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ऑनलाइन सट्टेबाजी से दौलत का खेल : उन्नाव में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Wed, Dec 17, 2025
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दुबई की शाही शादी और महंगी गाड़ियों ने खींचा जांच एजेंसियों का ध्यान

उन्नाव। बुधवार की सुबह विकास खंड के ग्राम खजूर में कुछ अलग ही माहौल था। लोग रोजमर्रा के काम में लगने की तैयारी कर ही रहे थे कि अचानक प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की गाड़ियों ने गांव में दस्तक दे दी। देखते ही देखते खबर फैल गई कि पूर्व प्रधान लक्ष्मी नाथ द्विवेदी के घर ईडी की टीम पहुंच गई है। कुल 16 सदस्यीय टीम ने न सिर्फ खजूर गांव, बल्कि नवाबगंज कस्बे और लखनऊ के ठिकानों पर भी एक साथ कार्रवाई शुरू की। इसके बाद पूरे इलाके में दिनभर चर्चा और हलचल बनी रही। ईडी की टीम ने यह कार्रवाई ऑनलाइन सट्टेबाजी और ड्रीम-11 से जुड़ी कथित करोड़ों रुपये की कमाई के मामले में की है। जांच के घेरे में पूर्व प्रधान के बेटे अनुराग द्विवेदी हैं, जिन पर ड्रीम-11 पर टीम बनाकर और बेचकर भारी मुनाफा कमाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि इसी कमाई के जरिए उन्होंने बड़े स्तर पर नेटवर्क खड़ा किया।

सुबह-सुबह गांव में पहुंची ईडी की गाड़ियां

बुधवार तड़के जब लोग नींद से जाग ही रहे थे, तभी तीन गाड़ियां सीधे खजूर गांव पहुंचीं। वहीं दो अन्य गाड़ियां नवाबगंज कस्बे में अनुराग के चाचा नृपेंद्र नाथ द्विवेदी के घर के बाहर रुकीं। अचानक केंद्रीय जांच एजेंसी की मौजूदगी से गांव और कस्बे दोनों जगह अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और एक-दूसरे से पूछते नजर आए कि आखिर मामला क्या है। नवाबगंज में चाचा के घर पर ईडी को ताला लटका मिला। इसके बाद सीआरपीएफ के जवानों ने घर के बाहर मोर्चा संभाल लिया। करीब 11 बजे ईडी की टीम गांव से अनुराग की मां को साथ लेकर नवाबगंज पहुंची और ताला खुलवाया गया। उसी दौरान नृपेंद्र नाथ द्विवेदी और उनकी पत्नी भी घर पहुंच गए। इसके बाद शाम तक ईडी की टीम घर के हर कोने की बारीकी से जांच करती रही।

बैंक खातों और डिजिटल सामान पर फोकस

सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान टीम ने बैंक लेनदेन से जुड़े कागजात, संपत्ति के दस्तावेज और कई डिजिटल गैजेट अपने कब्जे में लिए हैं। मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रीम-11 से हुई करोड़ों की कमाई वास्तव में कैसे और किन रास्तों से आई। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि क्या इस पैसे का इस्तेमाल किसी अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को चलाने में किया गया। ईडी अधिकारी यह भी खंगाल रहे हैं कि इस कमाई को कहां-कहां निवेश किया गया और किन लोगों के खातों के जरिए पैसा इधर-उधर हुआ।

दुबई की भव्य शादी ने खींचा ध्यान

अनुराग द्विवेदी बीते कुछ समय से अपने शौक और खर्चों को लेकर इलाके में चर्चा का विषय बने हुए थे। करीब 20 दिन पहले दुबई में एक क्रूज पर उनकी भव्य शादी हुई थी। बताया जा रहा है कि इस शादी में फिल्मी दुनिया की कुछ हस्तियां भी शामिल हुई थीं। इतना ही नहीं, कस्बे और आसपास के लगभग 30 लोगों को हवाई जहाज से दुबई ले जाकर शानदार दावत दी गई थी।जब शादी में शामिल होकर लौटे लोगों ने गांव-कस्बे में अनुराग की दौलत और ठाठ-बाट की बातें बताईं, तभी से उनकी आमदनी को लेकर सवाल उठने लगे थे। माना जा रहा है कि यहीं से केंद्रीय एजेंसियों की नजरें उन पर टिक गईं।

यूट्यूब से बना पहचान, ड्रीम-11 से कमाई

स्थानीय लोगों के अनुसार अनुराग एक जाना-पहचाना यूट्यूबर भी है। वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को ड्रीम-11 पर टीम बनाने के टिप्स देता था। शुरुआत में खुद पैसे लगाकर उसने जीत हासिल की और फिर इंटरनेट मीडिया पर अपनी टीमें बेचने लगा। धीरे-धीरे उसका दायरा बढ़ता गया और कमाई भी करोड़ों तक पहुंच गई। चर्चा में बने रहने और अपनी छवि मजबूत करने के लिए वह नगर पंचायत को एम्बुलेंस दान करने, कंबल बांटने जैसे सामाजिक कार्यों में भी आगे रहता था। इससे उसकी लोकप्रियता और भरोसा दोनों बढ़े।

युवाओं को दिखाया अमीर बनने का सपना

ग्रामीणों का कहना है कि अनुराग के वीडियो देखकर क्षेत्र के हजारों युवाओं ने ड्रीम-11 पर पैसा लगाया। कई लोगों ने टीम खरीदने के चक्कर में लाखों रुपये गंवा दिए। युवाओं को जल्दी अमीर बनने का सपना दिखाकर उन्हें खेल में उतारना ही उसके नेटवर्क की सबसे बड़ी ताकत थी। हालांकि छापेमारी के दौरान कोई भी टीम सदस्य या करीबी खुलकर मीडिया से बात करने को तैयार नहीं दिखा। लखनऊ स्थित फ्लैट से भी बड़ी बरामदगी की आशंका जताई जा रही है।

रेड के वक्त नहीं मिला अनुराग

छापेमारी के समय मुख्य आरोपी अनुराग द्विवेदी घर पर मौजूद नहीं थे। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि शादी के बाद से वह दुबई में ही हैं। ईडी अब उनके विदेश प्रवास और वहां हुए लेनदेन की भी जांच कर रही है। यह देखा जा रहा है कि क्या विदेश में भी कोई संपत्ति या निवेश किया गया है।

महंगी गाड़ियों का शौक भी जांच के घेरे में

इलाके में यह भी चर्चा आम है कि अनुराग को लग्जरी गाड़ियों का खास शौक है। लोगों के मुताबिक उसके पास मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू और डिफेंडर जैसी करोड़ों रुपये की गाड़ियां हैं। जांच एजेंसी इन गाड़ियों की खरीद में इस्तेमाल हुई रकम के स्रोत को भी खंगाल सकती है।

आगे और बढ़ सकती है जांच

ईडी की ओर से फिलहाल किसी आधिकारिक जब्ती या गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि शुरुआती जांच में मिले इनपुट के बाद आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज हो सकती है। माना जा रहा है कि जांच का दायरा अनुराग के करीबी लोगों और नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों तक भी पहुंच सकता है। फिलहाल खजूर गांव से लेकर नवाबगंज और लखनऊ तक एक ही सवाल गूंज रहा है कि ड्रीम-11 से करोड़ों की इस कहानी के पीछे असल सच्चाई क्या है और ईडी की जांच में कौन-कौन से बड़े राज सामने आएंगे।

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Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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