किसानों के बीच पहुंचीं कृषि छात्रा हिमांशी पटेल : फील्ड सर्वेक्षण के जरिए किसानों को किया जागरूक
THE LUCKNOW TIMES
Sun, Nov 1, 2026
सीतापुर के कमोलिया गांव में RAWE कार्यक्रम के तहत किया कृषि सर्वेक्षण, मिलेट्स जागरूकता और खरपतवार प्रबंधन पर साझा किए महत्वपूर्ण विचार
सीतापुर। कृषि शिक्षा को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखते हुए उसे धरातल पर उतारने की दिशा में Integral Institute of Agricultural Sciences and Technology (IIAST) की बीएससी (ऑनर्स) कृषि चतुर्थ वर्ष की छात्रा हिमांशी पटेल ने सराहनीय पहल की है। अपने ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) कार्यक्रम के अंतर्गत उन्होंने सीतापुर जिले के कमोलिया गांव में किसानों के बीच पहुंचकर विभिन्न कृषि गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता की।
इस दौरान हिमांशी पटेल ने गांव के किसानों के साथ व्यक्तिगत फील्ड सर्वेक्षण किया तथा किसान संवाद के माध्यम से उनकी कृषि संबंधी समस्याओं, अनुभवों और खेती की वर्तमान परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया। उन्होंने गांव में प्रचलित फसलों, कृषि पद्धतियों एवं किसानों द्वारा अपनाई जा रही खेती की तकनीकों का भी अध्ययन किया।

कृषि जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित गतिविधियों में भी हिमांशी ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। राष्ट्रीय लघु धान्य दिवस के अवसर पर उन्होंने मिलेट्स (श्री अन्न) के महत्व, पोषण संबंधी उपयोगिता और कृषि में इसकी संभावनाओं पर किसानों को संबोधित किया। वहीं, किसान गोष्ठी के दौरान उन्होंने खरपतवार प्रबंधन विषय पर अपने विचार साझा करते हुए फसलों में खरपतवार नियंत्रण के महत्व और प्रभावी प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक किया।
हिमांशी पटेल का यह फील्डवर्क कृषि शिक्षा और ग्रामीण परिवेश के बीच व्यावहारिक समन्वय का उदाहरण है। इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से कृषि के विद्यार्थियों को किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझने, उनके अनुभवों से सीखने और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर मिलता है।
कृषि क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के साथ-साथ किसानों के बीच जागरूकता फैलाने की हिमांशी पटेल की यह पहल कृषि शिक्षा के सामाजिक और व्यावहारिक महत्व को भी दर्शाती है।
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