चांदपुर में नकली खाद बेचने वालो का भंडाफोड़ : 50 रुपये की खाद 1350 में बेच रहे थे कारोबारी
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Sun, Nov 9, 2025
दही पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 234 बोरी बरामद, कई मजदूर और चालक पकड़े गए, संचालक फरार
उन्नाव। किसानों की जेब काटने वाला बड़ा खेल शुक्रवार की रात बेनकाब हुआ। जिला कृषि अधिकारी शशांक कुमार और दही थाना प्रभारी अवनीश कुमार सिंह ने संयुक्त छापेमारी में चांदपुर गांव के एक टिनशेड बने गोदाम से नकली खाद बनाने का गोरखधंधा पकड़ा। गोदाम में मजदूर सफेद बिना नाम की बोरियों से खाद निकालकर इफ्को डीएपी लिखी बोरियों में भर रहे थे और मशीन से सिलाई कर लोडरों में लाद रहे थे। टीम के पहुंचते ही वहां अफरातफरी मच गई। मौके से दो लोडर, उनके चालक और छह मजदूर पकड़े गए, जबकि इस धंधे का संचालक मौके से फरार हो गया। जांच में 234 बोरी नकली खाद, सिलाई मशीन, धागा और भारी मात्रा में खाली बोरियां बरामद की गईं।
डीएपी के नाम पर बिक रही थी नकली खाद
सूत्रों के मुताबिक, चमड़े की कतरन और रेत मिलाकर 50 रुपये में तैयार होने वाली यह नकली खाद इफ्को ब्रांड की बोरियों में भरकर 1350 रुपये प्रति बोरी बेची जा रही थी। बताया जा रहा है कि इस गिरोह की जड़ें जिले के कई हिस्सों तक फैली हैं। मुख्य संचालक कन्हई खेड़ा के पास किसी गांव में छिपकर यह काम कर रहा है और अन्य जगहों पर भी सप्लाई करता है।
डीएम बोले – पूरा गिरोह पकड़ा जाएगा
डीएम गौरांग राठी ने कहा कि जांच गहराई से कराई जा रही है। इस धंधे में जो भी शामिल होंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चालकों और मजदूरों से पूछताछ
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए चालकों और मजदूरों से पूछताछ की जा रही है, लेकिन वे संचालक का नाम नहीं बता पाए। पकड़े गए लोगों में अजगैन निवासी बृजेश कुमार, नवाबगंज के बरदही निवासी राजेंद्र लोधी, गांधीनगर के प्रिंस राजपूत, राजकुमार उर्फ कल्लू चौरसिया, अभिराज कुशवाहा, राजेश लोधी, शिवम वर्मा और रोहित बारी शामिल हैं। सभी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
गोदाम को सील कर सैंपल भेजे गए
बरामद खाद की बोरियों को सील कर गोदाम में ही रखवा दिया गया है। सैंपल लैब में भेजे गए हैं। प्रथम दृष्टया यह डीएपी जैसी नजर आ रही थी, लेकिन पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। गोदाम मालिक और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। लोडरों की जांच में एक का मालिक भगवंतपुर निवासी बउवा साहू बताया जा रहा है। पुलिस ने उसके बारे में भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस खुलासे के बाद पुलिस, कृषि और प्रदूषण विभाग की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक दही थाना क्षेत्र में कई छोटी-बड़ी खाद बनाने वाली छोटे छोटे प्लांट चल रहे हैं, जिन पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी बेहद कमजोर है। रासायनिक अपशिष्ट खुले में फेंके जा रहे हैं, जिससे पर्यावरण और जलस्रोत दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
अब यह संदेह गहराता जा रहा है कि कहीं इन्हीं फैक्ट्रियों से मिलावट का यह खेल तो नहीं चल रहा? चर्चा है कि सभी फैक्ट्रियों की जांच कराई जाए और जो भी इस अवैध कारोबार में शामिल मिले, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल जांच जारी है, लेकिन इस पूरे मामले ने जिले की प्रशासनिक कार्यशैली और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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