मौरावां : शादी की बात कैंसिल करने पर युवती से मारपीट और छेड़खानी
Sun, Sep 13, 2026
तीन युवकों पर घर में घुसकर धमकी देने का आरोप, थाने में रिपोर्ट दर्ज
उन्नाव। मौरावां थाना क्षेत्र के गुलरिहा गांव में शादी की बातचीत रद्द करने को लेकर युवती से मारपीट और छेड़खानी का मामला सामने आया है। युवती की तहरीर पर पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गुलरिहा निवासी युवती शिवानी ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी की बातचीत राजामऊ निवासी रिंकू पुत्र राममिलन गौड़ से चल रही थी। आरोप है कि रिंकू उसके मोबाइल पर लगातार फोन करता था। युवती के मुताबिक 28 अगस्त की रात करीब नौ बजे वह घर पर भाई और दादा-दादी के साथ थी। इसी दौरान रिंकू घर में घुस आया और उसके साथ मारपीट व छेड़खानी करने लगा।आरोप है कि रिंकू ने शादी तय होने की बात कहते हुए इसे रद्द नहीं करने को कहा। युवती के अनुसार, रिंकू के साथ लवकुश यादव निवासी ईश्वरीखेड़ा और बरद उर्फ बरद अवस्थी निवासी मुल्लाहीखेड़ा, नटकुर, लखनऊ भी आए थे। तीनों जाते समय गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर चले गए।युवती ने 12 सितंबर को मौरावां थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
घर से निकला युवक : दो दिन बाद मिला शव
Sun, Sep 13, 2026
शुक्रवार शाम से था गायब, नहर में डूबने की आशंका
उन्नाव।
पुरवा कोतवाली क्षेत्र के तौरा गांव में रविवार सुबह तौरा-मऊ सुल्तानपुर मार्ग पर पुलिया के पास युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त कराई। मृतक की पहचान तौरा निवासी कमलेश (36) पुत्र रमेश के रूप में हुई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के अनुसार कमलेश मजदूरी करता था। शुक्रवार शाम वह घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। शनिवार को भी परिवार के लोग आसपास के गांवों और रिश्तेदारों के यहां उसका पता लगाते रहे, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। रविवार सुबह तौरा-मऊ सुल्तानपुर मार्ग पर पुलिया के पास ग्रामीणों ने शव पड़ा देखा। इसकी जानकारी होते ही पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ ही देर में शव की पहचान कमलेश के रूप में हो गई। परिजनों के मौके पर पहुंचते ही कोहराम मच गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से जानकारी ली। शुरुआती जांच में नहर में डूबने से युवक की मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि कमलेश नहर तक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। इंस्पेक्टर भुवन सिंह मौर्य ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। मामले की जांच की जा रही है।
बच्चों की पिटाई का मामला : मदारपुर स्कूल की शिक्षिका निलंबित, पुलिस ने दर्ज किया केस
Sun, Sep 13, 2026
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया
उन्नाव। पुरवा तहसील क्षेत्र के मदारपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से मारपीट और गलत व्यवहार के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शैलेश पांडे ने प्रधानाध्यापिका अनामिका भारती को निलंबित कर दिया। वहीं, शनिवार रात पुरवा थाने में प्रधानाध्यापिका के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया। मदारपुर निवासी बिट्टो पत्नी रामनरेश ने नौ सितंबर को शिकायत कर प्रधानाध्यापिका पर उनके बेटे समेत कई छात्र-छात्राओं से मारपीट और गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया था। अभिभावकों का आरोप था कि शिकायत करने स्कूल पहुंचने पर उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया जताई। मामला चर्चा में आने पर प्रशासन भी सक्रिय हुआ। अभिभावकों की शिकायत पर उप जिलाधिकारी पुरवा से मामले की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम पुरवा और खंड शिक्षा अधिकारी असोहा ने मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपी। जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने प्रधानाध्यापिका को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा था। तय समय में जवाब नहीं मिलने पर बीएसए ने विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।
पुलिस ने भी दर्ज किया मुकदमा
शिक्षा विभाग की कार्रवाई के साथ ही पुलिस ने भी मामले में रिपोर्ट दर्ज की है। पुरवा थाने में प्रधानाध्यापिका के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि विद्यालयों में बच्चों के साथ मारपीट या किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में विभागीय और पुलिस स्तर पर कार्रवाई के बाद अभिभावकों की शिकायतों को लेकर भी प्रशासन की निगरानी बढ़ने की उम्मीद है।