तेज रफ्तार बनी काल : चेतावनी बोर्ड से टकराई बाइक, तीन युवकों की जान गई
Sat, Jan 24, 2026
शादी की तैयारी, नवजात की खुशी और फिर मातम, सड़क हादसे ने सब छीन लिया
उन्नाव। पुरवा-अचलगंज मार्ग पर शुक्रवार देर रात तेज रफ्तार ने तीन घरों के चिराग बुझा दिए। भूलेमऊ गांव के पास लोन नदी मोड़ पर तेज रफ्तार से दौड़ रही अपाचे बाइक चेतावनी साइन बोर्ड से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों युवक सड़क किनारे रखे सीमेंट के बोल्डर से जा भिड़े और सिर में गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बताया गया कि बाइक पर सवार किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। हादसा रात करीब 11:45 बजे हुआ। राहगीरों ने जब सड़क पर गिरे युवकों को देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे पुरवा कोतवाल अमरनाथ ने तीनों को जीवित समझकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुरवा भिजवाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान बीघापुर क्षेत्र के अढौली गांव निवासी 31 वर्षीय अनुराग पाल पुत्र रमेश, उनके ममेरे भाई बीघापुर के बैसनखेड़ा गांव निवासी 26 वर्षीय राहुल और दोस्त 25 वर्षीय सौरभ निवासी तौरा, पुरवा के रूप में हुई है। तीनों युवक बाजीखेड़ा की ओर से पुरवा की तरफ आ रहे थे। परिजनों के मुताबिक राहुल के मौसा के घर मोहनलालगंज, लखनऊ में शुक्रवार को भंडारे का आयोजन था। दिन में समय न मिल पाने के कारण तीनों ने रात में वहां जाने का फैसला किया था। योजना थी कि रात वहीं रुकेंगे और शनिवार को घर लौट आएंगे, लेकिन रास्ते में यह हादसा सब कुछ छीन ले गया। घटना की सूचना मिलते ही गांवों में मातम पसर गया। पोस्टमार्टम हाउस पर शव देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अनुराग की पत्नी ने कुछ दिन पहले ही एक बेटी को जन्म दिया था। अनुराग पेशे से ट्रक चालक था और तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी मौत से मां मुन्नी देवी और भाई अजीत व अनूप सदमे में हैं। राहुल बुलडोजर चलाने का काम करता था। उसके असमय चले जाने से मां रेनू और भाई रोहित बदहवास हैं। वहीं सौरभ दूध बेचकर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी शादी आगामी 28 अप्रैल को तय थी। शादी की तैयारियों के बीच सौरभ की मौत ने घर में कोहराम मचा दिया। परिजन बार-बार बेहोश हो रहे थे और चीख-पुकार से माहौल गमगीन बना रहा।स्थानीय लोगों ने बताया कि लोन नदी मोड़ पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। मोड़ खतरनाक है और रात में दृश्यता कम होने से जोखिम बढ़ जाता है। लोगों ने प्रशासन से वहां पर्याप्त रोशनी, रिफ्लेक्टर और स्पीड कंट्रोल के इंतजाम करने की मांग की है। यह दुर्घटना एक बार फिर तेज रफ्तार और सुरक्षा उपायों की अनदेखी के खतरनाक नतीजों की याद दिला गई।
पुरवा कोतवाल अमरनाथ यादव ने बताया कि तीनों युवकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मोड़ पर बाइक की गति काफी तेज थी, जिससे चालक संतुलन नहीं बना सका और यह दर्दनाक हादसा हो गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
अवैध शराब पर आबकारी का शिकंजा : 63 लीटर कच्ची शराब बरामद
Fri, Jan 23, 2026
महुआ लहन नष्ट, एक महिला गिरफ्तार, दो मुकदमे दर्ज
उन्नाव। मौरावां थाना क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब के कारोबार पर आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। छापेमारी के दौरान 63 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई, जबकि मौके पर तैयार किया जा रहा करीब 300 किलो महुआ लहन नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है, जिसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और संयुक्त आबकारी आयुक्त लखनऊ जोन के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत की गई। अभियान का मकसद जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाना है।
जिला आबकारी अधिकारी अनुराग मिश्र के नेतृत्व में आबकारी निरीक्षक निशांत सिंह और मौरावां थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को ग्राम लोटना और लालखेड़ा में दबिश दी। टीम को पहले से सूचना मिली थी कि इन गांवों में कच्ची शराब बनाई जा रही है। सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में बड़ी मात्रा में शराब और लहन बरामद हुआ।आबकारी अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर मिला महुआ लहन शराब बनाने की प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे वहीं नष्ट कर दिया गया ताकि दोबारा इसका उपयोग न हो सके। बरामद कच्ची शराब को कब्जे में लेकर नियमानुसार सील किया गया है। इस मामले में दो अलग-अलग अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। गिरफ्तार महिला की पहचान सुमन पत्नी स्वर्गीय विनोद, निवासी बहुतिया, थाना मौरावां के रूप में हुई है। महिला से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अवैध धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जिला आबकारी अधिकारी अनुराग मिश्र का कहना है कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने साफ किया है कि कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह किसी भी स्तर पर क्यों न हों। आम लोगों से भी अपील की गई है कि अगर कहीं अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
अवैध इलाज पर सख्ती : परियर में अवैध नर्सिंग होम पर प्रशासन का एक्शन
Fri, Jan 23, 2026
एसीएमओ की छापेमारी में खुली पोल, एक नर्सिंग होम बंद, दूसरे को रजिस्ट्रेशन कराने का आदेश
उन्नाव। शहर की तंग गलियों से लेकर गांवों के मोहल्लों तक बिना लाइसेंस चल रहे झोलाछाप क्लिनिक और बिना प्रशिक्षित डॉक्टरों के संचालित नर्सिंग होम मरीजों की जान पर भारी पड़ रहे हैं। न तो इनके पास पूरे कागजात हैं, न इलाज की बुनियादी सुविधाएं और न ही प्रशिक्षित स्टाफ। लंबे समय से चल रही इस मनमानी पर स्वास्थ्य विभाग ने अब सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में परियर क्षेत्र में की गई कार्रवाई से अवैध रूप से इलाज का धंधा चला रहे संचालकों में हड़कंप मच गया है।शुक्रवार को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) डॉ. नरेंद्र सिंह ने परियर और आसपास के इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान कमला हॉस्पिटल और स्टार केयर हॉस्पिटल का निरीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि दोनों नर्सिंग होम बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे थे। संचालक रजिस्ट्रेशन से जुड़े कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। यही नहीं, यहां काम कर रहा स्टाफ भी प्रशिक्षित नहीं था और इलाज के नाम पर मानकों की खुली अनदेखी की जा रही थी। स्थिति को गंभीर मानते हुए एसीएमओ ने स्टार केयर हॉस्पिटल को तत्काल बंद कराते हुए सील करा दिया। वहीं कमला हॉस्पिटल के संचालक को नियमानुसार ऑनलाइन पंजीकरण कराने का निर्देश देते हुए कड़ी चेतावनी दी गई। साफ कहा गया कि अगर बिना रजिस्ट्रेशन दोबारा संचालन पाया गया तो संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। कार्रवाई के दौरान नर्सिंग होम में भर्ती मरीजों को सुरक्षित रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया, ताकि उनके इलाज में किसी तरह की दिक्कत न आए। एसीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह ने कहा कि जिले में कई जगह गली-मोहल्लों में झोलाछाप क्लिनिक खुले हुए हैं और बिना प्रशिक्षित डॉक्टरों के नर्सिंग होम चलाए जा रहे हैं। ऐसे स्थानों पर न तो इलाज के मानक पूरे किए जा रहे हैं और न ही मरीजों की सुरक्षा का कोई इंतजाम है। यह सीधा-सीधा मरीजों की जान से खिलवाड़ है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बिना पंजीकरण, बिना मानक और बिना प्रशिक्षित स्टाफ के नर्सिंग होम का संचालन गैरकानूनी है। विभाग का अभियान आगे भी जारी रहेगा और भविष्य में कहीं भी अवैध संचालन मिला तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की इस सख्ती के बाद अवैध नर्सिंग होम और झोलाछाप क्लिनिक चलाने वालों में डर का माहौल है। विभाग का साफ संदेश है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को अब किसी भी कीमत पर छूट नहीं दी जाएगी।