कार्रवाई पर फिर उठे सवाल : स्कूटी चोरी की रिपोर्ट दर्ज करने में लगे नौ दिन
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Tue, Oct 27, 2026
16 अक्टूबर को चोरी हुई स्कूटी, 24 को तहरीर और 25 अक्टूबर को दर्ज हुई एफआईआर
उन्नाव। वाहन चोरी की घटनाओं में एफआईआर दर्ज करने में देरी का एक और मामला सामने आया है। सदर कोतवाली क्षेत्र में अस्पताल गेट के पास से चोरी हुई स्कूटी की रिपोर्ट घटना के नौ दिन बाद दर्ज की गई। इससे पहले जिला अस्पताल से चोरी हुई बाइक का इस्तेमाल एटा में सराफा कारोबारी से 56 लाख रुपये की लूट में होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे थे। इस मामले में एसपी जयप्रकाश सिंह ने अस्पताल चौकी इंचार्ज अंजनी सिंह को निलंबित कर दिया था।
अस्पताल गेट के पास से गायब हुई स्कूटी
सदर कोतवाली क्षेत्र के आदर्शनगर निवासी रावेन्द्र तिवारी ने तहरीर में बताया कि 16 अक्टूबर को वह अस्पताल गेट के पास पीपल के पेड़ के नीचे अपनी टीवीएस जूपिटर स्कूटी खड़ी करके नाले पर पत्थर रखवा रहे थे। इस दौरान चाबी स्कूटी में ही लगी रह गई। काम पूरा होने के बाद लौटे तो स्कूटी गायब थी। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला। पीड़ित ने 24 अक्टूबर को सदर कोतवाली में तहरीर दी। इसके बाद 25 अक्टूबर को अज्ञात के खिलाफ चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई।
चोरी की बाइक से एटा में हुई थी 56 लाख की लूट
इंदिरानगर निवासी निकेत चौधरी की बाइक 21 अक्टूबर को जिला अस्पताल से चोरी हुई थी। बाद में एटा में सराफा कारोबारी से 56 लाख रुपये की लूट में उसी बाइक का इस्तेमाल होने की बात सामने आई। जांच में अस्पताल चौकी इंचार्ज अंजनी सिंह पर सीसीटीवी फुटेज नहीं खंगालने और समय से कार्रवाई नहीं करने की बात सामने आने पर एसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया। एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही की भी जांच की जा रही है।
दूसरे मामले में 12 घंटे में बरामद हुई बाइक
दही थाना क्षेत्र के शिवनगर निवासी रवि सविता की बाइक सब्जी मंडी के पास से चोरी हुई थी। पुलिस ने 23 अक्टूबर को रिपोर्ट दर्ज करने के बाद कार्रवाई करते हुए 12 घंटे के भीतर बाइक बरामद कर ली। इस मामले में नैमिष सिंह उर्फ सूर्यांश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वाहन चोरी के इन मामलों में पुलिस की कार्रवाई का अंतर साफ नजर आता है। एक ओर दही थाना क्षेत्र में चोरी हुई बाइक रिपोर्ट दर्ज होने के 12 घंटे के भीतर बरामद करके आरोपी को जेल भेज दिया, वहीं सदर कोतवाली क्षेत्र में स्कूटी चोरी की एफआईआर दर्ज करने में नौ दिन लग गए। एटा लूटकांड के बाद चौकी इंचार्ज के निलंबन के बीच सामने आई इस देरी ने वाहन चोरी की शिकायतों पर समय से एफआईआर दर्ज करने की पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
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