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प्रेम संबंध, मुकदमा और फिर हत्या... : उन्नाव के अस्पताल संचालक ने रची थी पूरी साजिश, यूट्यूबरों की भूमिका भी जांच के घेरे में

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Thu, Jun 4, 2026
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कानपुर से बुलाकर स्कॉर्पियो में की हत्या, शव बुलंदशहर में फेंका; भतीजे की गिरफ्तारी के बाद खुली परत-दर-परत कहानी

आत्मसमर्पण से पहले बचने की कोशिश, झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को किया गुमराह

उन्नाव/कानपुर। कानपुर के बर्रा क्षेत्र से लापता हुई युवती की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस का दावा है कि उन्नाव के शेखपुर स्थित एक निजी अस्पताल के संचालक देवकांत उत्तम ने अपने खिलाफ दर्ज यौन शोषण के मुकदमे से नाराज होकर युवती की हत्या की साजिश रची थी। हत्या के बाद शव को सैकड़ों किलोमीटर दूर बुलंदशहर में फेंककर पहचान मिटाने का प्रयास किया गया।पुलिस के अनुसार युवती की देवकांत से पहली मुलाकात फरवरी 2024 में हुई थी। उस समय वह उन्नाव में रहकर दारोगा भर्ती की तैयारी कर रही थी। तबीयत खराब होने पर वह इलाज के लिए शेखपुर स्थित उत्तम हॉस्पिटल पहुंची थी। आरोप है कि यहीं से दोनों के बीच संपर्क शुरू हुआ। अस्पताल में मोबाइल नंबर लेने के बाद देवकांत ने लगातार बातचीत शुरू की और शादी का भरोसा देकर युवती को अपने प्रभाव में ले लिया। जांच में सामने आया है कि देवकांत युवती को कई बार कानपुर और अन्य स्थानों पर ले गया। आरोप है कि शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए। बाद में जब युवती ने विवाह के लिए दबाव बनाया तो देवकांत बहाने बनाकर टालता रहा। इसी दौरान युवती गर्भवती हो गई। पुलिस के मुताबिक आरोप है कि अगस्त 2025 में उसका गर्भपात भी कराया गया। युवती द्वारा विरोध करने और शादी की मांग पर आरोपी ने उसे फोटो और वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देना शुरू कर दिया। मामला तब और गंभीर हो गया जब युवती ने 19 मई को उन्नाव कोतवाली में देवकांत के खिलाफ यौन शोषण का मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस का कहना है कि इसी मुकदमे के बाद आरोपी ने युवती को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

मिलने के बहाने बुलाया, कार में ही ले ली जान

जांच के अनुसार 21 मई को देवकांत ने अपने भतीजे विवेक पटेल से युवती को फोन कराकर बर्रा बाईपास पर बुलवाया। युवती के स्कॉर्पियो में बैठते ही उसे निशाना बनाया गया। कानपुर पुलिस के अनुसार कार के भीतर ही उसका गला दबाकर हत्या कर दी गई। उस समय वाहन विवेक चला रहा था जबकि देवकांत भी कार में मौजूद था। हत्या के बाद आरोपी शव लेकर उन्नाव पहुंचे। यहां अस्पताल के पास देवकांत उतर गया और शव को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी विवेक तथा अस्पताल के गार्ड अजीत सिंह को सौंप दी। दोनों शव लेकर गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते बुलंदशहर पहुंचे और जहांगीराबाद क्षेत्र के अल्हौड़ गांव स्थित आम के बाग में शव फेंककर लौट आए।

अज्ञात शव के रूप में हुआ अंतिम संस्कार

22 मई को बुलंदशहर की स्थानीय पुलिस को बाग में युवती का निर्वस्त्र शव मिला था। पहचान न होने के कारण पोस्टमार्टम के बाद शव का अज्ञात के रूप में अंतिम संस्कार करा दिया गया। दूसरी ओर युवती की मां लगातार बेटी की तलाश कर रही थीं। 24 मई को उन्होंने बर्रा थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। बाद में बुलंदशहर में मिले अज्ञात शव और युवती के लापता होने के मामले को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई गई। शव के हाथ में बंधे कलावे और नाक की कील के आधार पर मृतका की मां ने उसकी पहचान की पुष्टि की।

भतीजे ने पुलिस को गुमराह करने की रची थी कहानी

पुलिस के मुताबिक देवकांत के भतीजे विवेक ने जांच को भटकाने के लिए खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश की। उसने अपहरण और गोली मारने की झूठी कहानी गढ़ी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी पटकथा को तैयार करने में कुछ यूट्यूबरों की भूमिका भी सामने आई है। डीसीपी दक्षिण दीपेंद्रनाथ चौधरी के अनुसार आरोपियों की मदद करने वाले कुछ लोगों की पहचान हुई है। इनमें एक यूट्यूबर की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि विवेक ने खुद को बचाने के लिए अपने पेट की ऊपरी खाल पर तमंचे से गोली चलवाई थी ताकि मेडिकल जांच में फायरिंग की पुष्टि हो जाए और उसकी बनाई कहानी सच प्रतीत हो।

एनकाउंटर के डर से किया आत्मसमर्पण

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी देवकांत को यह अंदेशा हो गया था कि गिरफ्तारी तय है। उसे पुलिस कार्रवाई और संभावित एनकाउंटर का भी भय था। इसी वजह से वह एक यूट्यूबर और उसके साथियों के साथ थाने पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। फिलहाल पुलिस ने देवकांत और उसके भतीजे विवेक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अस्पताल का गार्ड अजीत सिंह फरार है। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि हत्या, साक्ष्य मिटाने, साजिश रचने और अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आरोपियों की मदद करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।एक अस्पताल में हुई मुलाकात से शुरू हुई कहानी प्रेम संबंध, यौन शोषण के आरोप, मुकदमे और फिर सुनियोजित हत्या तक पहुंच गई। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क और आरोपियों को संरक्षण देने वालों की भूमिका खंगाल रही है।

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Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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