साइबर अपराधियों पर शिकंजा : उन्नाव में तीन पीड़ितों को वापस मिले 21 हजार
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Mon, Dec 29, 2025
साइबर पोर्टल पर शिकायत के बाद पुलिस ने ट्रांजेक्शन ट्रेस कर लौटाया पैसा
उन्नाव। साइबर ठगी के मामलों में अक्सर पीड़ित यह मान लेते हैं कि पैसा गया तो गया। लेकिन उन्नाव पुलिस की सक्रिय साइबर टीम ने यह भरोसा दिलाया है कि समय पर शिकायत की जाए तो राहत मिल सकती है। अलग अलग मामलों में ठगी का शिकार हुए तीन लोगों को पुलिस ने कुल 21 हजार रुपये की रकम वापस दिलाकर बड़ी मदद की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। सदर कोतवाली की साइबर टीम ने बैंक और संबंधित तकनीकी माध्यमों से समन्वय कर ठगी की रकम को होल्ड कराया और फिर पीड़ितों के खातों में वापस कराया।
ऑनलाइन पेमेंट में कटे 2 हजार, मिले वापस
पहला मामला गदनखेड़ा निवासी सोनू दीक्षित से जुड़ा है। 10 अगस्त 2025 को ऑनलाइन पेमेंट ऐप के जरिए उनसे 2,000 रुपये की धोखाधड़ी हो गई थी। पीड़ित ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मामले की जांच के बाद साइबर टीम ने संबंधित खाते को ट्रेस कर 29 दिसंबर 2025 को पूरी रकम सोनू दीक्षित के खाते में वापस करा दी।
मुनाफे का झांसा देकर ठगे गए 10 हजार
दूसरा मामला 7 सितंबर 2025 का है। आईवीपी टंकी के पास रहने वाले वंश जायसवाल को ऑनलाइन मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। ठगों ने गूगल पे के जरिए उनसे 10,000 रुपये ट्रांसफर करा लिए। शिकायत मिलने पर साइबर टीम ने तकनीकी जांच शुरू की और आखिरकार 29 दिसंबर को पूरी रकम पीड़ित को वापस दिला दी।
गलत ट्रांजेक्शन में गए 9 हजार भी लौटे
तीसरे मामले में अचलीखेड़ा पतारी निवासी मनीष कुमार ने 21 अक्टूबर 2025 को ऑनलाइन बैंकिंग के दौरान 9,000 रुपये के गलत भुगतान की शिकायत दर्ज कराई थी। साइबर टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रांजेक्शन को ट्रैक किया और तय प्रक्रिया के बाद 29 दिसंबर 2025 को पूरी राशि मनीष कुमार के खाते में रिफंड करा दी।
इनकी रही अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत मिश्र के नेतृत्व में साइबर टीम ने काम किया। टीम में आरक्षी कृष्ण प्रताप और महिला आरक्षी सोनिया शर्मा की भूमिका भी अहम रही, जिन्होंने तकनीकी पहलुओं और फॉलोअप में सक्रिय योगदान दिया।
पुलिस की आमजन से अपील
शहर कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की साइबर ठगी, ऑनलाइन धोखाधड़ी या गलत ट्रांजेक्शन की स्थिति में घबराएं नहीं। तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी सूचना दी जाएगी, उतनी ही जल्दी रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। उन्नाव पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ पीड़ितों के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि आम लोगों के लिए यह संदेश भी है कि साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस अब पहले से ज्यादा सजग और सक्रिय है।
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