जिला अस्पताल में फिर चोरी : इस बार उखाड़ ले गए पूरा लोहे का गेट
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Fri, Jan 23, 2026
28 गार्ड, पुलिस चौकी और सीसीटीवी के बावजूद सवालों में अस्पताल की सुरक्षा
उन्नाव। जिला अस्पताल परिसर में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला पोस्टमार्टम हाउस की ओर जाने वाले रास्ते का है, जहां सुरक्षा के लिए लगाया गया लोहे का गेट बुधवार रात चोर उखाड़ ले गए। गुरुवार सुबह जब कर्मचारियों की नजर पड़ी तो हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक चोरों का कोई सुराग नहीं लग सका। यह गेट ट्रॉमा सेंटर और पोस्टमार्टम हाउस के बीच मॉर्च्युरी के पास लगाया गया था, ताकि बाहरी लोगों की आवाजाही रोकी जा सके। हैरानी की बात यह है कि जिस इलाके में 28 सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, पास में पुलिस चौकी है और रात में गश्त भी होती है, वहां से पूरा लोहे का गेट दीवार से उखाड़कर ले जाया गया और किसी को भनक तक नहीं लगी। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि कोतवाली पुलिस को चोरी की तहरीर दी जा रही है। वहीं अस्पताल चौकी प्रभारी अंजनी सिंह का कहना है कि तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी।
पहले भी निशाने पर रहा है जिला अस्पताल
यह पहला मौका नहीं है जब जिला अस्पताल में इस तरह की घटना सामने आई हो। इससे पहले 15 दिसंबर 2025 की रात ट्रॉमा सेंटर के बाहर लगे ऑक्सीजन प्लांट से करीब 10 मीटर लंबी पाइप काटकर चोर ले गए थे। अगले दिन जब प्लांट चलाया गया तो ऑक्सीजन लीक होने से चोरी का पता चला। पाइप दोबारा लगवाने में करीब 35 हजार रुपये खर्च करने पड़े थे। उस वक्त भी सवाल उठे थे कि पुलिस चौकी, सेवानिवृत्त फौजियों की तैनाती और जगह-जगह लगे सीसीटीवी कैमरों के बावजूद चोरी कैसे हो गई।
एसी के आउटडोर चोरी होने के मामले भी अस्पताल प्रशासन के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। सात जून 2025 को ट्रॉमा सेंटर की अस्थि रोग ओपीडी में लगी एसी का आउटडोर चोरी हो गया था। इससे पहले 16 मई की रात ब्लड बैंक से चार एसी आउटडोर पार कर दिए गए थे। इन घटनाओं के बाद भी चोर बेखौफ रहे और 25 मई की रात डायग्नोस्टिक ब्लॉक की छत से दो और एसी आउटडोर ले उड़े।
30 जून 2025 को तो चोरों ने एंबुलेंस को भी नहीं बख्शा। जिला अस्पताल परिसर में खड़ी 108 एंबुलेंस (यूपी 32-बीजी-8802) की बैटरी रात में चोरी हो गई। एंबुलेंस चालक शिवकुमार और ईएमटी सुशील ने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। जांच भी कराई गई, लेकिन महीनों बीतने के बाद भी चोर पकड़ से बाहर हैं।
लगातार हो रही इन वारदातों ने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और तीमारदारों में भी असुरक्षा का माहौल है। अब देखना यह है कि लोहे का गेट चोरी होने के बाद प्रशासन और पुलिस इस बार क्या ठोस कदम उठाती है, ताकि अस्पताल परिसर में चोरियों पर लगाम लग सके।
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