सिस्टम को 'ठेंगा' दिखाकर 4 साल तक चला 'मौत का धंधा'! : सिस्टम को 'ठेंगा' दिखाकर 4 साल तक चला 'मौत का धंधा'! जिंदा लोगों को कागजों में मारा
THE LUCKNOW TIMES
Thu, Nov 6, 2025
उत्तर प्रदेश बरेली: दअरसल बरेली जनपद (आंवला) में सरकारी सिस्टम की आंख में धूल झोंककर चार साल तक एक सनसनीखेज करोड़ों रुपये का पेंशन घोटाला चलता रहा। यह गिरोह जिंदा लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में 'मृत' (मरा हुआ) घोषित करके उनकी वृद्धावस्था/विधवा पेंशन की राशि अपने खातों में ट्रांसफर करवा रहा था।
₹1.23 करोड़ का बड़ा घपला: पुलिस के अनुसार, इस "मौत के धंधे" से 1 करोड़ 23 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम उड़ा ली गई।
ठगों की शातिराना चाल: इस घोटाले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि इस धंधे को चलाने वाले मुख्य आरोपी ने भी खुद को सरकारी कागज़ों में 'मुर्दा' साबित कर दिया था ताकि वह पकड़ में न आए।
शिकायत से पर्दाफाश: यह पूरा खेल तब उजागर हुआ जब कुछ पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई। बरेली के आंवला थाने की पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की।
4 आरोपी गिरफ्तार: बरेली एसपी नार्थ, अंशिका वर्मा ने बताया कि पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में शामिल हरीश कुमार, शांति स्वरूप, मनीष और प्रमोद नामक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि चार साल तक 'जीवन प्रमाण पत्र' और सत्यापन (Verification) की प्रक्रिया को पार करके यह गिरोह इतने बड़े स्तर पर करोड़ों का फर्जीवाड़ा कैसे करता रहा, जो सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। पुलिस अब सिस्टम के भीतर शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
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