गेहूं खरीद में फिसड्डी निकला क्रय केंद्र : डीएम के औचक निरीक्षण में खुली पोल
Mon, Apr 27, 2026
बिचौलियों पर सख्ती और अधिकारियों को सुधार की मोहलत
उन्नाव। जिले में गेहूं खरीद की रफ्तार धीमी मिलने पर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। सोमवार को जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने नवीन मंडी स्थित गेहूं क्रय केंद्र का अचानक निरीक्षण किया, जहां व्यवस्थाओं और खरीद की स्थिति ने उन्हें संतुष्ट नहीं किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने केंद्र पर अब तक हुई खरीद, पंजीकृत किसानों की संख्या और उनके सत्यापन की स्थिति की जानकारी ली। जब उन्होंने यह पूछा कि किसानों को फोन कर केंद्र तक लाने के लिए क्या प्रयास किए गए, तो केंद्र प्रभारी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी। आंकड़ों ने भी स्थिति की हकीकत सामने रख दी। करीब पांच हजार क्विंटल के लक्ष्य के मुकाबले महज 855 क्विंटल गेहूं की खरीद होने पर डीएम ने इसे गंभीर लापरवाही माना। उन्होंने साफ कहा कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय मानी जाए। डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि क्रय केंद्र पर किसी भी तरह के बिचौलियों की भूमिका बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर ऐसी कोई शिकायत सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी को निर्देश दिए गए कि किसानों से सीधा संपर्क बढ़ाया जाए और उन्हें केंद्र तक लाने के लिए सक्रिय प्रयास किए जाएं। किसानों की सहूलियत पर भी प्रशासन ने जोर दिया। डीएम ने कहा कि केंद्र पर आने वाले किसानों को बैठने, पीने के पानी और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही गेहूं खरीद के बाद भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। सिटी मजिस्ट्रेट को यह जिम्मेदारी दी गई कि अब तक जिन किसानों से खरीद हुई है, उसका सत्यापन कराया जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
एक ही परिवार के दो घरों में एक रात में चोरी : शक के घेरे में परिचित युवक
Mon, Apr 27, 2026
फतेउल्ला नगर में करीब आधे घंटे के भीतर दो वारदात, जेवर और नकदी गायब; इलाके में बढ़ी चिंता
उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र के फतेउल्ला नगर में 19 अप्रैल की रात एक ही परिवार के दो घरों में चोरी की वारदात सामने आई है। दोनों घटनाएं करीब आधे घंटे के अंतराल में हुईं, जिससे आसपास के लोगों में डर और बेचैनी का माहौल है। पीड़ित परिवार ने एक परिचित युवक पर शक जताया है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पहली घटना मोहसिन के घर की है। परिवार के मुताबिक, वह रात करीब 10 बजे किसी काम से बाहर गए थे। कुछ देर बाद जब लौटे तो कमरे का सामान बिखरा मिला और अलमारी से सोने-चांदी के जेवर गायब थे। चोरी हुए सामान में हार, अंगूठियां, बिंदियां, मांग टीका, झूमर और चांदी के आभूषण शामिल बताए जा रहे हैं। अचानक हुई इस वारदात से परिवार के लोग घबरा गए। इसी के करीब आधे घंटे बाद, उसी इलाके में रहने वाले उनके रिश्तेदार मोबीन के घर भी चोरी हो गई। मोबीन परिवार के साथ मेला देखने गए थे। रात करीब 10:30 बजे लौटने पर उन्हें घर का ताला खुला मिला और अंदर से जेवरात के साथ करीब 7 हजार रुपये नकद गायब थे। यहां से भी सोने-चांदी के कई गहने जैसे हार, बुंदे, नथ, पायल, कंगन और अन्य सामान चोरी होने की बात सामने आई है। दोनों पीड़ितों का कहना है कि घटना के समय इलाके में एक युवक संदिग्ध हालत में घूमता दिखा था। उन्होंने उसी पर शक जताया है, जो कथित तौर पर टावर से जुड़ा काम करता है और आसपास आता-जाता रहता है। परिवार का मानना है कि उसे घर और दिनचर्या की जानकारी हो सकती है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि दोनों घटनाओं को जोड़कर देखा जा रहा है और शक के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपी तक जल्दी पहुंचा जा सके। एक ही रात में दो घरों को निशाना बनाए जाने से इलाके के लोग भी सतर्क हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में गश्त बढ़ाई जानी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। इधर शहर कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने कहा कि जांच की जा रही है जल्द खुलासा किया जाएगा।
सैनिक की जमीन पर कब्जे का आरोप : कलेक्ट्रेट पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार
Mon, Apr 27, 2026
विरोध करने पर धमकी देने का आरोप, डीएम ने जांच के दिए निर्देश
उन्नाव। जिले के नवाबगंज कस्बे से जमीन कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक भारतीय सैनिक ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का आरोप लगाया है। ड्यूटी पर तैनात सैनिक जब घर की जमीन के हालात से परेशान हुआ तो सोमवार को अपनी मां के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा और जिलाधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। पीड़ित का कहना है कि उसकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने जमीन पर कब्जा कर लिया। जब परिवार की ओर से इसका विरोध किया गया तो कथित तौर पर धमकियां भी दी गईं। सैनिक ने आरोप लगाया कि मामला सामने आने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे दबंगों के हौसले बढ़े हुए हैं। सैनिक ने यह भी कहा कि वह देश की सेवा में सीमाओं पर तैनात रहता है, ऐसे में पीछे उसकी संपत्ति सुरक्षित रहना प्रशासन की जिम्मेदारी है। लेकिन यहां उल्टा हाल यह है कि उसकी पुश्तैनी जमीन ही कब्जे में चली गई। मामले में हसनगंज तहसील प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि कई बार अवगत कराने के बावजूद अब तक न तो कब्जा हटवाया गया और न ही आरोपियों पर कोई सख्त कार्रवाई की गई। कलेक्ट्रेट में फरियाद लेकर पहुंचे सैनिक की बात सुनने के बाद जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने मामले को गंभीर माना है। उन्होंने अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि यदि शिकायत सही पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जांच कितनी जल्दी पूरी होती है और पीड़ित सैनिक को उसकी जमीन वापस मिल पाती है या नहीं।