स्कूल बना पर्यावरण की पाठशाला : पेड़, पानी और प्रकृति का संदेश लेकर सड़कों पर उतरे बच्चे
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Tue, Jul 14, 2026
अनूप मिश्र ने बच्चों से कहा, पेड़ बचाना भविष्य बचाने के बराबर है

उन्नाव। पर्यावरण संरक्षण का संदेश जब किताबों से निकलकर बच्चों के व्यवहार का हिस्सा बन जाए, तो उसका असर भी दूर तक दिखाई देता है। विकासखंड औरास के उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुर गढ़ौवा में मंगलवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां आयोजित 'वृक्षजल कथा' और 'बरगद बचाओ महाअभियान' ने पूरे विद्यालय को हरियाली और पर्यावरण जागरूकता के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम में बच्चों ने रैली निकालकर लोगों को बरगद और अन्य पेड़ों के संरक्षण के लिए जागरूक किया, वहीं वृक्षों और जल के महत्व को लेकर सामूहिक संकल्प भी लिया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के बजाय मां सरस्वती और बरगद के पौधे के पूजन से हुई। वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनूप मिश्र 'अपूर्व' और शिक्षक प्रदीप कुमार वर्मा ने पौधे में जल अर्पित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद अनूप मिश्र ने हरी झंडी दिखाकर जनजागरण रैली को रवाना किया। विद्यालय से निकली रैली में बच्चों के हाथों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश लिखी तख्तियां थीं। "बरगद हम बचाएंगे, बरगद हम लगाएंगे" जैसे नारों के साथ छात्र-छात्राएं गांव और आसपास के क्षेत्र में पहुंचे। रैली के दौरान लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पुराने बरगद जैसे बड़े वृक्षों को बचाने की अपील की गई। रैली के बाद आयोजित 'वृक्षजल कथा' में बच्चों को बेहद सरल भाषा में बताया गया कि पेड़, पानी और मानव जीवन एक-दूसरे से किस तरह जुड़े हैं। कथा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि पेड़ सुरक्षित रहेंगे, तभी जल स्रोत भी सुरक्षित रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बेहतर होगा। कार्यक्रम में मौजूद करीब सौ बच्चों, शिक्षकों और अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण पॉडकास्ट संवाद रहा। इसमें वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनूप मिश्र, शिक्षक प्रदीप कुमार वर्मा और बच्चों के बीच खुलकर चर्चा हुई। छात्राओं समरीन, अंकिता, दीपाली और शगुन ने जल संकट, बढ़ते प्रदूषण, बरगद के महत्व और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सवाल पूछे। अनूप मिश्र ने बच्चों की जिज्ञासाओं का सहज अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि यदि हर बच्चा एक पेड़ की जिम्मेदारी ले ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। विद्यालय परिसर में बनाए गए 'मैं हूं बरगद का मित्र' सेल्फी स्टैंड और 'बरगद प्रहरी हस्ताक्षर अभियान' ने बच्चों और अतिथियों को खूब आकर्षित किया। सभी ने हस्ताक्षर कर बरगद और अन्य वृक्षों की सुरक्षा का संकल्प लिया। पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने वाली विद्यालय की ईको टीम को वरिष्ठ उपनिरीक्षक ने सम्मानित किया, जबकि जागरूकता गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर उनका उत्साह बढ़ाया। इस दौरान विद्यालय परिसर को हराभरा बनाने में विशेष योगदान देने वाले शिक्षक इंद्रपाल को भी सम्मानित किया गया। वहीं शिक्षक प्रदीप कुमार वर्मा को 'बरगद बचाओ महाअभियान' को अधिक से अधिक विद्यालयों तक पहुंचाने और शिक्षक समाज को इस मुहिम से जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई। अपने संबोधन में वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनूप मिश्र 'अपूर्व' ने विद्यालय की स्वच्छता, हरियाली और नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यालय को जनपद के प्रेरणादायी मॉडल स्कूलों में शामिल बताते हुए कहा कि यदि हर स्कूल इसी तरह पर्यावरण संरक्षण को अपनी गतिविधियों का हिस्सा बनाए, तो यह अभियान निश्चित रूप से जनआंदोलन का रूप ले सकता है। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक प्रदीप कुमार वर्मा ने किया। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक भागीदारी साथ आती है, तो विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं रहता, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम भी बन जाता है।
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