गांव की मिट्टी से निकले दो होनहारों ने यूपीएससी में पाई सफलता : गौरव को 317वीं और अमन को मिली 505वीं रैंक
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Sat, Mar 7, 2026
कड़ी मेहनत और धैर्य से हासिल की देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता
उन्नाव। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में इस बार उन्नाव जिले के दो युवाओं ने शानदार सफलता हासिल कर जनपद का नाम रोशन किया है। सुमेरपुर ब्लॉक के सरांय मनिहार गांव के रहने वाले गौरव प्रताप सिंह और पाटन कस्बे के अमन वर्मा ने कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास के दम पर देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में जगह बनाई है। यूपीएससी के घोषित परिणाम में गौरव प्रताप सिंह को पूरे देश में 317वीं रैंक और अमन वर्मा को 505वीं रैंक मिली है। दोनों युवाओं की सफलता से उनके परिवारों के साथ-साथ गांव और जिले में खुशी का माहौल है। लोगों ने मिठाई बांटकर और एक-दूसरे को बधाई देकर अपनी खुशी जाहिर की।
कई असफलताओं के बाद मिली सफलता
सरांय मनिहार गांव निवासी उदय भान सिंह के बेटे गौरव प्रताप सिंह ने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। इससे पहले दो बार उन्होंने परीक्षा दी थी, लेकिन अंतिम चरण तक नहीं पहुंच सके थे। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार तैयारी जारी रखी। आखिरकार तीसरे प्रयास में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने 317वीं रैंक हासिल कर ली। गौरव के चाचा तेज प्रताप सिंह बताते हैं कि वह बचपन से ही पढ़ाई में तेज रहे हैं। उनके पिता उदय भान सिंह महाराष्ट्र के गोंदिया में रेलवे में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर तैनात हैं, जबकि माता अनीता सिंह गृहिणी हैं। गौरव ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई मध्य प्रदेश के बालाघाट स्थित केंद्रीय विद्यालय से की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी पटना से बीटेक किया। पढ़ाई के दौरान ही कई प्रतिष्ठित कंपनियों से नौकरी के प्रस्ताव भी मिले, लेकिन उनका सपना प्रशासनिक सेवा में जाने का था। इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने घर पर रहकर और ऑनलाइन माध्यम से तैयारी जारी रखी और आखिरकार यूपीएससी में सफलता हासिल कर ली। उनकी इस उपलब्धि पर गांव के प्रधान पिंशू सिंह, बच्चा सिंह, प्रभात सिंह समेत कई लोगों ने खुशी जताई और परिवार को बधाई दी।
नौकरी करते हुए की तैयारी
पाटन कस्बे के रहने वाले अमन वर्मा ने भी अपनी मेहनत से सफलता हासिल की है। अमन को यूपीएससी में 505वीं रैंक मिली है। अमन ने बताया कि उनकी इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई कस्बा बिहार के त्रिवेणी काशी इंटर कॉलेज से वर्ष 2013 में पूरी हुई। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद के एमएनएन इंजीनियरिंग कॉलेज से 2017 में बीटेक किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में इंजीनियर के रूप में नौकरी मिल गई।नौकरी के साथ-साथ उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। पहले प्रयास में वह प्रारंभिक परीक्षा पास नहीं कर सके थे, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी और सीधे तीनों चरण पार करते हुए सफलता हासिल कर ली। अमन के पिता रामसुंदर वर्मा सेवानिवृत्त दरोगा हैं, जबकि उनके भाई अंशुल वर्मा इलाहाबाद हाईकोर्ट में समीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
जिले में खुशी का माहौल
दोनों युवाओं की सफलता से उन्नाव जिले में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और परिचितों का कहना है कि इनकी सफलता जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा है। कड़ी मेहनत, धैर्य और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। गौरव और अमन की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो छोटे कस्बों और गांवों से निकलकर भी देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता पाई जा सकती है।
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