Thu 16 Apr 2026

ब्रेकिंग

कलम और तलवार की थीम से सजा तिराहा

कार्यक्रमों का आयोजन कर हर्षल्लास से मनाई गई डा0,भीमराव अम्बेडकर जयंती एवं वार्षिकोत्सव

डा0भीमराव अम्बेडकर 135 वीं जयंती

शोभा यात्रा मैं लगाए गए पुलिसकर्मियों को ब्रीफ करती सीओ कोतवाली

राष्ट्रीय दलित पिछड़ा वर्ग भारत द्वारा किया गया बाइक रैली का आयोजन

सूचना

BREAKING NEWS

CRIME BREAKING

भरोसे का सौदा : नौकरी दिलाने के नाम पर 35 लाख की ठगी करने वाला गिरफ्तार

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Wed, Jan 28, 2026
Post views : 175

फर्जी दस्तावेज और झूठी पहचान के सहारे चलता रहा ठगी का खेल, कई पीड़ित आए सामने

उन्नाव। नौकरी दिलाने के नाम पर लाखो की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को आसीवन थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को बड़े मेडिकल संस्थानों से जुड़ा बताकर बेरोजगारों को झांसे में लेता था और फर्जी नियुक्ति पत्र थमा देता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अलग-अलग लोगों से कुल 35 लाख 20 हजार रुपये की ठगी की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उन्नाव के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध विरोधी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने लंबी जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दबोच लिया।

खुद को पीजीआई से जुड़ा बताया, लाखों ऐंठे

पुलिस के अनुसार, आसीवन क्षेत्र के गांव जारुल्लानगर निवासी मनोज कुमार पुत्र छेदीलाल ने 3 सितंबर 2024 को थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि लखनऊ निवासी मनोज कुमार नाम के व्यक्ति ने खुद को पीजीआई लखनऊ में असिस्टेंट डायरेक्टर के प्रशासनिक विभाग से जुड़ा बताया। उसने यह भी दावा किया कि उसकी पहुंच ऊंचे अधिकारियों तक है और वह आसानी से नौकरी लगवा सकता है। इसी भरोसे पर मनोज कुमार से 6 लाख रुपये लिए गए। बाद में आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। जब नौकरी ज्वाइन कराने की बात आई तो टालमटोल शुरू हो गई। जांच में सामने आया कि आरोपी ने सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई लोगों को इसी तरह ठगा।

कई पीड़ित, अलग-अलग रकम

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने रुपनारायण से 13 लाख रुपये, करुणा शंकर से 4.50 लाख रुपये, सुनील कुमार से 4 लाख रुपये, दिलीप वर्मा से 4 लाख रुपये और कमलेश से 3.70 लाख रुपये इस तरह कुल 35.20 लाख रुपये नौकरी लगवाने के नाम पर वसूले। सभी को पीजीआई लखनऊ से जुड़ा बताकर कूटरचित नियुक्ति पत्र दिए गए।

फर्जी दस्तावेज, असली ठगी

जांच में यह भी पता चला कि आरोपी शिक्षण संस्थानों से जुड़ा रहा है और इसी पहचान का इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीतता था। वह खुद को माइक्रोबायोलॉजी का प्रोफेसर और टीएस मिश्रा यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर बताता था। इसी प्रोफाइल के दम पर वह बेरोजगारों को अपने जाल में फंसाता था।

मेडिकल कॉलेज से गिरफ्तारी

थाना आसीवन थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने बताया कि आरोपी मनोज कुमार को सोहरामऊ थाना क्षेत्र स्थित प्रसाद मेडिकल कॉलेज से गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है।

पुलिस की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी या बड़े संस्थान में नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें। किसी भी नियुक्ति पत्र या नौकरी के दावे की पहले संबंधित विभाग से पुष्टि जरूर करें, ताकि ऐसे ठगों के जाल में न फंसा जा सके।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन