शिक्षामित्र हत्याकांड : बंद घर, दो गोलियां और परिवार पर गहराता शक
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Thu, Jan 29, 2026
पारिवारिक कलह या सुनियोजित साजिश, पुलिस के सामने कई सवाल
उन्नाव। असोहा थाना क्षेत्र के गोकुलपुर गांव में शिक्षामित्र की हत्या की गुत्थी अब घर के अंदरूनी रिश्तों और पैसों के लेनदेन तक पहुंचती दिख रही है। शुरुआती तौर पर बाहरी बदमाशों की आशंका जताने वाला मामला, पुलिस जांच के साथ-साथ अब परिवार के सदस्यों के बयानों, जमीन बिक्री से मिले रुपयों और घरेलू तनाव के इर्द-गिर्द घूमने लगा है। मंगलवार देर रात गांव के एक मकान में 39 वर्षीय शिक्षामित्र श्रीकांति रावत की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को सबसे पहले मृतका की 13 वर्षीय बेटी रिया ने जो बताया, वही कहानी कुछ ही घंटों में बदलती चली गई। यही बदलते बयान पुलिस के लिए शक की पहली बड़ी वजह बने। पहले रिया ने कहा कि उसकी मां बाथरूम से लौट रही थीं, तभी सामने से गोली मारी गई और उसने हमलावर को भागते हुए देखा। बाद में उसने यह भी बताया कि गोली की आवाज सुनकर उसकी नींद खुली थी और आंखें खोलने की कोशिश करने पर धुंधला दिखाई दे रहा था, जैसे आंखों में कुछ डाल दिया गया हो। पिता और बेटी के बयानों में भी साफ अंतर सामने आया, जिससे पुलिस को घटना के वक्त घर के भीतर की स्थिति पर दोबारा सोचने पर मजबूर होना पड़ा। जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि करीब डेढ़ महीने पहले श्रीकांति के पति ओमकार रावत ने एक बीघा जमीन 15 लाख रुपये में बेची थी। यह रकम घर में चर्चा का विषय थी और इसी बिंदु पर पुलिस की जांच ने नया मोड़ ले लिया। आशंका जताई जा रही है कि परिवार के भीतर किसी को इस पैसे की जानकारी थी और रुपयों को लेकर विवाद या तनाव चल रहा था।
पुलिस को यह जानकारी भी मिली कि जमीन बिकने के बाद ओमकार अक्सर शराब और मीट पार्टी के लिए एक परिचित के घर जाता था, जिसका श्रीकांति विरोध करती थीं। घरेलू कलह और पैसों को लेकर मतभेद की बात अब जांच के अहम हिस्से बन चुके हैं। परिवार के जेठ राजेंद्र रावत ने बताया कि सात फरवरी को उनके बेटे की शादी तय है और घर में तैयारियां चल रही थीं। अचानक हुई इस वारदात ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि चार भाइयों के परिवार के पास कुल 16 बीघा जमीन है, जिसमें से एक बीघा जमीन ओमकार ने बेची थी। उनका दावा है कि परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।
घटना की सूचना मिलते ही रात में ही एसपी जयप्रकाश सिंह, सीओ तेजबहादुर सिंह, एसओ फूल सिंह और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घर की जांच में कुछ कारतूस भी बरामद हुए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि श्रीकांति को दो गोलियां मारी गई थीं। एक गोली गले में लगी, जो खोपड़ी को पार कर गई, जबकि दूसरी गोली सीने के दाहिने हिस्से में लगी और लिवर में फंसी मिली। दोनों गोलियां करीब एक मीटर की दूरी से मारी गईं, जिससे फायरिंग बेहद नजदीक से होने की पुष्टि हुई है। घर के चारों ओर बंद होने और जीने पर भी दरवाजा लगे होने की बात पति की ओर से कही गई, लेकिन इसी बयान ने पुलिस के शक को और गहरा कर दिया। पुलिस का मानना है कि बाहरी व्यक्ति का बिना किसी तोड़फोड़ के अंदर आना आसान नहीं था।फिलहाल पुलिस का शक सीधे पति पर टिक गया है, हालांकि अधिकारी खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है, साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और परिवार के सदस्यों से दोबारा पूछताछ की जा रही है। बुधवार को पुलिस की एक टीम स्कूल भी पहुंची, जहां श्रीकांति पिछले 20 साल से शिक्षामित्र के तौर पर काम कर रही थीं, ताकि उनके कामकाजी जीवन और किसी संभावित विवाद की जानकारी जुटाई जा सके। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। गांव में मातम पसरा है और हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर यह हत्या बाहरी साजिश थी या घर के भीतर पनप रहे विवाद का खौफनाक अंजाम। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच सामने आएगा।
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