मौरंग माफिया पर एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई : उन्नाव-कानपुर गैंग के पांच सदस्य गिरफ्तार,सरगना फरार
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Thu, Nov 13, 2025
एआरटीओ और खनिज विभाग की टीमों की लोकेशन व्हाट्सएप पर भेजकर चल रहा था ओवरलोड गाड़ियों का खेल

उन्नाव। ओवरलोड मौरंग और गिट्टी ढोने वाले ट्रकों को बचाने के लिए एआरटीओ और खनिज विभाग की टीमों की हर मूवमेंट पर नजर रखने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। कानपुर एसटीएफ ने बुधवार सुबह गदनखेड़ा बाईपास से गिरोह के पांच सदस्यों को दबोच लिया। इनके कब्जे से सात मोबाइल, दो कारें, एक डंपर और नकदी 13,800 रुपये बरामद हुई है।
गिरफ्तार आरोपियों में उन्नाव के दो, कानपुर के घाटमपुर के दो और हमीरपुर का एक युवक शामिल है। गिरोह का सरगना उन्नाव का रहने वाला बताया जा रहा है, जो छापे के दौरान भाग निकला। पांच लोगों को पकड़ा गया। गिरोह पिछले दो साल से इस गोरखधंधे में सक्रिय था और हमीरपुर, महोबा, बांदा, जालौन और चित्रकूट से ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही कराता था।
कैसे चलता था पूरा खेल
एसटीएफ उपनिरीक्षक राहुल परमार के मुताबिक गिरोह ने कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए थे, जिनमें ओवरलोड वाहनों के मालिक, ड्राइवर और दलाल जुड़े थे। जैसे ही खनिज या एआरटीओ टीम चेकिंग के लिए निकलती, गिरोह के सदस्य अपनी कारों से उनका पीछा करते और लोकेशन लाइव ग्रुप में भेज देते थे। इससे ट्रक चालक रास्ता बदलकर कार्रवाई से बच निकलते थे। सूत्रों के अनुसार गिरोह हर ट्रक से करीब 25 हजार रुपये महीना वसूलता था। बताया जा रहा है कि करीब 2500 गाड़ियों का संचालन इसी नेटवर्क से होता था। इस पूरे नेटवर्क में एआरटीओ प्रवर्तन से मिलीभगत की बात सामने आई है, जबकि खनन विभाग से तालमेल न बैठने पर गिरोह के लोग खुद ही उनकी लोकेशन ट्रैक करते और जानकारी साझा करते थे। बदले में प्रति गाड़ी 500 से 1000 रुपये तक कमीशन तय था।
पहले भी पकड़ में आए थे गिरोह के सदस्य
बता दें कि एक नवंबर को दही थाना क्षेत्र में लोकेशन गिरोह के तीन सदस्यों को खनन अधिकारी का पीछा करने के बाद दही पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनके पास से मिले मोबाइल फोन में मौरंग और गिट्टी ले जाने वाले ट्रकों को अधिकारियों का लोकेशन देने के साक्ष्य मिले थे। इसी के बाद एसटीएफ लखनऊ ने पूरे नेटवर्क को खंगालना शुरू किया और अलग-अलग टीम बनाकर फतेहपुर, उन्नाव और कानपुर में दबिशें दीं।
गिरफ्तार आरोपियों में ये शामिल
नियाज अहमद उर्फ अमन निवासी हिरन नगर, उन्नाव
तारिक हुसैन निवासी हिरन नगर, उन्नाव
सुनील सचान निवासी जवाहर नगर, घाटमपुर
प्रदीप सिंह निवासी स्योंदी ललईपुर, घाटमपुर
श्रीकृष्ण निवासी मौदहा, हमीरपुर
एफआईआर और कार्रवाई
एसटीएफ टीम की तहरीर पर सदर कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। कोतवाल संजीव कुशवाहा ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल से ऑनलाइन लेनदेन के कई साक्ष्य मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।
सरगना अब भी फरार
सूत्रों मुताबिक मुख्य सरगना पकड़े गए एक आरोपी का बड़ा भाई बताया जा रहा है, वो छापेमारी की भनक मिलते ही फरार हो गया है। बताया जा रहा है कि उसके तार कई जिलों तक फैले हैं और वह बड़े पैमाने पर ओवरलोडिंग से हर महीने लाखों की वसूली करता था। एसटीएफ उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
जांच में सफेदपोशों के नाम सामने आने के संकेत
एसटीएफ उपनिरीक्षक राहुल परमार ने कहा कि जांच जारी है और इस गोरखधंधे में कई सफेदपोशों के नाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी जांच में नामित होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। परमार ने कहा कि ओवरलोडिंग और अवैध खनन से राजस्व को भारी नुकसान होता है और सड़क सुरक्षा का भी नुकसान होता है, इसलिए शासन स्तर पर निर्देश पर यह कार्रवाई की गई।
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