टोकरी में कन्हैया, सिर पर शेषनाग... : यमुना पार कर नंद के घर पहुंचे लड्डू गोपाल
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Sun, Sep 6, 2026
किशोरी खेड़ा के राधा-कृष्ण मंदिर में शुरू हुआ लीला महोत्सव, श्रीकृष्ण जन्म के मंचन ने भावविभोर किए श्रद्धालु
उन्नाव। किशोरी खेड़ा स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में शनिवार को उस समय माहौल भक्तिमय हो गया, जब मंच पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनके गोकुल पहुंचने की लीला का जीवंत मंचन हुआ। कंस के अत्याचार, देवकी-वासुदेव की पीड़ा और आधी रात जन्मे कन्हैया को सुरक्षित गोकुल पहुंचाने का प्रसंग देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। जैसे ही नंद बाबा के घर कान्हा के पहुंचने का दृश्य आया, पूरा परिसर नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा।महोत्सव की शुरुआत श्रीकृष्ण जन्म की लीला से हुई। मंचन के दौरान दिखाया गया कि मथुरा के कारागार में देवकी की आठवीं संतान के रूप में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होता है। कंस को जब इस बात की जानकारी मिलती है तो वह नवजात कृष्ण को मारने की कोशिश करता है, लेकिन तभी आकाशवाणी उसके सामने भविष्यवाणी करती है कि उसका अंत देवकी के आठवें पुत्र के हाथों होना तय है। इसके बाद लीला का सबसे भावपूर्ण प्रसंग सामने आया। वासुदेव नवजात कृष्ण को टोकरी में लेकर मथुरा से गोकुल की ओर निकलते हैं। बाहर तेज बारिश हो रही है और यमुना उफान पर है। मंच पर बारिश और यमुना पार करने का दृश्य इस तरह प्रस्तुत किया गया कि दर्शक कुछ देर के लिए खुद को उसी दौर का हिस्सा महसूस करने लगे। भगवान कृष्ण की रक्षा के लिए शेषनाग के फन फैलाने का दृश्य भी खास आकर्षण रहा। यमुना पार कर वासुदेव भगवान श्रीकृष्ण को नंद बाबा के घर पहुंचाते हैं। इसके साथ ही नंद भवन में जन्मोत्सव का दृश्य शुरू होता है। बधाई गीतों और जयकारों के बीच श्रद्धालु झूम उठे। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने भगवान कृष्ण के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
वृंदावन की शैली में हो रहा मंचन
लीला महोत्सव का आयोजन श्रीधाम वृंदावन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध श्रीहरिराम कौशिक कला अनुकरण मंडल और आदर्श हित रासलीला संस्थान के सहयोग से किया जा रहा है। प्रमुख स्वामी मुंशीलाल कौशिक महाराज के निर्देशन में कलाकार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को मंच पर प्रस्तुत कर रहे हैं। व्यास स्वामी हरिराम कौशिक के संचालन में संवाद, भजन और कथा के जरिए प्रसंगों को आगे बढ़ाया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक महोत्सव में श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े अलग-अलग प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इसका उद्देश्य धार्मिक कथा को केवल सुनाने के बजाय उसे मंचीय प्रस्तुति के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना है, ताकि बच्चे और युवा भी भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके संदेश को आसानी से समझ सकें।
आरती में शामिल हुए आयोजक
लीला के प्रारंभ और विश्राम की आरती में आयोजक परिवार से सुशील कुमार गुप्ता, रामजी गुप्ता, भारती गुप्ता, पूर्णिमा गुप्ता, शुभांशु गुप्ता और शाम्भवी सिंह शामिल हुए। महोत्सव संयोजक आशीष पांडेय, समिति महामंत्री सूरज सिंह, मीडिया प्रमुख डॉ. मनीष सेंगर, मंत्री प्रशांत निगम व सचिन गुप्ता के साथ अनूप सिंह, हरिओम चाचा आदि ने भी आरती में हिस्सा लिया।आयोजकों ने जिले के लोगों से महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के दर्शन करने की अपील की। मंदिर परिसर में महोत्सव को लेकर तैयारियां भी की गई हैं, जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को लीला का आनंद लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।
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