सामूहिक विवाह समारोह के गद्दों पर ‘राजनीतिक’ डिजाइन : एक डिजाइन ने खोल दी 918 गद्दों की कहानी
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Sun, Jul 26, 2026
गद्दों की सप्लाई में मिली खामी, फर्म ब्लैकलिस्ट और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई
उन्नाव। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में नवविवाहित जोड़ों को बांटी गई उपहार सामग्री को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। समारोह में दिए गए गद्दों के कवर पर राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न से मिलती-जुलती डिजाइन मिलने के मामले में जांच के बाद जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने आपूर्तिकर्ता फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया। वहीं, उपहार सामग्री प्राप्त करने वाले पटल सहायक को निलंबित कर दिया गया है। सामग्री के परीक्षण और वितरण की जिम्मेदारी संभालने वाले दो कर्मचारियों पर भी विभागीय कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। 24 जुलाई को डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। समारोह में जिले के 459 जोड़ों का विवाह कराया गया। कार्यक्रम में शामिल प्रत्येक जोड़े को दो-दो गद्दे दिए गए थे। इस तरह कुल 918 गद्दों की आपूर्ति की गई थी।
जांच में सामने आया मामला
गद्दों के कवर पर राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न से मिलती-जुलती डिजाइन की जानकारी सामने आने के बाद मामला अधिकारियों तक पहुंचा। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी कृति राज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। कमेटी में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, वरिष्ठ कोषाधिकारी और उपायुक्त उद्योग को शामिल किया गया। जांच टीम ने समारोह में वितरित सामग्री और उससे जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की। जांच के दौरान एक-दो गद्दों के कवर पर ऐसी डिजाइन मिली, जो राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न से मिलती-जुलती थी। इसके बाद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी।
सप्लायर पर FIR, फर्म ब्लैकलिस्ट
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने आपूर्तिकर्ता फर्म के खिलाफ कोतवाली शहर में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से सरकारी योजनाओं में आपूर्ति के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही को लेकर जिम्मेदारों में खलबली मच गई है।
पटल सहायक निलंबित
मामले में वैवाहिक उपहार सामग्री प्राप्त करने वाले पटल सहायक को भी जिम्मेदार मानते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन ने माना कि सरकारी योजना के तहत वितरित होने वाली सामग्री की जांच और निगरानी में लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
दो कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी
सामग्री का परीक्षण और वितरण करने के लिए नामित सहायक विकास अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए हैं। दोनों कर्मचारियों की भूमिका और जिम्मेदारी की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी से मांगा स्पष्टीकरण
पूरे मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी योजनाओं में लाभार्थियों को दी जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता और उसकी जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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