में बन रहे और संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति, उनके निर्माण की गुणवत्ता, सुंदरीकरण, पोषण वाटिका, रेनवाटर हार्वेस्टिंग जैसी व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल इमारत नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की नींव हैं, इसलिए इनमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम राठी ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को लेकर खास तौर पर नाराजगी जताई और इसके लक्ष्य को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को इस योजना से जोड़ा जाए। इसके लिए गांव-गांव अभियान चलाकर पंजीकरण की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के आयुष्मान कार्ड को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनवाए जाएं। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर तय समय में काम पूरा किया जाए।निर्माणाधीन और नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्रों की गुणवत्ता पर भी जिलाधिकारी ने विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। भवन, पेंटिंग, रेनवाटर हार्वेस्टिंग और पोषण वाटिका जैसे सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों के सभी घटकों में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित किया जाए।
डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का गहन निरीक्षण कराने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए। निरीक्षण के दौरान न केवल निर्माण कार्य बल्कि केंद्रों पर चल रही गतिविधियों, पढ़ाई और पोषण से जुड़े कार्यों की भी जांच की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। बैठक में यह भी कहा गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों के लिए उपलब्ध किताबों, खिलौनों और सीखने के अन्य उपकरणों का सही और नियमित उपयोग कराया जाए। कई जगह संसाधन होने के बावजूद उनका प्रयोग नहीं हो पा रहा है, जिसे तुरंत सुधारने के निर्देश दिए गए। कार्यदायी संस्थाओं को यह भी आदेश दिए गए कि आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण में यदि कोई कमी बची हो तो उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। सभी कमियों को दूर करने के बाद संबंधित केंद्रों का सत्यापन कर हैंडओवर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बैठक में ग्राम स्तर पर आयोजित होने वाले वीएसएचएनडी यानी ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण दिवस सत्रों पर भी खास जोर दिया गया। डीएम ने कहा कि सभी केंद्रों पर इन सत्रों का नियमित और सही ढंग से आयोजन सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री कृतिराज, परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, जिला विकास अधिकारी देव चतुर्वेदी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी विनोद कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय कुमार, जिला कृषि अधिकारी सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि पोषण से जुड़ी योजनाएं सरकार की प्राथमिकता में हैं और इनके क्रियान्वयन में ढिलाई किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।