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मिलावट पर कार्रवाई : लेकिन जांच का दायरा कितना?

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Mon, Oct 26, 2026
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छोटे दुकानदारों ने बड़ो पर उठाए सवाल, विभाग ने शहर में भी कार्रवाई का किया दावा

उन्नाव। खाने-पीने की चीजों में मिलावट रोकने की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की है। लेकिन विभाग की कार्रवाई को लेकर छोटे दुकानदारों के मन में सवाल हैं। उनका कहना है कि जांच के दौरान छोटी दुकानों पर तो टीम पहुंच जाती है, लेकिन शहर के बड़े प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच कितनी हो रही है, यह भी सामने आना चाहिए। ऐसे में सवाल केवल नमूने लेने का नहीं, बल्कि जांच के दायरे और कार्रवाई में समानता का भी है। विभाग के अक्टूबर माह के आंकड़ों के मुताबिक, करीब 30 प्रतिष्ठानों की जांच कर खाद्य सामग्री के 53 नमूने लिए गए। इन नमूनों को परीक्षण के लिए भेजा गया है। विभाग का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद अगर खाद्य पदार्थ मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कुछ दुकानदारों को नोटिस दिए जाने की बात भी सामने आई है।

नमूने लेने के बाद रिपोर्ट का इंतजार

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का पता प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट से चलेगा। ऐसे में अभियान की वास्तविक तस्वीर रिपोर्ट आने और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई के बाद ही साफ होगी। फिलहाल 53 नमूनों की जांच का नतीजा सामने आना बाकी है। यह भी अहम होगा कि जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।

छोटे कारोबारियों को बराबरी की कार्रवाई का इंतजार

छोटे दुकानदारों का कहना है कि मिलावट पर रोक लगाने के लिए जांच सभी तरह के प्रतिष्ठानों में होनी चाहिए। उनका सवाल है कि यदि छोटे कारोबारियों की दुकानों का निरीक्षण किया जा रहा है तो बड़े प्रतिष्ठानों की जांच और कार्रवाई की जानकारी भी सार्वजनिक होनी चाहिए। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर आरोप लगाया कि शहर के कुछ बड़े प्रतिष्ठानों पर भी मिलावट की आशंका है, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई दिखाई नहीं देती। हालांकि, बड़े प्रतिष्ठानों को जानबूझकर छूट दिए जाने या विभागीय सांठगांठ के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन आरोपों की सच्चाई जांच के रिकॉर्ड और कार्रवाई के ब्योरे से ही स्पष्ट हो सकती है।

विभाग बोला- शहर में भी हुई कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेंद्र दीक्षित के मुताबिक, आठ अक्टूबर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। शहर में भी कई दुकानों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि अन्य दुकानों का भी निरीक्षण किया जाएगा। अब विभाग के सामने चुनौती केवल अभियान चलाने की नहीं, बल्कि यह भरोसा कायम करने की भी है कि खाद्य सुरक्षा के मामले में दुकान का आकार देखकर कार्रवाई तय नहीं होती। जांच में पारदर्शिता, नमूनों की रिपोर्ट और मानक पूरे नहीं करने वालों पर हुई कार्रवाई का ब्योरा सामने आने से ही मिलावट के खिलाफ अभियान की प्रभावशीलता का आकलन किया जा सकेगा।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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