15 अगस्त, 15 सपने पूरे : संदेश फाउंडेशन ने 15 बच्चों की पढ़ाई का उठाया जिम्मा
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Fri, Aug 14, 2026
चार दिन के अभियान में जरूरतमंद विद्यार्थियों तक पहुंचे संदीप पांडेय

उन्नाव। स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति का मतलब सिर्फ तिरंगे को सलाम करना नहीं, बल्कि किसी के भविष्य को संवारने में अपना हिस्सा देना भी है। इसी सोच को जमीन पर उतारते हुए संदेश फाउंडेशन ने ‘15 अगस्त, 15 सपने’ अभियान के तहत जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई में मदद की। चार दिन तक चले अभियान में अलग-अलग स्कूलों में पहुंचकर बच्चों की सालभर की फीस जमा कराई गई। अभियान का लक्ष्य पूरा होने के साथ 15 बच्चों की पढ़ाई का एक साल का खर्च सुनिश्चित किया गया।शुक्रवार को अभियान के चौथे और अंतिम दिन फाउंडेशन की टीम लिटिल जेम्स इंटरनेशनल स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर गोपीनाथपुरम, चिल्ड्रेन्स पैराडाइज स्कूल और नियाज़ुल उलूम पब्लिक स्कूल पहुंची। यहां चार विद्यार्थियों की वार्षिक फीस जमा कराई गई। इसके साथ ही अभियान का निर्धारित लक्ष्य पूरा हो गया।
पहले दिन चार बच्चों से शुरू हुआ सफर
अभियान की शुरुआत शुक्लागंज क्षेत्र के श्री महादेव विद्यालय और लोहिया इंटर कॉलेज से हुई। दोनों स्कूलों में दो-दो जरूरतमंद विद्यार्थियों की पूरे साल की फीस जमा कराई गई। चार बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने के साथ फाउंडेशन ने यह संदेश दिया कि आर्थिक परेशानी किसी विद्यार्थी की पढ़ाई के आड़े नहीं आनी चाहिए। इसके बाद अभियान के दूसरे दिन सरस्वती शिशु मंदिर, गंगानगर और दयानंद सरस्वती इंटर कॉलेज पहुंचकर तीन जरूरतमंद बच्चों की सालभर की शैक्षणिक फीस जमा कराई गई। अभियान के तीसरे चरण में ब्राइट कैरियर पब्लिक स्कूल, गायत्री विद्या मंदिर, कात्यायनी विद्या मंदिर और कैलाश सुमन विद्या मंदिर में छह जरूरतमंद विद्यार्थियों की फीस की व्यवस्था की गई।
दो बच्चियों की फीस स्कूल प्रबंधक ने माफ कर दी
अभियान के दौरान ब्राइट कैरियर पब्लिक स्कूल में पहुंची फाउंडेशन की टीम दो जरूरतमंद बच्चियों की पूरे साल की फीस जमा कराने की तैयारी में थी। इसी दौरान स्कूल प्रबंधक दिलीप सविता ने पहल को देखते हुए खुद सहयोग का फैसला किया। उन्होंने दोनों बच्चियों की पूरी फीस माफ कर दी। दिलीप सविता ने कहा कि जब संस्था बच्चों की शिक्षा के लिए आगे आई है तो वह भी इस काम में अपना योगदान देना चाहते हैं। उनकी इस पहल से दोनों बच्चियों की फीस का खर्च संस्था पर नहीं आया और स्कूल प्रबंधक खुद अभियान के सहभागी बन गए। फाउंडेशन ने इसे अभियान की सबसे खास उपलब्धियों में से एक बताया। संस्था का कहना है कि एक व्यक्ति मदद के लिए आगे बढ़ता है तो उसके साथ दूसरे लोग भी जुड़ सकते हैं। ब्राइट कैरियर पब्लिक स्कूल में भी यही देखने को मिला।

फीस जमा करने से आगे बढ़कर बना सामाजिक संदेश
अभियान का मकसद केवल फीस जमा कराना नहीं था। संस्था के अनुसार कोशिश यह रही कि समाज में यह सोच मजबूत हो कि किसी बच्चे की आर्थिक स्थिति उसके सपनों की सीमा तय न करे। किसी परिवार के लिए एक साल की फीस बड़ी जिम्मेदारी हो सकती है, लेकिन समाज के कुछ लोग मिलकर उस जिम्मेदारी को आसान बना सकते हैं। संदेश फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप पांडेय ने कहा कि अभियान के जरिए यही कोशिश की गई कि आर्थिक परिस्थितियां किसी बच्चे की शिक्षा के रास्ते में रुकावट न बनें। उन्होंने कहा कि किसी बच्चे की आंखों में पढ़ने का सपना हो और उसे पूरा करने में हम थोड़ा भी सहयोग कर सकें, इससे बड़ी खुशी हमारे लिए कुछ नहीं। उन्होंने कहा कि ब्राइट कैरियर पब्लिक स्कूल के प्रबंधक दिलीप सविता का आगे आकर दो बच्चियों की फीस माफ करना इस अभियान की भावना को और मजबूत करता है। यह दिखाता है कि जरूरतमंद बच्चों के लिए समाज के लोग साथ आएं तो मदद का असर कई गुना बढ़ सकता है।

सपने बच्चों के, जिम्मेदारी हम सबकी
चार दिन के अभियान ने एक सीधी बात सामने रखी कि किसी बच्चे की मदद के लिए हमेशा बड़ी रकम या बड़ा मंच जरूरी नहीं होता। किसी की फीस भरना, किसी बच्चे को किताबें दिलाना या उसकी पढ़ाई जारी रखने में मदद करना भी उसके भविष्य के लिए बड़ा कदम हो सकता है। संदेश फाउंडेशन ने अभियान के जरिए स्वतंत्रता दिवस को बच्चों की शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया। संस्था का संदेश है कि आजादी का जश्न तभी और सार्थक होगा, जब हर बच्चे को अपनी पसंद की पढ़ाई करने और आगे बढ़ने का मौका मिले। ‘15 अगस्त, 15 सपने’ का संकल्प अब एक संख्या भर नहीं रहा। यह उन बच्चों के लिए उम्मीद का संदेश बन गया है, जिन्हें आर्थिक परेशानी के कारण अपनी पढ़ाई को लेकर चिंता रहती है।
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