: उन्नाव को मिला नया जिला जज, अनिल कुमार वर्मा संभालेंगे जिम्मा
Sat, Oct 4, 2025
हाईकोर्ट
के
आदेश
पर
नियुक्ति
,
वाणी
रंजन
अग्रवाल
को
मिली
लखनऊ
हाईकोर्ट
की
जिम्मेदारी
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर उन्नाव को नया जिला एवं सत्र न्यायाधीश मिल गया है। जौनपुर में कार्यरत जिला जज अनिल कुमार वर्मा को उन्नाव का नया जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वे एक-दो दिन में पदभार ग्रहण करेंगे।इससे पहले, उन्नाव की जिला जज वाणी रंजन अग्रवाल को पदोन्नति देकर लखनऊ हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है। उनके कार्यकाल में जिला न्यायालय उन्नाव में कई अहम सुधार लागू हुए, जिनमें न्यायिक प्रक्रिया का डिजिटलीकरण और महिला एवं बाल मामलों के त्वरित निस्तारण की पहल प्रमुख रही।
लंबा अनुभव और सख्त न्यायप्रिय छवि
अनिल कुमार वर्मा न्यायिक सेवा में लंबे समय से कार्यरत हैं। उन्होंने प्रदेश के कई जनपदों में बतौर न्यायाधीश अपनी सेवाएं दी हैं और निष्पक्षता, ईमानदारी और निर्णय क्षमता के लिए जाने जाते हैं। न्यायिक जगत में उनकी छवि एक सख्त लेकिन संवेदनशील जज के रूप में मानी जाती है। अपने पिछले कार्यकालों में उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की त्वरित सुनवाई कर न्याय दिलाया, जिसके लिए उन्हें हाईकोर्ट से भी प्रशंसा मिल चुकी है।
बार एसोसिएशन ने किया स्वागत
उन्नाव बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने अनिल कुमार वर्मा की नियुक्ति का स्वागत किया है। उनका कहना है कि नए जिला जज के आने से न्याय व्यवस्था में नई ऊर्जा और पारदर्शिता आएगी। अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण की दिशा में ठोस सुधार देखने को मिलेंगे।
पूर्व जिला जज की पदोन्नति से खुशी का माहौल
पूर्व जिला जज वाणी रंजन अग्रवाल के हाईकोर्ट में पदोन्नति की खबर से न्यायिक सेवा से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है। अधिवक्ताओं ने कहा कि उनके कार्यकाल में जिला न्यायालय की कार्यप्रणाली में अनुशासन और आधुनिकता दोनों का समावेश देखने को मिला।
: बरेली में 'आई लव मोहम्मद' प्रदर्शन के आरोपी डॉ. नफीस के 'रज़ा पैलेस' पर चला बुलडोजर
Sat, Oct 4, 2025
बरेली में 'आई लव मोहम्मद' प्रदर्शन के आरोपी डॉ. नफीस के 'रज़ा पैलेस' पर चला बुलडोजर
https://youtu.be/WH85JHEd0dIउत्तर प्रदेश बरेली : उत्तर दरअसल जनपद में 26 सितंबर को 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर लेकर हुए विरोध प्रदर्शन और उसके बाद हुए पथराव की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए IMC (इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल) के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. नफीस की संपत्ति पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।मौलाना तौकीर रज़ा खान के करीबी माने जाने वाले डॉ. नफीस को हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद, बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने किला थाना क्षेत्र के जखीरा स्थित उनकी और उनके पार्टनर शोएब बेग की बताई जा रही अवैध इमारत 'रज़ा पैलेस' (बारात घर) पर बुलडोजर चला दिया।BDA के संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा, "BDA द्वारा रज़ा पैलेस पर बुलडोज़र की कार्रवाई की जा रही है।" अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह ध्वस्तीकरण भवन निर्माण के मानदंडों का उल्लंघन कर अवैध रूप से बनाए गए हिस्सों के खिलाफ किया गया है।SP सिटी मानुष पारीक ने मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच कहा, "विकास प्राधिकरण नियमानुसार समय-समय पर कार्रवाई करता है। सुरक्षा और शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन यहां पुलिस बल तैनात किया गया है। यह कार्रवाई पूरी तरह से स्वतंत्र है और विकास प्राधिकरण द्वारा की जा रही है।"प्रशासन की इस कार्रवाई को 26 सितंबर की हिंसा में शामिल उपद्रवियों और उनके सहयोगियों पर आर्थिक प्रहार की नीति के रूप में देखा जा रहा है। इलाके में किसी भी तरह के तनाव से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस और पीएसी बल तैनात है। पुलिस हिंसा के अन्य आरोपियों की भी धर-पकड़ जारी रखे हुए है!
: अमन-चैन के लिए स्थगित हुआ जुलूस-ए-गौसे-आज़म
Fri, Oct 3, 2025
शहर काज़ी का बड़ा फैसला, भाईचारे को दी प्राथमिकता
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। 11वीं शरीफ पर निकलने वाला जुलूस-ए-गौसे-आज़म (जुलूस-ए-गौसिया) इस साल उन्नाव में आयोजित नहीं होगा। शहर काज़ी मौलाना नईम अहमद मिस्बाही ने हाल ही में बरेली के हालात को देखते हुए यह अहम फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अमन-चैन और भाईचारे से बढ़कर कोई चीज नहीं है, इसलिए इस बार जुलूस को मुल्तवी (स्थगित) करने का निर्णय लिया गया है। शुक्रवार को सुन्नी तंजीम अइम्मा-ए-मसाजिद और रूयत-ए-हिलाल कमेटी की संयुक्त बैठक जामा मस्जिद परिसर में हुई। बैठक में मौलाना इरफान खान बिराखी, मौलाना असलम मदनी, मौलाना शुऐब खान बिराखी, हाफिज बनवारी हसन, मौलाना मुशर्रफ हुसैन अज़ीमी समेत कई उलेमा और जिम्मेदार लोग मौजूद रहे।
बैठक में शहर के जनप्रतिनिधि और सम्मानित लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभासद मेराजउद्दीन अहमद, सभासद आराफात बेग, सभासद फहाद सिद्दीकी, सभासद दिलशाद समेत अन्य गणमान्य शख्सियतों ने भी विचार-विमर्श में हिस्सा लिया।
उलेमा का संदेश
शहर काज़ी ने कहा कि 11वीं सब्र और आस्था का महीना है। जुलूस और मजलिसों में भाईचारा और अनुशासन बनाए रखना सबसे जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि अमन और सौहार्द हमारी पहली प्राथमिकता है। इसलिए इंशाअल्लाह, अगले साल यह जुलूस अपने पारंपरिक अंदाज और शानो-शौकत के साथ निकलेगा।
मौलाना असलम मदनी की अपील
गरीब नवाज़ फाउंडेशन के अध्यक्ष मौलाना असलम मदनी ने कहा कि मौजूदा हालात में शांति बनाए रखना सबसे जरूरी है। इस्लाम हमेशा सब्र और भाईचारे का पैग़ाम देता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और सामाजिक सौहार्द कायम रखने में सहयोग करें।
सपा नेता नियाज़ खान का बयान
सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज़ खान ने कहा कि जुलूस का न निकलना भले ही थोड़ा दुखद लगे, लेकिन अमन और भाईचारे से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि उलेमा और जिम्मेदार लोगों ने जो फैसला लिया है, वह पूरी तरह समाज की भलाई के लिए है और हम सबको इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने नौजवानों से अपील की कि वे शांति, सौहार्द और भाईचारे का संदेश आगे बढ़ाएं और हर हाल में सकारात्मक भूमिका निभाएं।
शांति और भाईचारे पर दिया जोर
बैठक मे उलेमाओं नें कहा कि ग्यारहवीं शरीफ़ के मौके पर घर-घर फातिहा ख्वानी और दुआओं का सिलसिला जारी रहेगा। उलेमा ने युवाओं से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और अमन, शांति और भाईचारे का पैग़ाम फैलाने में आगे आएं।