Sat 12 Sep 2026

ब्रेकिंग

रामपुर ने पूरे सूबे में अपनी कर्मठता और कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है। ब्यूरो रिपोर्ट, रामपुर

अंडर 14 हॉकी गर्ल्स ने नगर विधायक , आकाश सक्सेना से सुविधाओं को लेकर पत्र सौंपा, ब्यूरो रिपोर्ट, रामपुर

मौके पर जेसीबी चलने का आरोप

पुलिस ने घर के पास से दबोचा

मां ने दर्ज कराई रिपोर्ट

सूचना

BREAKING NEWS

CRIME BREAKING

अब सिर्फ नौकरी नहीं : आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा सोशल सिक्योरिटी का सहारा

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Wed, Sep 2, 2026
Post views : 119

कंप्यूटर ऑपरेटर का मानदेय 22 हजार, अनस्किल्ड और सेमी-स्किल्ड कर्मचारियों को 20 हजार रुपये

निगम का लोगो, पोर्टल और वेबसाइट लॉन्च

उन्नाव। सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे कर्मचारियों के लिए बुधवार को निराला प्रेक्षागृह में नई व्यवस्था की शुरुआत हुई। आउटसोर्स सेवा निगम के गठन के साथ कर्मचारियों को सिर्फ बढ़ा हुआ मानदेय ही नहीं, बल्कि ईएसआई और ईपीएफ जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। कार्यक्रम में निगम का लोगो, पोर्टल और वेबसाइट लॉन्च किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी पहुंचे। सीडीओ कृति राज, एडीएम सुशील कुमार गोंड समेत जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कर्मचारियों को नई व्यवस्था की जानकारी दी। इस दौरान सफाई कर्मचारियों को काम से जुड़ी किट बांटी गईं, जबकि भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण योजना के तहत बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता पाने वाले लाभार्थियों को चेक दिए गए।

मानदेय में सीधा फायदा, कंप्यूटर ऑपरेटर को 22 हजार

नई व्यवस्था में कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी को प्रमुख बदलाव माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक कंप्यूटर ऑपरेटर को अब 22 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। वहीं अनस्किल्ड और सेमी-स्किल्ड श्रमिकों के लिए मानदेय 20 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। इससे लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। सीडीओ कृति राज ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम के गठन से कर्मचारियों को उन सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा, जो अब तक व्यवस्थित तरीके से नहीं मिल पा रही थीं। ईएसआई और ईपीएफ जैसी योजनाओं के जरिए कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का कवच देने की दिशा में काम किया जा रहा है।

अब मानदेय के साथ भविष्य की भी चिंता

आउटसोर्स कर्मियों के लिए नई व्यवस्था का एक अहम पहलू यह है कि उनकी जरूरत को केवल मासिक भुगतान तक सीमित नहीं रखा गया है। ईपीएफ जैसी व्यवस्था से कर्मचारी भविष्य के लिए बचत कर सकेंगे, जबकि ईएसआई से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा का लाभ मिलेगा। यानी नौकरी के दौरान मिलने वाले मानदेय के साथ भविष्य और स्वास्थ्य की चिंता भी व्यवस्था में शामिल करने का प्रयास किया गया है।

सफाई कर्मियों को किट, बेटियों की शादी के लिए चेक

कार्यक्रम में सफाई कर्मचारियों को किट वितरित की गईं। अधिकारियों का कहना था कि कर्मचारियों को काम के दौरान जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी दौरान भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक योजना के तहत बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता पाने वाले लाभार्थियों को चेक दिए गए। लाभार्थियों को सहायता राशि मिलने से उनके सामने शादी के खर्च को लेकर आर्थिक दबाव कुछ कम होने की उम्मीद है।

पुरानी शिकायतों से सबक लेकर पारदर्शिता पर जोर

कार्यक्रम में वक्ताओं ने आउटसोर्स कर्मचारियों के भुगतान की पुरानी व्यवस्था और उसमें सामने आने वाली शिकायतों का भी जिक्र किया। दावा किया गया कि पहले कई बार मानदेय समय से नहीं मिलने और कर्मचारियों की रकम को लेकर शिकायतें आती थीं। कुछ मामलों में पैसा दूसरे खातों में पहुंचने की बातें भी सामने आती थीं। अब कर्मचारियों को निर्धारित कटौती और अन्य औपचारिकताओं के बाद मानदेय उनके खातों में पहुंचाने की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इसे व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम में राजनीतिक तंज भी सुनाई दिए

आउटसोर्स सेवा निगम के गठन के कार्यक्रम में सरकार की नई व्यवस्था के साथ पिछली सरकारों पर राजनीतिक निशाना भी साधा गया। वक्ताओं ने वर्ष 2017 से पहले अलग-अलग विभागों में कथित तौर पर सक्रिय सिंडिकेट और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। पुलिस भर्ती का उदाहरण देते हुए वर्ष 2012 से 2017 के बीच कुछ विशेष जिलों और वर्गों को प्राथमिकता दिए जाने का आरोप लगाया गया। वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में भर्ती और रोजगार से जुड़े मामलों में पारदर्शिता तथा समान अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि कार्यक्रम का मुख्य फोकस आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलने वाले आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा लाभों पर रहा। निगम के गठन को कर्मचारियों के हित में बदलाव की शुरुआत बताते हुए अधिकारियों ने कहा कि पात्र कर्मचारियों और श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

कर्मचारियों के लिए क्या बदला

कंप्यूटर ऑपरेटर: 22 हजार रुपये मानदेय

अनस्किल्ड श्रमिक: 20 हजार रुपये

सेमी-स्किल्ड श्रमिक: 20 हजार रुपये

ईएसआई: स्वास्थ्य संबंधी सामाजिक सुरक्षा का लाभ

ईपीएफ: भविष्य के लिए बचत और सामाजिक सुरक्षा

सफाई कर्मचारी: काम से जुड़ी किट का वितरण

निर्माण श्रमिक: पात्र लाभार्थियों को बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता

नई व्यवस्था: निगम का पोर्टल और वेबसाइट भी शुरू

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन